Tuesday, May 18, 2021

गोंडवाना समय ई पेपर 18 मई 2021

Sunday, May 16, 2021

गोंडवाना समय ई पेपर 16 मई 2021

Saturday, May 15, 2021

झाबुआ जोबट मार्ग से बोरी रोड़ (फुटतालाब फाटक) निर्माण में ही उगल रही उपयंत्री, ठेकेदार, विभाग के भ्रष्टाचार का सच

झाबुआ जोबट मार्ग से बोरी रोड़ (फुटतालाब फाटक) निर्माण में ही उगल रही उपयंत्री, ठेकेदार, विभाग के भ्रष्टाचार का सच

क्षेत्रिय ग्रामीणजनों को सड़क सुविधा के नाम पर कर रहे गुमराह


सवांददाता, विशाल चौहान
जोबट/अलीराजपुर। गोंडवाना समय।

अलिराजपुर जिले में प्रत्येक विकास खण्ड स्तर पर जगह जगह गावं को गांव से जोड़ने व ग्रामीण सड़क को स्टेट सड़क से जोड़ने के लिए केन्द्र शासन व म.प्र, शासन के सहयोग से प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत टेंडर स्वीकृत कर ठेकेदारों द्वारा करोड़ो अरबो रुपया सड़क निर्माण के नाम पर व्यय करते आ रहा है ताकि ग्रामीण आमजन को गांव से शहर व शहर से गावं की और आसानी से आने जाने में सुविधा हो  सके। वहीं सड़क निर्माण कार्य की धरातल पर पड़ताल करने से स्थिति स्पष्ट नजर आ रही है कि ठेकेदार सड़क निर्माण कार्य में तकनीकि मापदण्ड को दरकिनार करते हुये आर्थिक अनियमितता का डामर पोतकर लीपा पोती करने में लगा हुआ है। 

पेटी कान्टेट व क्युब मीटर पर कार्य देकर घटीया कार्य करवा रहा कार्य 


इसी प्रकार का मामला उदयगढ़ क्षेत्र में झाबुआ जोबट मार्ग से बोरी रोड़ (फुटतालाब फाटक) तक करीब 12,55 किलो मीटर सड़क निर्माण कार्य मे देखा जा सकता है। जैसे स्वंय ठेकेदार ने अपने  स्वीकृत टेडंर अनुसार निर्मित सड़क व कार्य  स्थल पर इन्फोरमेशन बोर्ड में टेडंर स्वीकृत राशि 7 करोड़ 38 लाख 72 हजार मे ंकुल 46 छोटे बडे़ Þ पुलिया निर्माण व सड़क डामरीकरण से पूर्व अर्थवर्क सहित क्या-क्या करना है। सब बोर्ड पर चस्पा किया गया किन्तु ठेकेदार अन्य छोटे ठेकेदारों को पेटी कान्टेट व क्युब मीटर पर कार्य देकर घटीया कार्य करवा रहा है। 

पुराने डामरीकरण सड़क पर ही कर रहे डामरीकरण 


पुलिया निर्माण में पानी की तराई का भी उपयोग नहीं के बराबर किया जा रहा है तथा स्लेप पुलिया मे 10 एम-एम व 12 एम-एम सरीया का उपयोग कर पुलिया काफी कमजोर व घटिया बनाई जा रही है। साथ ही बीच बीच मे वर्षो पुराने जर्जर हो रहे पाईप वाले पुलिया का नव निर्माण नहीं करते हुए। पुराने डामरीकरण सड़क पर ही डामरीकरण किया जा गया है। जबकि प्रतिनिधि की पड़ताल मे पाया कि ठेकेदार इस मार्ग पर 46 पुल पुलिया निर्माण के बजाय 28 पुलिया का ही निर्माण किया है। जिसमे 12 पुलिया का निर्माण अभी प्रगति पर है। 

बिना कोई अर्थवर्क या डामर उखाडेÞ ही बना रहे सड़क 

शेष 8 किलो मीटर मार्ग छोड़कर केवल 4 किलो मीटर का मार्ग पर अर्थ वर्क कार्य जारी है। जिसमे भी टेंडर प्रकिया की शर्तो पर कार्य नहीं करते हुए घटिया कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही 8 किलो मीटर जो सड़क मार्ग पूर्व से बना हुआ था। वह सड़क मार्ग जर्जर हो चुका था। उस जर्जर सड़क पर बिना कोई अर्थवर्क या डामर उखाडेÞ ही उप यंत्री अमीचंद की देख रेख में पूर्व डामर पर ही डामरीकरण किया जा कर ठेकेदार ने अपने कार्य की इति श्री कर ली है। प्रधानमंत्री सड़क योजना कार्य मे सबंधित विभाग व ठेकेदार मिलकर शासन को खुले आम चुना लगा रहे है।

