Monday, January 24, 2022

गोंडवाना समय ई पेपर 24 जनवरी 2022

Sunday, January 23, 2022

राकेश धुर्वे (रॉकी) बने बबलिया भाजयुमो मंडल उपाध्यक्ष

राकेश धुर्वे (रॉकी) बने बबलिया भाजयुमो मंडल उपाध्यक्ष 


मंडला/बबलिया। गोंडवाना समय। 

केन्द्रीय मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते की सहमति से भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष भीष्म द्विवेदी के निदेर्शानुसार युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष आशीष झारिया, मंडल अध्यक्ष संजय सोनी एवं युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष भागवत यादव द्वारा बबलिया भाजयुमो मंडल की कार्यकारणी घोषित की गई है।
        


 जिसमें मण्डल उपाध्यक्ष पद पर राकेश धुर्वे (रॉकी) व हरि वरकड़े, महामंत्री के पद पर सुदर्शन उइके, मंत्री गोलू बैरागी, यशवंत विश्वकर्मा, कोषाध्यक्ष विजय मार्को, सोशल मीडिया प्रभारी दिलीप सहित 21 कार्यकरणी युवा सदस्य कार्यकतार्ओं की नियुक्ति की गई है। 

नवनियुक्त पदाधिकारियों को दी बधाई शुभकामनायें 

भाजयुमो मंडल की कार्यकारिणी बैठक में रामप्यारे कुलस्ते, जानकी देवी धुर्वे, संजीत पांडे, संजय सोनी, बाबूलाल यादव, भागवत यादव सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। बबलिया युवा मोर्चा कार्यकारिणी के गठन पश्चात नवनियुक्त पदाधिकारियों को भारतीय जनता पार्टी के समस्त वरिष्ठ पदाधिकारियों सहित कार्यकतार्ओं ने बधाई व शुभकामनायें दिया है। 

भाजपा जिला अध्यक्ष आलोक दुबे आखिर क्यों खुलकर विकास के इस निर्माण कार्य में आगे नहीं आ रहे है-लक्ष्मी कश्यप

भाजपा जिला अध्यक्ष आलोक दुबे आखिर क्यों खुलकर विकास के इस निर्माण कार्य में आगे नहीं आ रहे है-लक्ष्मी कश्यप 

नगरीय प्रशासन मंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के समक्ष पहुंचा सोमवारी चौक भेरौगंज सौंदर्यकरण के कार्य रुकवाने का मामला 


सिवनी। गोंडवाना समय।

सोमवारी चौक सौंदर्यकरण कार्य में सिवनी भाजपा संगठन द्वारा गुटबाजी के कारण ही सौंदर्यीकरण व विकास निर्माण के कार्य को रोका जा रहा है। उक्त जानकारी देते हुये सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मी कश्यप ने बताया कि नगरीय प्रशासन मंत्री श्री भूपेंद्र सिह और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री बी. डी. शर्मा के माध्यम से राजनैतिक और प्रशासनिक दबाव बनाया जा रहा है। इतना होने पर भी आखिर चुप क्यो है जिला भाजपा अध्यक्ष श्री आलोक दुबे जो कि शंका और चिंता का विषय है। भाजपा जिला अध्यक्ष श्री आलोक दुबे आखिर क्यों खुलकर विकास के इस निर्माण कार्य में आगे नहीं आ रहे है। 

निर्माण कार्य को रुकवाने की पुरजोर कोशिश की जा रही 


विगत वर्षो पूर्व अतिक्रमण अभियान के कारण गरीब तबके के नागरिको की दुकानो को तोड़ दिया गया था, जिसमें लगभग एक दर्जन परिवार को रोजी रोटी के लाले हो गए, कहा गया कि शासकीय भूमि में अतिक्रमण हुआ है इसलिए हटाया गया है किन्तु प्रस्तावित सोमवारी चौक भेरौगंज में बनने वाले नगर सौंदर्यकरण कार्य के चलते गार्डन का निर्माण किया जा रहा है जिस पर जिला भाजपा की गुटबाजी और संघठन के शीर्ष नेतृत्व के द्वारा साम-दाम-दंड-भेद की नीति अपनाकर किसी व्यक्ति विशेष को लाभांश दिलाने के लिए निर्माण कार्य को रुकवाने की पुरजोर कोशिश की जा रही है।

भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ये चाह रहे कि सांप भी मर जाये और लाठी भी ना टूटे 


समाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मी कश्यप ने बताया कि भोपाल से विशेष सूत्रो से जानकरी लगी है कि इस कार्य के लिए सिवनी के भाजपा संघठन और नेताओं के गुट की टोली द्वारा राजनैतिक एवं प्रशासनिक दवाब बनाया जा रहा है जिसके चलते यहा हो रहे निर्माण कार्य को कछुआ कि चाल से क्रियान्वित किया जा रहा है। वहीं भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ये चाह रहे कि सांप भी मर जाये और लाठी भी ना टूटे। 

गुटबाजी के चलते ये नेतागण सिवनी के विकास में धब्बा है 


समाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मी कश्यप ने बताया कि इस कार्य को लेकर नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिह ने निर्माण कार्य के पक्ष पर अपनी पहल किया परंतु बार-बार भाजपा के शीर्ष नेतृत्व द्वारा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री बी. ड़ी. शर्मा के माध्यम से यह कोशिश की जा रही है कि ये निर्माण कार्य नहीं हो सके। सिवनी का दुर्भाग्य ही है सिवनी में मेडिकल कालेज या अन्य निर्माण कार्य में यदि भाजपा में एकता होती तो अभी तक मेडिकल कालेज प्रारंभ होकर पूर्ण हो जाता किन्तु गुटबाजी के चलते ये नेतागण सिवनी के विकास में धब्बा है, जो केवल राजनीति की आड़ में अपना व्यवसाय कर फल-फूल रहे है और उनको विकास से कोई लेना देना नहीं है। 

दिन में साहूकार रात को डाकू की कहावत सिद्द हो रही है 

समाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मी कश्यप ने बताया कि ऐसी भी जानकारी प्राप्त हुई है कि डुंडासिवनी चौराहे का सौंदर्यकरण कार्य भी रोका जा सकता है। सिवनी के इतिहास में सबसे बुरा दिन आज महसूस कर रहा हंू कि कहावत है दिन में साहूकार रात को डाकू की कहावत सिद्द हो रही है। विकास और नगर सौंदर्यकरण के लिऐ सदैव अग्रसर रहने वाले श्री आलोक दुबे को इस परिपेक्ष्य पर खुलकर आगे आना चाहिए और हो रहे नगर सौंदर्यकरण कार्य का निर्माण में बाधक बन रहे उन भाजपा के शीर्ष नेताओ और पदाधिकारीगण जो कि बार-बार राजनैतिक और प्रशासनिक दबाव बनाकर निर्माण कार्य को रोकने की पुरजोर कोशिश कर रहे है। ऐसे विषय को लेकर खुलकर आम जनमानस को आश्वस्त करें अन्यथा ये जनता के साथ छलावा है। 


शिक्षा मिशन की ओर अग्रसर होकर बच्चों को किया ऊलन कैप, मोजे और पेन-कापी वितरण

शिक्षा मिशन की ओर अग्रसर होकर बच्चों को किया ऊलन कैप, मोजे और पेन-कापी वितरण 

गोंड समाज महासभा एवं गोंडवाना सेवा समिति जबलपुर का सराहनीय प्रयास 


जबलपुर। गोंडवाना समय।

ग्राम कुलमुही पंचायत नवरगांव ब्लाक कुण्डम जिला जबलपुर में 23 जनवरी 2022 को प्राइमरी के छात्र-छात्राओं को ऊलन कैप, मोजे और पेन-कापी वितरण किया गया। गोंड समाज के पदाधिकारियों ने शिक्षा को दृष्टिगत करते हुए इस तरह के कार्य विगत वर्ष से करते आ रहे हैं। कोविड की प्रथम द्वितीय चरण में खाद्यान्न वितरण किया था।

