Wednesday, May 8, 2019

आदिवासी महिला से धोखाधड़ी, शिकायत, पुलिस की ढिलाई से कांग्रेस नेताओं ने करवा दिया समझौता

आदिवासी महिला से धोखाधड़ी, शिकायत, पुलिस की ढिलाई से कांग्रेस नेताओं ने करवा दिया समझौता

पहले कहा नहीं निकाले शिकायत हुई तो वापस कर दिये रूपये 

कुरई में प्रधानमंत्री जन धन योजना बीमा क्लेम की राशि को धोखाधड़ी कर निकालने का मामला

सेंट्रल मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक कुरई की भूमिका संदिग्ध तो कियोस्क सेंटर बने डाकूओं का अड्डा

कुरई में आदिवासियों को नेता और दलाल मिलकर कर रहे शोषण पुलिस थाना बने समझौता केंद्र

सिवनी। गोंडवाना समय। 
कांग्रेस विधायक अर्जुन सिंह काकोड़िया के विधानसभा क्षेत्र बरघाट के अंतर्गत आदिवासी विकासखंड कुरई में आदिवासियों के साथ जो लूटमार और खुली डकैती करने के साथ शोषण, अन्याय, अत्याचार को जो खेल खेला जा रहा है । सबसे बड़ी बात तो यह है बैंक व कियोस्क सेंटर जिन्हें विश्वसनीय संस्थान के रूप में जाना जाता है उन संस्थानों में ही कियोस्क संचालकों, बैंक प्रबंधन की सांठगांठ से दलालों के द्वारा बैंक खाताधारकों के नाम पार आने वाली राशि को स्वयं निकालकर खर्च कर लेते है और जब खाताधारकों को पता चलता है कि उसने तो ये रूपया बैंक से निकाला ही नहीं तो उसके बाद यदि वह शिकवा शिकायत भी करता है तो बंैक व कियोस्क वाले कहते है कि तुम्हारे ही तो अंगूठा दस्तखत है तुमने तो ही निकाले हो हम क्या करें हम कुछ नहीं कर सकते है । कई लोग थक हार कर शिकायत नहीं करते है तो वह राशि बैंक प्रबंधन, कियोस्क संचालकों और दलालों की जेब में सुरक्षित चला जाता है लेकिन कई बार कुछ लोग जब शिकायत करते है तो फिर पुलिस के चंगुल व कानून की धाराओं की चपेट में आने से पहले ही वह निकाला गया रूपया वापस कर समझौता कर लेते है । इस समझौता के खेल क्षेत्रिय राजनीतिक दलों के नेताओं, पुलिस थाना और बैंक प्रबंधन, कियोस्क संचालक सहित बड़ा गिरोह काम करता है और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने वाली शिकायतों में समझौता का गणित बिल्कुल फिट और सटीक बैठ जाता है । अब इस समझौता की आड़ में किसको कितना फायदा ओर नुकसान होता है ये तो संबंधित ही जानते है। ऐसा ही एक मामला कुरई थाना क्षेत्र का आदिवासी महिला से लगभग 2 से 2.50 लाख रूपये का मामला से जुड़ा हुआ है । इसकी शिकायत बकायदा कुरई थाना, अजाक थाना की चौखट के साथ ही पुलिस कप्तान सिवनी के द्वार तक पहुंचा लेकिन समझौता की रश्म अदायगी में समाप्त हो गया ।

आदिवासी महिला से आर्थिक धोखाधड़ी का ये है मामला

आदिवासी बेबा महिला महावती परते पति स्व धरम सिंह परते जाति गोंड उम्र-36 वर्ष निवासी दुर्गापुर पोस्ट रिड्डी तहसील व थाना कुरई जिला सिवनी के पति की मृत्यू होने से आदिवासी महिला महावती परते के सेंट्रल मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक शाखा कुरई के खाता क्रमांक 20002210300005882 आईएफसी-सीबीआईएनओआर20002 एमआईसीआर480512547 में 2 लाख रूपये की राशि 15 फरवरी 2019 को खाते में आये थे तथा 6 मार्च 2019 को 50,000 हजार रूपये खाते में आये थे लगभग 2,50,000/- महावती परते के खाते में पति की मृत्यू के बाद बीमा की राशि आई थी । तब रविन्द्र डहरवाल नामक युवक ने बेबा आदिवासी महिला से कहा कि आपके बैंक से ढाई लाख रूपये निकलवा दुंगा लेकिन घर में किसी को मत बताना नहीं तो तुम्हारे घर वाले पैसा हड़प लेंगे, लेकिन उस आदिवासी महिला को क्या पता था कि यही रविन्द्र डहरवाल ही उसके रूपया हड़प लेगा ।

