Wednesday, May 15, 2019

हिर्री नदी का होगा पूर्नजीवन, खेतों में आएगी हरियाली

हिर्री नदी का होगा पूर्नजीवन, खेतों में आएगी हरियाली

182 गांव में होंगे जल संरक्षण के कार्य

सिवनी। गोंडवाना समय। 
जिले के आदिवासी क्षेत्र कुरई से उद्गम होकर सिवनी,बरघाट,केवलारी से गुजरने वाली जीवनदायिनी हिर्री नदी का पुर्नजीवन होगा और किसानों के खेतों में हरियाली आएगी। इसके अलावा गांव में वाटर लेवल भी बढ़ेगा। मनरेगा योजना के तहत हिर्री नदी का पुर्नजीवन करने के लिए नदी के तटीय ग्रामों में जल संरक्षण के कार्य किए जाएंगे। जिले के चार विकासखंड सिवनी,बरघाट,कुरई और केवलारी की 117 ग्राम पंचायतों में ये काम किए जाएंगे। जानकारी के मुताबिक काम स्वीकृत हो चुके हैं और आचार संहित खत्म होने के बाद नदी पूर्नजीवन के कार्यो का शुभारंभ हो जाएगा।

182 गांव में होंगे जलसंरक्षण के कार्य-

हिर्री नदी पुर्नजीवन के तहत मनरेगा योजना से सिवनी,बरघाट,कुरई और केवलारी जनपद पंचायत की कुल 117 ग्राम पचांयतों के 182 गांव में मेढ़ बंधान, बोल्डर चेकडेम,कंट्रोल ट्रेंच,खेत तालाब व अन्य जलस्त्रोंतो का निर्माण कार्य कराया जाएगा। जिला पंचायत  से मिली जानकारी अनुसार प्रथम चरण में नदी के कैचमेंट एरिया में काम किया जाएगा। तकनीकी सूत्रों की मानें तो कैचमेंट एरिया में काम होने से जल की उपलब्धता बनी रहेगी आसपास के क्षेत्र सहित नदी में भी वाटरलेवल बना रहेगा।

जल संरक्षण के 469 निर्माण कार्य शुरू-

जिला पंचायत कार्यालय के जितेन्द्र भलावी एवं अलका दुबे ने जानकारी देते हुए बताया कि हिर्री नदी अपना अस्तित्व खोते जा रही है। इसलिए शासन स्तर से नदी पुर्नजीवन प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। शासन स्तर से सबसे पहले हिर्री नदी को लिया गया है। जिसमें 182 गांव को शामिल किया गया है। इसमें 469 जलसंरक्षण के कार्य किए जाएंगे। निर्माण कार्यो की तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृति भी हो चुकी है।

जल संरक्षण होगा,खेतों में आएगी हरियाली-

नदी के कैचमेंट एरिया में मेंढ बंधान,बोल्डर चेकडेम,कंट्रोल ट्रेंच,खेत तालाब जैसे काम होने से निश्चिततौर पर पानी का जमाव होगा और वाटरलेवल भी बढ़ेगा। जिससे किसानों के खेतों में भी वाटरलेवल बढ़ेगा।  खास बात तो यह है कि इस वाटरलेवल का सबसे ज्यादा फायदा किसानों को होगा। किसानों के खेतों में बने हुए कुंए और नलकूप रिचार्ज होंगे एवं सिंचाई के दौरान पानी की कमी नहीं आएगी। जिससे किसानों के खेतों में हरियाली नजर आएगी। बरघाट क्षेत्र के किसान साल में एक फसल लेने की बजाय दो से तीन फसलों का उत्पादन ले सकते हैं। जानकारी के मुताबिक बरघाट में  247,केवलारी 81, सिवनी 118 और कुरई में 23 निर्माण कार्य किए जाएंगे।

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