महत्वपूर्ण विचारधारा को अनवरत जारी रखने का लिया संकल्प  


इसके साथ ही लगातार शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति, रोजगार, व्यापार हेतु, गरीब मजदूर बेसहारा वर्ग के लिए संघर्षरत हैं।

इस अवसर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महेश कुमार वट्टी प्रदेश सचिव गोंडी भुमका प्रकोष्ठ गोंड समाज महासभा मध्यप्रदेश, कोमल सिंह कोरचे जिला अध्यक्ष, राजेंद्र सिंह तेकाम जिला कार्यवाहक अध्यक्ष एवं अजाक्स संभागीय अध्यक्ष, सेवल सिंह परते जिला कोषाध्यक्ष, नरेश कुलस्ते जिला अध्यक्ष गोंडी भुमका प्रकोष्ठ, धन सिंह कौरती, जिला कार्यकारिणी सदस्य, रविनारायण परस्ते नगर प्रवक्ता, जय मरावी सदस्य सहित कार्यक्रम की अध्यक्षता भूरे सिंह मार्को पूर्व सरपंच व ग्रामीण सगाजनों ने समाज की दिशा और दशा सुधार हेतु गोंडवाना समग्र विकास क्रांति आंदोलन शिक्षा मिशन आदि महत्वपूर्ण विचारधारा को लेकर गोंड समाज महासभा मध्यप्रदेश द्वारा अनवरत जारी रखने का संकल्प लिया।

138 कोरोना पॉजिटिव केश सिवनी जिले में मिले और 15 मरीज हुए ठीक

138 कोरोना पॉजिटिव केश सिवनी जिले में मिले और 15 मरीज हुए ठीक


सिवनी। गोंडवाना समय।

मुख्य  चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि आईडीएसपी से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले में कोविड-19 जांच हेतु आज 957 तथा अभी तक प्रगति 280852 सैंपल लिए गए। 

वर्तमान में 383 केस एक्टिव कोरोना पॉजिटिव

आज भेजे गये सैंपल की जांच में 138 केस पॉजिटिव मिले है तथा आज दिनांक तक कुल 7289 केस पॉजिटिव मिले है। कोरोना उपचार पश्चाात आज 15 तथा अभी तक 6878 मरीज ठीक हुए है। जिले में एक्टिव कोरोना पॉजिटिव वर्तमान में 138 तथा अभी तक कुल 383 केस है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिले के पात्र नागरिको से अपील की है कि अपने नजदीकी टीकाकरण केंद्र में जाकर कोविड-19 टीके के दोनों डोज अवश्य प्राप्त करें एवं कोरोना महामारी के नियंत्रण में सहयोग करें। साथ ही टीकाकरण पश्चात भी कोविड-19 अनुकूल व्यवहार का पालन करें तथा संक्रमण से पूर्ण सुरक्षा के लिए हमेशा सही तरीके से मास्क पहने, साबुन/पानी या सेनेटाईजर से अच्छे से हाथ साफ करें, 2 गज (6 फीट) की शारीरिक दूरी का पालन करें।  

गोंडवाना समय ई पेपर 23 जनवरी 2022

बेसक शराब, शिवराज सरकार का खजाना भरेगी लेकिन समाजिक व सांस्कृतिक पतन भी बेहिसाब बढ़ेगा

बेसक शराब, शिवराज सरकार का खजाना भरेगी लेकिन समाजिक व सांस्कृतिक पतन भी बेहिसाब बढ़ेगा 

आजादी के बाद कोई भी सरकार और सलाह देने वाले अर्थशास्त्री शराब का विकल्प नहीं तलाश पाये 

