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पूर्व सचिव संतोष कुमार को 07 वर्ष एवं ठेकेदार सफीउल्ला खान को 05 वर्ष की सजा का कारावास

पूर्व सचिव संतोष कुमार को 07 वर्ष एवं ठेकेदार सफीउल्ला खान को 05  वर्ष की सजा का कारावास

ग्राम पंचायत मेहरा खापा का है मामला


सिवनी। गोंडवाना समय। 

जिला सिवनी के जनपद पंचायत सिवनी के अंतर्गत ग्राम पंचायत मेहराखापा पुलिस थाना कन्हीवाड़ा के अंतर्गत का यह फजीर्वाड़ा का मामला वर्ष 2014 का है।
        ग्राम पंचायत मेहरा खापा के सचिव मोहनलाल डेहरिया के द्वारा पुलिस थाना कानहिवाड़ा में लिखित शिकायत दी गई की पूर्व सचिव संतोष कुमार एवं सरपंच कमला अहाके के द्वारा ठेकेदार हबीबुल्ला खान तथा सफीउल्ला खान को ग्राम पंचायत के आधिपत्य में खसरा क्रमांक 253 पर 05 एकड़ के तालाब में मछली पालने और पकड़ने का ठेका देने के लिए ग्राम पंचायत मेहरा खापा के ग्राम सभा दिनांक 15/08/14 को पारित हुए 08 प्रस्ताव में तालाब को लीज पर देने का प्रस्ताव पारित नहीं हुआ था परंतु बाद में सचिव संतोष के द्वारा ग्राम सभा रजिस्टर के रिक्त स्थान पर 09 वां फर्जी प्रस्ताव लिखकर उक्त तालाब का ठेका आरोपी सफीउल्ला खान एवं हबीउल्ला खान को दिया गया तथा ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव के द्वारा उपरोक्त ठेकेदारों के साथ पूर्व दिनांक का फर्जी अनुबंध किया गया जबकि उक्त दिनांक को वह दोनों उक्त पद पर नहीं थे।  

लाखों रुपए का नुकसान पहुंचाया गया 

माननीय न्यायालय में उक्त प्रकरण के संबंध में हुई सुनवाई व निर्णय की जानकारी देते हुये श्री मनोज कुमार सैयाम, मीडिया प्रभारी अभियोजन सिवनी ने बताया कि उक्त अनुबंध पत्र  एवं फर्जी लीज के आधार पर ठेकेदार सफीउल्ला खान एवं हबीबुल्ला खान के द्वारा मत्स्य विभाग से अनुमति प्राप्त कर उक्त तालाब से  लाखों रुपए की मछली निकाली गई।
                इस प्रकार अवैध लाभ अर्जित किया गया और ग्राम पंचायत को भी लाखों रुपए का नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस के द्वारा तत्कालीन सचिव संतोष कुमार तथा तत्कालीन सरपंच कमला आहाके एवं ठेकेदार सफीउल्लाह खान एवं हबीबुल्लाह खान के विरुद्ध फजीर्वाड़ा के अपराध में  माननीय न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया था। सुनवाई के दौरान आरोपी हबीउल्ला की मृत्यु हो गई।          

गवाह और सबूतो को न्यायालय के समक्ष रखा गया

जिला सिवनी के माननीय विद्वान न्यायाधीश श्रीमान लक्ष्मण कुमार वर्मा प्रथम अपर सत्र न्यायालय के द्वारा विचारण किया गया। सुनवाई के दौरान आरोपी हबीउल्ला की मृत्यु हो गई। मामले में शासन की ओर से एजीपी नेतराम चौरसिया एवं वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी श्री लोकेश कुमार घोरमारे के द्वारा गवाह और सबूतो को न्यायालय के समक्ष रखा गया।
                        जिस पर माननीय विद्वान न्यायालय द्वारा तत्कालीन सरपंच कमला अहाके के विरुद्ध साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त किया गया और आरोपी सफीउल्ला खान पिता हबीबुल्ला खान निवासी मेहराखापा को धारा 420/120 (बी)  भा०द०वि० के अपराध में 05 वर्ष, का सश्रम कारावास एवं धारा 471 भा०द०वि० में 02 वर्ष, का सश्रम कारावास एवं कुल 3000 अर्थ दंड तथा आरोपी संतोष कुमार पिता फकीर लाल कुमरे निवासी मेहराखापा को, धारा 467/120 (बी) भा०द०वि० के अपराध में 07 वर्ष , धारा=468 भा०द०वि० में 05 वर्ष , एवम कुल 4000 रुपए के अर्थदंड से दंडित करने का निर्णय दिनांक 25/08/26 को सुनाया है।   


 

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