Sunday, June 9, 2019

आदिवासी विधायक आदिवासियों के हक पर डाल रहे डाका, वरूणा व कोठारी कंपनी के बने प्रचारक

आदिवासी विधायक आदिवासियों के हक पर डाल रहे डाका, वरूणा व कोठारी कंपनी के बने प्रचारक

वरूणा और कोठारी कंपनी के ब्रांड एम्बेसेडर की भूमिका निभा रहे बरघाट व लखनादौन विधायक 

एम.पी. एग्रो अनुदान के नाम पर कर रहा आदिवासी किसानों को लूटने का खेल

574 आदिवासी हितग्राहियों के 17220000 बजट पर भ्रष्टाचार का अंदेशा

एम पी एग्रो का कार्यालय देखकर ऐसा लगता है कि यह विभाग कंगाल है लेकिन यदि वर्षों से अनुदानों के रिकार्डों को खंगाला जाये तो यह विभागीय अधिकारियों, कंपनियों, व्यापारियों व कमीशनखोर जनप्रतिनिधियों के लिये यह कुबेर का खजाना से कम नहीं है । चाहे सरकार भाजपा की रही हो या कांग्रेस की एम पी एग्रों में में आने वाली योजनाओं में कागजी घोड़े वर्षों से फर्राटे से दौड़ रहे है। अनुदान के नाम पर दी जाने वाली सामग्रियों में भ्रष्टाचार, घोटालों का खेल बड़ी ही चतुराई से बेधड़क खेला जा रहा है लेकिन करोड़ों के बजट में खरीदी कर वितरित करने के लिये कांग्रेस के लखनादौन विधायक योगेन्द्र सिंह बाबा व बरघाट विधायक अर्जुन सिंह काकोड़िया ने तो सीधे पत्र लिखकर ही आदिवासी किसानों को दी जाने वाली अनुदान स्वरूप सामग्री में किस कंपनी का सामग्री किसानों को देना है कौन सी कंपनी की डिमांड आदिवासी किसान कर रहे है अपना सुझाव दे दिया है । इस तरह पत्र लिखने को लेकर उन पर आरोप प्रत्यारोप लग रहे है । 

सिवनी। गोंडवाना समय।
यूं तो सरकारी योजनाओं पर अधिकारियों द्वारा भ्रष्टाचार करने का यह कोई पहला मामला नही हैं । पहले भी अनेकों मामले सामने आते रहे हैं। ताजा मामला सिवनी जिले का है जहां जिले के 7 विकासखंडो पर आदिवासी उपयोजना के अंतर्गत विशेष केंद्रीय सहायता से जिले में 574 गरीब आदिवासी किसानों का विद्युत मोटर पंप एवं अन्य सहायक सामग्री खरीदने के लिए चयन हुआ हैं ।
योजना के मुताबिक सभी पात्र आदिवासी किसानों के बैंक खातों पर जनपद पंचायतो के माध्यम से योजना में नियमानुसार 30-30 हजार रुपए की राशि प्रदान कर दी गई। ताकि  किसान अपनी मन मुताबिक मोटर पंम्प व कृषि योग्य अन्य सामग्री खरीद सके लेकिन कुछ ही दिनों में आदिवासी किसान उस वक्त भौचक्के रह गए जब उनके खातों से रुपए लापता हो गए। चार माह बीत जाने के बाद भी जिले में अधिकांश किसानों के खातों में ना तो रुपए वापस आये हैं और ना ही उन्हें किसी प्रकार की कृषि सामग्री उपलब्ध हो पाई हैं। गरीब आदिवासी किसानों ने इस पुरे घटनाक्रम की शिकायत जिले के उन सभी जिम्मेदार अधिकारियों से भी की लेकिन भ्रष्टाचार में सहयोगी बने सभी ने अपना मुंह मोड़ आँखे बंद कर लिया । जब इस मामले की पड़ताल शुरू की तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों ने किसानों के बैंक खातों से एक पत्र लिखकर मध्यप्रदेश स्टेट एग्रो इण्डिया डेवलपर्स कापोर्रेशन लिमिटेड सिवनी के खाते में राशि ट्रांसफर करवा दिया है ।