बैंक मैनेजर की सेटिंग से निकाल लिये 40,000

महावती परते ने अपनी शिकायत में यह उल्लेख किया है कि 16 फरवरी 2019 को रविन्द्र डहरवाल ने मुझे बुलाया और कहा कि आपका पैसा आने वाला आप बैंक आ जाओ और अंगूठा कर दो जिससे आपका पैसा निकल जायेगा और बैंक मैनेजर की सेटिंग से रूपया तो निकाल लिया लेकिन आदिवासी महिला महावती परते का बिना पैसा दिये ही वापस कर दिया यह कहकर बीच में कभी भी आ जाना और मेरे से पैसा ले लेना ।

घरेलू बैंक बी.सी. की भूमिका पर लगाये आरोप

आदिवासी महिला महावती परते ने अपनी शिकायत में यह उल्लेख किया है कि 16 फरवरी 2019 से 10,000/-, 10,000/- 10, 000/- टी. आर. टी. आर./90471150198 के माध्यम से विट्टी तिवारी नाम के सख्स ने 30, 000/- हजार रूपये निकालकर दिया है । इसी तरह 19-2-2019 को एम.एम.बी.सी 123/68843 के माध्यम से 50, 000/- आवेदक के खाते से बैंक मैनेजर से सेटिंग कर पुन: खाते से निकलवाया एवं विट्टी तिवारी जो क्योस्क सेंटर चलाता है उसके द्वारा 30, 000/- एक ही दिनांक को 80, 000/- हजार रूपये निकाल लिये और कुल मिलाकर आदिवासी महिला महावती परते को कुल 2, 50, 000/- रूपये की राशि को हजम करने की फिराक में थे ।
घर में बताया तो तेरा पैसा डूब जायेगा और 19,000 अपने पास से दिया  आदिवासी बेबा महिला महावती परते ने अपनी शिकायत में आगे यह भी उल्लेख किया है कि अशिक्षित होने के फायदा उठाकर ढाई लाख रूपये बैंक प्रबंधन, कियोस्क संचालक, एजेंट के द्वारा निकाल लिया गया था ओर जब भी आदिवासी महिला महावती परते रूपये के बारे पूछती थी तो रविन्द्र डहरवाल एजेंट कहता था कि पैसा की बात घर में मत बताना नहीं तो तेरा पैसा घर वाले हड़प लेंगे और डूब जायेगा और रविन्द्र डहरवाल ने थोड़ा थोड़ा करके 19, 000/- हजार रूपये अपने पास से दिया ।

एजेंट ने बैंक पासबुक का पन्ना का फाड़ कर रख लिया था अपने पास

आदिवासी महिला महावती परते के भाई रघुनाथ गोनगे ने अपनी बहन से बीमा का पैसा के बारे में पूछा और कहा कि तुम रविन्द्र डहरवाल से साथ मोटर साईकिल में बैठकर जाती है तो तेरा बीमा का पैसा मिला की नहीं तब वह अपने भाई के साथ रविन्द्र डहरवाल के यहां के गई तो पूरा दस्तावेज बैंक पासबुक, आधार कार्डा, पेन कार्ड सहित सब कई माह से एजेंट रविन्द्र डहरवाल ने अपने पास रखा हुआ था उसे जब अपने भाई के साथ मांगने गई तो रविन्द्र डहरवाल ने पहले से पॉसबुक में लगी फोटो को निकाल दिया था और साथ में जहां पर 2,00,000/- रूपये की एंट्री हुई थी उस पन्ने को फाड़कर अलग कर दिया था और पॉसबुक आदिवासी महिला को दे दिया था लेकिन जैसे ही एक पन्ना उखड़ा हुआ देखा और पुलिस में शिकायत करने की बात कहें तो फिर उखड़ा हुआ पन्ना भी एजेंट रविन्द्र डहरवाल को मजबूरी में वापस करना पड़ा । जब बैंक में जाकर आदिवासी महिला व उसके भाई ने एंट्री करवाया तो पता चला की पूरा 2, 50,000/- ढाई लाख रूपये थोड़ा थोड़ा करके दो माह के अंदर रविन्द्र डहरवाल और विट्टी तिवारी के द्वारा बैंक से सांठगांठ करके निकाल लिया गया है ।
बैंक में सेटिंग करने में लगता है खर्चा जितना दे रहा हूं रख लो आदिवासी महिला महावती परते ने अपनी शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि रविन्द्र डहरवाल से जब 2,50,000/- ढाई लाख रूपये के संबंध में जब फर से संपर्क किया गया और कहा कि तुमने मेरी अनुपस्थिति में पूरा पैसा क्यों निकाल लिया तो रविन्द्र डहरवाल ने कहा कि मैंने महावती परते को 15, 17 हजार रूपये दे दिया हंू और 2,000/- रूपये शपथ पत्र में लगे है और बैंक में सेटिंग करा हूं जिसका खर्च आ गया है जितना मिल गया है उतना रख लो ।

