निर्माण के 120 दिनों में ही बीच से फटने लगी 98 लाख की सीसी रोड
विकास के नाम पर खोखले नजर आ रहे हैं दावे
सुजीत प्रजापति संवादाता
नैनपुर। गोंडवाना समय। नगर में एक और नगर पालिका में बैठी युवा सरकार चुनाव के पहले बड़े बड़े दावे करते नजर आ रही थी वहीं 1 साल के भीतर ही नैनपुर नगर की स्थिति मानो ऐसी हो गई है जैसे अंधेर नगरी चौपट राजा इस सरकार के द्वारा जितनी भी रोड है और करोड़ के निर्माण कराए जा रहे हैं सभी निर्माण केवल नाम मात्र के ही चाहे हम रोड का निर्माण की बात करें या नाली निर्माण की सभी केवल नाम मात्र के निर्माण में शामिल होते नजर आ रहे हैं कहीं नाली टूटती नजर आ रही है तो कहीं रोड फटती नजर आ रही है उन्हें में से एक उदाहरण के रूप में ? नगर के वार्ड नम्बर 14 की सीसी रोड भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई।यह रोड 98 लाख की लागत से ठेकेदार मनीष पड़वार द्वारा बनाई गई लेकिन निर्माण के कुछ ही दिनों बाद यह रोड अभी से बीच से फटने लगी है। रोड में अभी से दरारे दिखने लगी है, जिससे राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। खास बात तो यह है निर्माण कार्य काफी घटिया क्वालिटी का होने की वजह से वह अभी से दरारे नजर आने लगी है। स्थिति यह है कि सड़क जगह-जगह फटने लगी है। साथ ही टूटने भी लगी हैं लेकिन नगर पालिका इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। लाखों रुपये के निर्माण कार्य में गुणवत्ता को दरकिनार कर सीसी रोड बनाई गई। इसमें वार्ड नंबर 14 की रोड, क्षेत्र की सीसी सड़क प्रमुख हैं। सड़क निर्माण को अभी कुछ ही दिन हुए थे कि सभी सड़कें जर्जर होने लगी हैं ओर टूटने भी लगी है जानकारी के मुताबिक किसी भी सीमेंटीकृत सड़क में मुख्य रूप से दो कारणों से दरारे आती हैं। इसमें पहली यदि एजेंसी द्वारा सीमेंट की हेराफेरी की जाए या निर्धारित से कम सीमेंट डाला जाए। वहीं नीचे मिट्टी होने की स्थिति बेस तैयार करने के दौरान डस्ट की परत मजबूत न हो। इस मामले में दोनों ही कारणों में लापरवाही बरती गई तभी तो माह भर में सड़क खराब होनी शुरू हो गई है।
पानी तराई में खानापूर्ति
दरअसल तकनीकी अधिकारियों की मानें तो सीसी सड़क निर्माण के बाद उसमें कम से कम 20 से 25 दिनों तक लगातार पानी दिया जाना जरूरी होता है अन्यथा सीसी सड़क मजबूत नहीं रहती। ठेकेदार ने इस बात का ध्यान नहीं दिया है। वहीं नगर में निर्मित सभी सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है। वहीं सड़क बनाते समय पानी के बहाव का ध्यान नहीं रखा गया। इसी का नतीजा था कि बरसात में सड़क पर जगह-जगह पानी भरने लगे। उल्लेखनीय है कि नगर पालिका द्वारा पिछले 5से 6 माहपहले सीसी रोड का निर्माण ठेकेदारों द्वारा कराया गया था। निर्माण के महीने भर के अंदर ही इस रोड की परत उखड़ने लगी। जगह-जगह गिट्टी दिखना शुरू हो गया है। सड़कें उबड़-खाबड़ होना शुरू हो गई हैं। नगर में हो रहे गुणवत्ताहीन कार्यों लेकर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं, जिसमें मुख्य तौर पर नगर की सीसी सड़कों की गुणवत्ता सामने आने से अब नगरवासी भी नगर पालिका के कार्य से परेशान हैं। करा़ेडों की सड़क को गुणवत्ताहीन बना दिया गया। वार्डवासियों का कहना है कि सड़क पांच-दस साल के लिए बनाई जाती है पर यह तो महीने भर में परत उखड़ने लगी है। ओर बरसात में तो हाल बेहाल थे तत्काल इसे ठीक करना चाहिए, नहीं तो समस्या और बढ़ जाएगी।