भ्रष्टाचार के खेल में एप पी एग्रों प्रबंधक व जनपदों की भूमिका 

जबकि यह नियमों की बात की जाये तो आदेश (संचालनालय,आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं म.प्र. भोपाल के ज्ञापन क्र. / अनु. / विकेस/ न.क्र- 266 / 2018-19 / 2417, दि.  07.09.2018) प्रतिलिपि भी हैं जिसके हवाले से कलेक्टर एकीकृत आदिम जाति विकास परियोजना सिवनी ने एक पत्र क्र./1430/प्र0स्वी./विकेस आ.वि.परि./.. /2018 सिवनी दिनांक 22.09.2018 को समस्त जनपद पंचायत को प्रशासकीय स्वीकृति आदेश जारी किया हैं
जिसमे नियमों का हवाला हैं और पत्र में कहीं भी इस बात का जिक्र नही हैं कि एम पी स्टेट एग्रो किसानों के लिए अपनी पसंद का विद्युत मोटर पम्प एवं अन्य सामग्री खरीद कर वितरण करेगा । वहीं जबकि शर्त क्र. 04 में स्पष्ट लिखा हैं कि हितग्राही द्वारा सामग्री स्वयं पसंद कर शासन द्वारा मानकों के अनुरूप क्रय की जायेगी तथा हितग्राही द्वारा स्वयं के हस्ताक्षर से जारी किये गये एकाउंट पे चेक द्वारा सामग्री सप्लाई करने वाली फर्म/एजेन्सी को भुगतान किया जायेगा। जबकि एम.पी.एग्रो एक ऐसी संस्था हैं जो सिर्फ किसान को उचित मार्गदर्शन देकर शासन से स्वीकृत आई.एस.आई./आई.एस.ओ. मार्क की सभी ब्रांडेड कंपनी के मोटर पम्प व सहायक कृषि सामग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने का कार्य करना था या तीन से अधिक ब्रांडेड कंपनियों के कोटेशन
आवेदन पत्र के साथ संलग्न किया जाना था । जिससे किसान अपनी मन मुताबिक सामग्री खरीद सके जिस के बदले संस्था को पांच प्रतिशत कमीशन किसान से मिलता लेकिन मध्यप्रदेश स्टेट एग्रो इंडिया डेवलपर्स कापोर्रेशन लिमिटेट सिवनी के जिला प्रबंधक ए. के. नेमा ने सारे नियमों को ताक पर रखकर गरीब आदिवासी किसानों के हक व अधिकार छीनकर स्वयं की पसंद वरुणा कंपनी का मोटर पम्प व अन्य सामग्री चोरी छिपे ग्राम पंचायत भवनों में लाकर रख दिए हैं और सही मौका देख यह किसानों को बांटने के जुगत में लग गए और मौका पाते ही जिले के कुछ किसानों को गुमराह कर उनके घरों में सामग्री पंहुचा भी दी गई। पड़ताल के दौरान जब एम पी एग्रो के जिला प्रबन्धक ए.के .नेमा से बात की तो उन्होंने बतलाया  कि वरुणा कंपनी के मोटर पम्प और कोठारी कपंनी के पाइप के लिए जिले के दो कांग्रेस विधायकों ने पत्र लिखकर मांग की हैं और यही वजह से सामग्री वितरण की जा रही हैं।

कोरे फार्म में करवा लिये हस्ताक्षर

लगता हैं कि एम पी एग्रो ने विधायकों के पत्र के आगे सारे नियम कायदे कानूनों को ताक पर रख दिया गया। वही आदिवासी किसानो का कहना हैं कि हमारी बिना मर्जी के यह मोटर पम्प व सामग्री लाकर रखी गई हैं । हमसे हमारी राय नही ली गई हैं जबकि उनका कहना है कि हम वरुणा कंपनी का सामान नही खरीदेंगे। इस पूरे खेल में जनपद पंचायतो के ए.डी.ओ भी शामिल हैं । जिन्होंने किसानों को गुमराह कर कोरे आवेदन फार्म, सहमति पत्रक, संतुष्टि प्रमाण पत्र के अतिरिक्त सिंगल वरूणा कंपनी का कोटेशन पर दस्तखत व अंगूठे का निशान लगवा कर योजना की इतिश्री कर दी। वही इस पूरी योजना के निगरानी की जिम्मेदारी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की भी हैं जो किसी बड़े लालच में आकर अपनी आँखें मूंदे बैठे हैं।