विशेष संपादकीय
विवेक डेहरिया, संपादक

आखिर अब तक शराब से किस समाज, किस परिवार का और किस व्यक्ति का विकास हुआ है, या शराब ने अब तक कितने परिवारों को उजाड़ा है, शराब ने कितने व्यक्तियों की जिंदगी छीना है, शराब के कारण अनैतिक कृत्य कितने बढ़े है और कितनी आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है। शराब के कारण देश हो या मध्यप्रदेश का सामाजिक व सांस्कृतिक पतन कितना ज्यादा हो रहा है।
        


इस गंभीर विषय पर विचार-मंथन की आवश्यकता शायद मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और उनके आईएएस अफसरों व मध्यप्रदेश सरकार को आर्थिक विकास की ओर से ले जाने के लिये सलाहकार के रूप में कार्य करने वाले अर्थशास्त्रियों को जरूरत ही महसूस नहीं हो रही है।
        इसलिये मध्यप्रदेश में राजस्व का खजाना भरने के लिये शराब की बिक्री बढ़ाने के लिये व्यक्तियों की जिंदगी से खिलवाड़ करने के साथ-साथ शराब से बर्बाद होने वाले परिवारों को उजाड़ने के लिये मध्यप्रदेश राज्य मंत्रि-परिषद ने समग्र आबकारी नीति 2022-23 और हेरीटेज मदिरा नीति 2022 को अनुमोदन दे दिया है। 

शराब के अलावा आर्थिक विकास का दूसरा विकल्प क्यों नहीं खोज पाई सरकारे व अर्थशास्त्री 


देश हो मध्यप्रदेश की बात करें तो सरकार के लिये शराब ही ऐसा विकल्प है जिससे राजस्व का खजाना भरा जा सकता है या शराब की बिक्री से सरकार चल सकती है। शराब की बिक्री को कोई भी सरकार रही हो उसने इसकी बिक्री को बढ़ावा देने के लिये ही नियमों को बनाती आ रही है। वहीं सरकार को आर्थिक विकास की ओर ले जाने वाले सलाहकार के रूप में अर्थशास्त्री भी शराब से आर्थिक फायदा होने की सलाह ही देते आ रहे है।
            आखिर क्या कारण है कि शराब के अलावा कोई भी सरकार आज तक अन्य कोई दूसरा विकल्प नहीं खोज पाई है वहीं सरकार को सलाह देने वाले अर्थशास्त्री भी शराब के स्थान पर दूसरा विकल्प नहीं दे पाये है। इसका मतलब साफ है कि सरकार और उनके सलाहकार अर्थशास्त्री देश व मध्यप्रदेश में समााजिक व सांस्कृतिक पतन को लेकर चिंतित नहीं है। 

बर्बाद हो गये कई परिवार, उजड़ गई कई जिंदगी, बढ़ रही आपराधिक घटनायें

शराब से भले ही सरकार का राजस्व का खजाना भरता होगा लेकिन शराब के कारण होने वाले दुष्पिरिणामों की लिस्ट बहुत बड़ी है। शराब के कारण पहले भी अनेक परिवार अनावश्यक बिना कारण के ही होने वाले वाद-विवादों के कारण बर्बाद हो गये है, वर्तमान व भविष्य में भी यह स्थिति और भी गंभीर रूप धारण करेगी। वहीं शराब पीने से होने वाली बीमारियों, दुघर्टनायें, वाद-विवाद होने के कारण अनेकों व्यक्तियों की जिंदगी को छीनने का कारण बनी है और आगे भी प्रमुख कारण होगी इसमें कोई संदेह नहीं है।
            इसके साथ ही देश में अनैतिकता, अमानवीयता की हद पार करने वाली आपराधिक घटनायें भी शराब पीने के बाद होती है। जिसके एक नहीं अनेकों प्रमाण मिल सकते है। शराब के कारण देश में सर्वाधिक हिंसा व आपराधिक घटनायें महिलाओं, बेटियों सहित कम उम्र की बालिकाओं के साथ जिम्मेदार होती है इसके अनेकों चिंतनीय मामले प्रमाणित है। शराब के दुष्परिणामों के ऐसे अनेकों कारण है जिससे समाजिक व सांस्कृतिक पतन तेज गति से हो रहा है। 

