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बिजली की चिंगारी,नरवाई की आग से सरकार का खजाना हो रहा खाली

बिजली की चिंगारी,नरवाई की आग से सरकार का खजाना हो रहा खाली

कड़े कानून फिर भी नहीं रूक रही नरवाई में आग

सिवनी। गोंडवाना समय। 
बिजली की चिंगारी और किसानों द्वारा जलाई जा रही नरवाई से सरकार का खजाना खाली हो रहा है। हर साल नरवाई की वजह से सैकड़ों किसानों की फसलें जलकर खाक हो रही है और उसका खामियाजा किसानों के साथ-साथ शासन को भुगतना पड़ रहा है। हर साल क्षतिपूर्ति के नाम पर शासन-प्रशासन किसानों को करोड़ों रुपए की राशि बांट रहा है लेकिन नरवाई को जलाने वालो किसानों पर शिकंजा नहीं कस पा रहा है। जबकि नरवाई जलाने को लेकर सख्त और कड़ा काननू है। हालांकि बिजली की चिंगारी से आगजनी एक दुर्घटना माना जा सकता है। जिसकी क्षतिपूर्ति देना वाजिब माना जा सकता है,लेकिन नरवाई की आग से फसलों का जलना लापरवाही माना जा सकता है।

सिवनी तहसील अंतर्गत 123 किसानों की फसलें खाक-

सिवनी और केवलारी क्षेत्र में किसानों द्वारा जलाई गई नरवाई की आग और बिजली की चिंगारी से तकरीबन ढाई सैकड़ा किसानों की फसलें जलकर खाक हो गई है। जिसमें सिवनी तहसील के राजस्व निरीक्षक मण्डल बंडोल,राजस्व निरीक्षक मण्डल सिवनी एक एवं दो सहित राजस्व निरीक्षक मण्डल भोमा में हाल में आगजनी से 123 किसानों की फसलें जलकर खाक हुई है। जिसका किसानों को मुआवजा तकरीबन 30 लाख 19 हजार रुपए के लगभग राजस्व द्वारा दिया जाएगा। हालांकि ये आंकड़े सिफ सिवनी तहसील के अंतर्गत है यदि केवलारी,छपारा,घंसौर,धनौरा,बरघाट,कुरई क्षेत्र में हुई आगजनी के आकड़ों पर गौर करेंगे तो किसानों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ शासन का हो रहा नुकसानी का आकड़ा भी बढ़ जाएगा।

राजस्व निरीक्षक मण्डल सिवनी-1

क्रमांक ग्राम का नाम कृषक संख्या राशि
1.         फुलारा 08 224700
2.        जैतपुर 02 30000
3.       सिंघोड़ी 01 12000
4.       गोपालगंज         01 10800
5.        खैरी         02 14000
6.        पलारी 02 36000
7.        बोरदई 02 16000
8.        करहैया 01 10800
9.        पीपरडाही         02 16200
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        योग- 21 370500
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राजस्व निरीक्षक मण्डल भोमा 

क्रमांक ग्राम का नाम कृषक संख्या राशि
1.         सिंघोड़ी 37      704830
2.         लिंगपानी 05      190890
3.         ढेंका          02        64650
4.        टेकरांजी  01        18000
5.        मेहलोन  01        10800
6.        बरेलीपार  01        78000
7.        मानेगांव  01        15000
8.        जामुनटोला  05        96900
9.        खैरी          01          5000
10.         चुटका 01        13500
11.         लुंगसा 01        16000
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         योग 56  12135570
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राजस्व निरीक्षक मण्डल बण्डोल 

क्रमांक ग्राम का नाम कृषक संख्या राशि
1.         हिनोतिया 12       402940
2.         पिपरिया 02        84600
3.         मनौरी 02        34560
4.         जरौंदा 01        30000
5.         बखारी 03      135450
6.         कमकासुर         01         3200
7.         चोरगरठिया 01       10000
8.          छिंदग्वार 02       30630
9.          खामखरेली 01       32400
10.          परासिया 01         8200
11.           राहीवाड़ा 01       24000
12.           थांवरी 01         8200
13.            मुंगवानीखुर्द 11     340500
14.             ढाना 01       42600
15.             सापापार 01       18000
16.            गोरखपुरकला 01       54000
17.            झिलमिली 01       81000
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              योग 43   1340280
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राजस्व निरीक्षक मण्डल सिवनी-2

क्रमाक ग्राम का नाम कृषक संख्या राशि
1.         लूघरवाड़ा           01         8200
2.          सिमरिया   01         6000
3.          मानेगांव   01       79650
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          योग   03       93850
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सरकार को नुकसान के साथ पर्यावरण को भी खतरा-

नरवाई जलाने से सरकार को हर साल लाखों-करोंडों रुपए का नुकसान हो रहा है। वहीं खुद किसानों की जमीन और पर्यावरण खतरे में नजर आने लगा है। फसलों के उत्पादन बढ़ाने फसल मित्र आगजनी के कारण जलकर खत्म हो जा रहे हैं। वहीं मिट्टी भी जल रही है। दूसरी तरफ आगजनी के कारण पर्यावरण के लिए भी खतरा है। इसका धुंआ पर्यावरण को प्रभावित करता है। साथ ही आगजनी के दौरान निर्मल जल भी व्यर्थ रूप से खर्च होता है।

नरवाई जलाने पर है सजा का प्रावधान-

पर्यावरण को दृष्टिगत रखते हुए एवं मिट्टी की जा रही उर्वरकता को देखते हुए नरवाई जलाने वाले किसानों को सजा का प्रावधान है इसके बावजूद हर साल सैकड़ों किसान जान-बूझकर नरवाई जला रहे हैं। हालांकि कृषि विभाग एवं जिला प्रशासन हर साल कागजों में नरवाई न जलाने की समझाइश दे देता है लेकिन जिले के किसानों पर उसका कोई असर नहीं पड़ रहा है। अगर प्रशासन पर्यावरण और शासन के खजाने को लेकर गंभीर हो जाए और  नरवाई जलाने वाले किसानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी शुरू कर दे तो किसानों में खौफ रहेगा और नरवाई जला रहे किसानों में अंकुश लगेगा।

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