इनके विरूद्ध दिया शिकायत

आदिवासी बेबा महिला महावती परते ने 1 मई 2019 को अपने साथ हुये ढाई लाख रूपये की धोखाधड़ी के मामले में रविन्द्र डहरवाल निवासी नयेगांव, पोस्ट खबासा, थाना-कुरई के साथ ही बैंक मैनेजर सेंट्रल मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक शाखा कुरई, विट्टी तिवारी निवासी पिण्डकापार थाना कुरई पर धोखाधड़ी करने के मामले में कानूनी कार्यवाही हेतु पुलिस प्रशासन को शिकायत की थी।

मेरी बैंक से सिर्फ निकले 40,000 हजार बाकी बाहर से निकाले

सेंट्रल मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक कुरई शाखा के प्रबंधक श्री आर के सदाफल ने गोंडवाना समय से चर्चा में बताया कि हमारी बैंक से कोई संबंध नहीं है हमारी बैंक से सिर्फ उन्होंने 40, 000/- रूपये भर निकाले है बाकी की रकम उन्होंने अंगूठा दस्तखत करके वी सी सेंटर व कियोस्क से निकाला है । हमारी कोई गलती नहीं है इस मामले में बैंक प्रबंधक श्री आर के सदाफल यह भी कहा कि बाहर से हितग्राही के माध्यम से जो पैसा निकाला जा रहा है उसमें गड़बड़ी तो हो रही है और यदि उन्होंने आदिवासी महिला महावती परते का पैसा वापस किया है तो यह गलत है लेकिन हम इसमें कुछ नहीं कर सकते है क्योंकि गांव गांव में सेंटर खुले हुये है वहीं से खाताधारक रूपये निकाल लेता है । इस मामले में बैंक की कहीं कोई सांठगांठ नहीं है वल्कि हमारे द्वारा तो उसे मिली रकम की एफडी बनाने की सलाह भी दी गई थी लेकिन वह एलआईसी एजेंट के चक्कर में फंस गई और उसके साथ यह स्थिति निर्मित हुई ।

मेरा कोई लेना देना नहीं तो फिर क्यों किया रूपया वापस 

वहीं जब आदिवासी महिला के द्वारा लगाये गये आरोप के अनुसार जब रविन्द्र डहरवाल से गोंडवाना समय द्वारा चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि मेरे द्वारा कहीं कोई गड़बड़ी नहीं की गई है न ही मैने कोई रूपया आदिवासी महिला के नाम पर निकाला हूं महिला झूठा आरोप लगा रही है और मैं खुद आदिवासी महिला पर मानहानी का दावा करूंगा लेकिन इस मामले में यह बात सामने आई है कि 6 मई 2019 को समझौता करने के पहले 1 लाख 86 हजार रूपये आदिवासी महिला को कुरई में वापस किये गये है । जब रविन्द्र डहरवाल का कहीं कोई लेना नहीं था तो फिर रूपये वापस किये गये क्योंकि इस संबंध में आदिवासी महिला गोंडवाना समय से चर्चा में बताया कि मेरे नाम से जो पैसा धोखाधड़ी करके रविन्द्र डहरवाल व अन्य के द्वारा निकाले गये वो मुझे 6 मई 2019 को वापस कर दिये गये और मुझसे समझौता करवा लिया गया है।

समझौता में कांग्रेसी नेताओं की विशेष रही भूमिका

आदिवासी महिला के साथ हुई धोखाधड़ी के मामले में समझौता कराने के कार्य में मुख्य भूमिका कुरई क्षेत्र के कांग्रेसी नेताओं ने निभाया है। वहीं पुलिस के द्वारा कार्यवाही में ढिलाई बरतने का लाभ उठाते हुये धोखाधड़ी के मामले में समझौता कराने में मुख्य भूमिका निभाने में कांग्रेस नेताओं का नाम सामने आने के बाद क्षेत्र में जो कांग्रेस नेताओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे है ।

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