46 के बजाय 28 पुलिया का ही किया जा रहा निर्माण 


जबकि इस मार्ग पर स्वयं ठेकेदार  द्वारा इन्फोर्मेशन बोर्ड चस्पा कर यह दशार्या है कि 46 पुलिया निर्माण सहित करीब 12.55 किलो मीटर का सड़क निर्माण कार्य निर्धारित 12 माह में पूरा किया जाना तय है पर अभी कार्य प्रारम्भ किये करीब आठ माह बीत चुके है, अब केवल चार माह मे ठेकेदार को यह कार्य पूरा करना है जो असम्भव सा प्रतीत होता है। अब सवाल यह उठ रहा है कि मार्ग पर सुचना बोर्ड से यह स्पष्ट है कि ठेकेदार को इस मार्ग पर 46 पुलिया निर्माण व 12.55 किलोमीटर का सड़क निर्माण लागत राशि 7 करोड़ 38 लाख 72 हजार मे तयशुदा टेंडर प्रकिया में पूरा करना है तो फिर ठेकेदार द्वारा 8 किलोमीटर पुराने कार्य को नवीनीकरण व शेष 4 किलोमीटर नवीन कार्य क्यू किया जा रहा है तथा 46 के बजाय 28 पुलिया का ही निर्माण किया जा रहा है। जबकि इस मार्ग पर ऐसे कई पुलिया जो काफी वर्षो पुराने होकर जर्जर हो चुके है। उसके उपर ही ठेकेदार ने डामरीकरण कर दिया। इस प्रकार चल रहे सड़क निर्माण से क्षेत्र के आदिवासी ग्रामीण जनता यह समझ ही नहीं पा रही है कि हमारे गाव मे बनने वाली सड़क नव निर्मित है या पुरानी ही सड़क को नवीनीकरण किया जा रहा है। इस बात को लेकर आम जनता असमंजस की स्थति मे है वहीं क्या संबंधित विभाग या जिला प्रशासन यह स्पष्ट कर पायेगा कि आखिर माजरा क्या है।

उपयंत्री और ठेकेदार कर रहे गुमराह 


इस सबंध मे जब प्रतिनिधि ने अमीचंद निगवाल, म.प्र ग्रामीण सड़क विकास, प्राधिकरण (अलिराजपुर)   उपयंत्री से चर्चा की गई तो उन्होने गोल माल जवाब देते हुए बताया कि गाव की छोटी सड़को को बड़ी सड़को से जोडा़ जा रहा है। इसलिए इस मार्ग  8 किलो मीटर पर डामर पर डामर डाला जा कर मार्ग का नवीनीकरण किया है। शेष 4.55 किलो मीटर सड़क का अर्थ वर्क व 28 पुलिया का निर्माण कार्य नियमानुसार टेडंर प्रक्रिया की शर्तो अनुसार कार्य करने की बात कही गई। इस सबंध में जब गणेश कान्ट्रेक्शन हिम्मत नगर (गुजरात)ठेकेदार भवानी सिह बाघेला से बात की तो उन्होने 3.800 किलो मीटर नवीन कार्य व शेष सड़क कार्य पुराना (रिनिवल) कार्य होना बताया। 

नीलेश बघेल घर-घर जाकर गरीबों के खाते से अंगूठा लगाकर जनता को लगा रहा चुना

नीलेश बघेल घर-घर जाकर गरीबों के खाते से अंगूठा लगाकर जनता को लगा रहा चुना


सिवनी। गोंडवाना समय। 

बरघाट तहसील के ग्राम पंचायत जाम निवासी नीलेश बघेल पिता ताम सिंह बघेल जो प्रायवेट कंपनी की आधार कार्ड द्वारा मोबाइल द्वारा पैसे निकासी की आईडी लेकर भोली भाली जनता व आदिवासी समाज के गरीब जनता के खातों से पैसे निकालने का काम करता है जो मौके का फायदा उठा कर गरीब आदिवासी समाज के लोगो को घर घर जाकर पैसे निकाल कर चूना लगा रहा है। ग्राम के श्री जकीर कुमरे व श्रीमती मिल्का बाई कुमरे के खाते से जकीर कुमरे के बैंक आफ महारास्ट्र खाते से दो बार अंगूठा लगाकर बारी बारी अंगूठा लगा कर 2000 व 600 रुपये 13 मई 2021 को निकाला खाता धारक को मात्र 600 रुपये दिया। जकीर कुमरे के बार बार पूछने पर बोला इतना ही पैसा आया है 2000 निकाल कर घर चला गया।