शिवराज सरकार की शराब की बिक्री बढ़ाने के लिये ये है नई योजना

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में बीते दिनों राज्य मंत्रि-परिषद ने समग्र आबकारी नीति 2022-23 और हेरीटेज मदिरा नीति 2022 को अनुमोदन दे दिया है। इसमें गैर-कानूनी एवं अमानक शराब निर्माण, परिवहन, भंडारण और विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण हो सकेगा। जिसमें नई आबकारी व्यवस्था के तहत मुख्य बिन्दुओं में मदिरा की फुटकर विक्रय दरों में लगभग 20 प्रतिशत की कमी लाकर व्यावहारिक स्तर पर लाया जा सकेगा।
        सभी जिलों की देशी/विदेशी मदिरा दुकानों का निष्पादन छोटे एकल समूहों के अनुरूप किया जा सकेगा। इसके साथ ही समस्त मदिरा दुकानें कम्पोजिट शाप होंगी, जिससे अवैध मदिरा विक्रय की स्थितियां नहीं बनेंगी। वहीं कलेक्टर एवं जिलो के विधायकगण की उच्च स्तरीय जिला समिति को उनके जिले की स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप मदिरा दुकानों के अनुरूप भौगोलिक दृष्टि से स्थान परिवर्तन कर अधिकार होगा।                 प्रदेश के किसानों द्वारा उत्पादित अंगूर का उपयोग कर प्रदेश में बनी वाइन पर डयूटी नहीं होगी।देशी मदिरा प्रदाय व्यवस्था में प्रदेश के असवकों के मध्य जिलेवार निविदा बुलाई जा सकेगी। इस साल टेट्रा पैकिंग की दर भी बुलाई जा सकेगी। राजस्व की क्षति रोकने के लिये ई-आबकारी व्यवस्था लागू होगी। इसमें मदिरा का ट्रेक एंड ट्रेस, क्यूआर कोड स्कैनिंग, वैधता का परीक्षण आसान होगा।

मध्यप्रदेश सरकार की ये है हेरिटेज मदिरा नीति 

हम आपको बता दे कि मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश में शराब की बिक्री बढ़ाने के लिये हैरिटेज मदिरा नीति को अनुमोदन किया है। जिसमें महुआ फूल से बनी मदिरा की पायलट परियोजना की अनुमति दी गई है। इसके बाद इसे मंत्रीमंडल की उप समिति के सामने प्रस्तुत किया जायेगा। वहीं वर्ष 2022-23 में नये बार लाइसेंस की स्वीकृति शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप कलेक्टर स्तर से ही की जायेगी।
         पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों पर इको टूरिज्म बोर्ड द्वारा संचालित इकाइयों, पर्यटन विकास निगम की अस्थाई स्वरूप की इकाइयों को रियायती दरों, सरल प्रक्रियाओं/मापदंडों के आधार पर बार लाइसेंस दिये जा सकेंगे। इसके साथ ही सभी एयर पोर्ट पर विदेशी मदिरा विक्रय काउंटर खोला जा सकेगा। वहीं इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर  में चयनित सुपर मार्केट में फिक्स लाइसेंस फीस पर वाइन विक्रय के काउंटर संचालित करने के लिये लाइसेंस जारी किये जा सकेंगे।
        इंदौर और भोपाल में माइक्रो बेवरीज खोलने की अनुमति दी जायेगी लेकिन पर्यावरण, विदयुत विभागों और नगर निगम का अनापत्ति प्रमाण पत्र जरूरी होगा। मदिरा आयात की प्रक्रिया को सरल बनाया जा सकेगा। वहीं होम बार लाइसेंस दिया जा सकेगा जिसके लिये 50 हजार रुपए वार्षिक लाइसेंस फीस होगी। इसकी पात्रता उन्ही को होगी जिनकी सकल व्यक्तिगत आय न्यूनतम एक करोड़ हो।


विशेष संपादकीय
विवेक डेहरिया, संपादक

 


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