मोहल्ले वालों की मदद से खुली नीलेश बघेल की पोल 

वही जब मिल्का बाई के खाते से दो बार अंगूठा लगा कर 600 व 2600 निकाल लिया 600 रुपये देकर बोला पेंशन आयी है, बस इसके अलावा कोई पैसा नहीं आया है परंतु नीलेश बघेल द्वारा 2600 अतिरिक्त राशि निकाल कर दोनों को 2000 व 2600 का चूना लगा कर निकल गया। वहीं जब उक्त दोनों लोगो को शंका होने पर उन्होंने बैंक में जाकर पता लगाया कि उनके बैंक आफ महाराष्ट्र खाता से 13 मई को राशि अधिक निकली गयी है जो मिली नहीं है, उससे अधिक निकली गयी है और हमे मिली भी नही है। जब नीलेश बघेल का गोलमाल का मामला खुला और गरीबो ने मोहल्ले के लोगो की मदद से पूछताछ की गई जिसमें खुलासा हुआ।


बसंल सकलेचा अस्पताल की खुली लूट, 40 प्रतिशत अधिक राशि लेने के बाद भी अधिकारी दे रहे छूट

बसंल सकलेचा अस्पताल की खुली लूट, 40 प्रतिशत अधिक राशि लेने के बाद भी अधिकारी दे रहे छूट 

कोरोना संक्रमित मरीजों से लूटपाट व मनमानी को नहीं रोक पा रही सरकार  


सिवनी/भोपाल। गोंडवाना समय। 

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा समीक्षा बैठकों में बार-बार निजी अस्पतालों के द्वारा ली जाने वाले शुल्क को लेकर हिदायत दी जा रही है कि शासन द्वारा निर्धारित पैकेज के अनुसार ही निजी अस्पताल कोरोना संक्रमित मरीजों से उपचार की राशि ले वहीं अधिक राशि लेने पर कार्यवाही करने के साथ ही संबंधित मरीज को वापस दिलाये जाने की बात भी उन्होंने कहा है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में  स्थित बंसल सकलेचा अस्पताल के द्वारा कोरोना संक्रमित मरीज से पैकेज से अधिक 40 प्रतिशत राशि ली गई है। जिसे जांच में स्थानीय प्रशासन ने भी पाया है परंतु इसके बाद भी 40 प्रतिशत अधिक राशि को मरीज को वापस बंसल सकलेचा अस्पताल नहीं दे रहा है वहीं इस मामले में भोपाल के तसहीलदार श्री संतोष मुदगल भी बसंल सकलेचा अस्पताल से मरीज को राशि वापस दिलाने की बजाय अस्पातल के बचाने का प्रयास कर रहे है। वहीं सीएम हेल्प लॉइन में दर्ज शिकायत को विलोपित कराकर बंद कराने का प्रयास किया जा रहा है। 

9 दिन भर्ती व उपचार पर 2 लाख 16 हजार 113 रुपए ले लिये 

श्री मनीष कुमार शेन्डे से बंसल कोरोना सकलेचा अस्पताल भोपाल में 17 अप्रैल 2021 को कोरोना संक्रमित होने के कारण भर्ती हुये थे । जहां पर वे 9 दिनों तक भर्ती रहे इस दौरान बंसल कोरोना सकलेचा अस्पताल द्वारा श्री मनीष कुमार शेन्डे से 2 लाख 16 हजार 113 रुपए की राशि लिया गया। जबकि शासन द्वारा निर्धारित पैकेज के अनुसार उनसे ज्यादा राशि ली गई तो उन्होंने इसकी शिकायत सी एम हेल्प लॉइन में 8 मई 2021 को दर्ज कराया था। 

40 प्रतिशत राशि अधिक लिये जांच में प्रमाणित हुआ 

सीएम हेल्पलॉइन में शिकायत दर्ज होने के बाद जब जांच की गई तो जांच में यह पाया गया कि बसंल सखलेचा अस्पताल द्वारा कोविड बीमारी में पैकैज से अधिक राशि वसूल की गई। इस संबंध में जांच करते हुये बसंल अस्पताल से इसका कारण के संंबंध में रिपोर्ट लिया गया तो उन्होंने जवाब प्रस्तुत किया कि सामान्य इलाज की तुलना में शासन के निर्देशानुसार निर्धारित पैकेज से अधिक 40 प्रतिशत राशि ली गई है। जांच में उक्त बात प्रमाणित पाई गई। 

तहसीलदार बुला रहे मरीज को भोपाल 

हम आपको बता दे कि कोरोना संक्रमित मरीज मनीष कुमार शेन्डे ने बसंत सकलेचा अस्पताल द्वारा पैकेज से अधिक 40 प्रतिशत राशि लिये जाने की सीएम हेल्प लॉइन में शिकायत दर्ज कराया तो उसके बाद जांच में भी 40 प्रतिशत राशि प्रमाणित पाया गया है। इस संबंध में तहसीलदार श्री संतोष मुदगल के द्वारा मरीज को भोपाल बुलाया जा रहा है। जबकि 40 प्रतिशत राशि मरीज के खाते में भी डलवाई जा सकती है। जबकि वहीं इस मामले में शासन प्रशासन को पैकेज से अधिक राशि वसूलने वाले अस्पतालों पर कड़ी कार्यवाही करना चाहिये लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। शासन प्रशासन के अधिकारी निजी अस्पतालों का बचाव करने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे है। यही स्थिति बसंत सकलेचा अस्पताल के मामले में भी प्रयास किया जा रहा है। वहीं इस संंबंध में जानकारी लेने के लिये जब तहसीलदार श्री संतोष मुदगल को गोंडवाना समय द्वारा उनके मोबाईल नंबर 9479884832 पर फोन लगाया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। 

गोंडवाना समय ई पेपर 15 मई 2021

Friday, May 14, 2021

मीडियाकर्मियों व उनके परिवार के सदस्यों को बड़ी राहत, मुख्यमंत्री ने की कोरोना के नि:शुल्क इलाज की घोषणा

मीडियाकर्मियों व उनके परिवार के सदस्यों को बड़ी राहत, मुख्यमंत्री ने की कोरोना के नि:शुल्क इलाज की घोषणा

जनता तक जानकारियाँ पहुँचाने में कई मीडियाकर्मी हुए है संक्रमित

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस योजना में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के संपादकीय विभाग में कार्य कर रहे सभी पत्रकार, डेस्क में पदस्थ पत्रकार साथी, कैमरामेन, फोटोग्राफर सभी को कव्हर किया जाएगा।


भोपाल। गोंडवाना समय।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश के प्रिंट, इलेक्ट्रानिक और डिजिटल मीडिया के सभी अधिमान्य या गैर-अधिमान्य मीडियाकर्मी और संपादकीय विभाग के कर्मचारियों तथा इनके परिवार के सदस्यों के कोरोना से प्रभावित होने पर उनका नि:शुल्क उपचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सभी मीडिया के साथी कोरोना महामारी के काल में जन-जागृति का धर्म निभा रहे हैं। मीडिया साथयों के परिवार के कोरोना इलाज की चिंता भी सरकार करेगी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने निवास पर जारी वीडियो वाइट में यह बात कही।

मीडियाकर्मी संक्रमित भी हुए हैं, कुछ का दु:खद स्वर्गवास भी हो गया

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कोरोना संक्रमण के इस विकट संकट में हमारे मीडिया के साथी दिन और रात अपने कर्तव्य का निर्वहन पूरे समर्पण और निष्ठा के साथ कर रहे हैं। जनता तक जानकारियाँ पहुँचाने के अपने धर्म का निर्वहन करते-करते कई मीडियाकर्मी संक्रमित भी हुए हैं, कुछ का दु:खद स्वर्गवास भी हो गया है। ऐसे में यह आवश्यक है कि जो कोरोना संक्रमित हैं, उनके इलाज की उचित व्यवस्था हो। यदि कोई मीडियाकर्मी या उसके परिवार का सदस्य कोरोना संक्रमित होता है तो उसे उसके हाल पर नहीं छोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस योजना में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के संपादकीय विभाग में कार्य कर रहे सभी पत्रकार, डेस्क में पदस्थ पत्रकार साथी, कैमरामेन, फोटोग्राफर सभी को कव्हर किया जाएगा।

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