लखनादौन में सीईओ का हुआ विरोध 

लखनादौन जनपद क्षेत्र में 225 गरीब आदिवासी किसान का चयन हुआ हैं। इन किसानों को सामग्री वितरण करने के लिए ग्राम भरगा, मढ़ी तथा बेलखेड़ी में शासकीय अमला पंहुचा था लेकिन शासकीय अमले को अनेक आदिवासी हितग्राहियों के आक्रोश का सामना मुख्य कार्यपालन अधिकारी आधार सिंह कुशराम जनपद पंचायत लखनादौन और एमपी एग्रो सिवनी के अमले को करना पड़ा।
इन तीनों ग्रामों में हितग्राहियों ने वरुणा कंपनी की विद्युत मोटर पम्प एवं कोठारी कंपनी के रोल पाइप तथा अन्य सहायक सामग्री लेने से मना कर दिया । इन ग्रामों में आदिवासियों के आक्रोश को देखते हुए शासकीय अमले को उल्टे पैर वापस लौटना पड़ा। अनेक हितग्राहियों का कहना है कि हम अपनी मर्जी की कंपनी का सामान लेंगे अधिकारियो की मनमर्जी से सामग्री नही लेंगे। आज तक लखनादौन जनपद पंचायत क्षेत्र में एक भी हितग्राही को उसकी मन मुताविक सामग्री नही मिली हैं जिससे आदिवासी किसान निराश और आक्रोशित हैं।

नहीं लिये सामग्री तो कारण बताओं नोटिस जारी 

घंसौर जनपद पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत 45 हितग्राहियों का चयन शासन द्वारा किया गया था । जिसमेंनियमानुसार हितग्राहियों के खाते पर 30-30 हजार रुपए की राशि प्रदान कर दी गई थी लेकिन मुख्य कार्यपालन अधिकारी उषा किरण गुप्ता जनपद पंचायत घंसौर की लापरवाही के कारण हितग्राहियों के खातों पर होल्ड नहीं लगाया गया । इस वजह से अधिकांश हितग्राहियों ने अपने खातों से राशि निकाल कर अपनी अन्य आवश्यकताओं में राशि खर्च कर लिए अब हितग्राहियों को नोटिस जारी कर रुपए वसूलने की कार्रवाई की जा रही हैं।

छपारा में कोटेशन वरूणा का और सामग्री लूबी कंपनी का दिया 

सिवनी जिले के छपारा विकासखंड में कुल में कुल 43 किसानों का चयन इस योजना के लिए किया गया था । जिसमें जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी शिवानी मिश्रा ने चर्चा के दौरान बतलाया कि करीब 35 हितग्राहियों को एम पी एग्रो के द्वारा सामग्री प्रदान कर दी गई है । प्राप्त जानकारी के अनुसार हितग्राहियों के आवेदन फार्म पर वरुणा कंपनी का कोटेशन लगा हुआ है जबकि सामग्री में लूबी कंपनी के विद्युत पंप एवं सहायक सामग्री प्रदान की गई हैं।

केवलारी में 80 आदिवासी का हुआ चयन 

जनपद पंचायत केवलारी के अंतर्गत 80 पात्र हितग्राहियों में से लगभग 70 हितग्राहियों को वरुणा कंपनी की 5 एचपी की पनडुब्बी विद्युत पंप एवं कोठारी कंपनी के रोल पाइप तथा सहायक सामग्री वितरित की गई है । उपरोक्त जानकारी केवलारी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनोद मरावी द्वारा दूरभाष पर चर्चा के दौरान दी गई।

सिवनी जनपद सीईओ को नहीं है जानकारी 

सिवनी जनपद के अंतर्गत कुल 81 पात्र हितग्राहियों को सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग 45 हितग्राहियों को वरुणा कंपनी की विद्युत मोटर तथा कोठारी कंपनी के रोल पाइप तथा अन्य सामग्री प्रदान कर दी गई है । जब सिवनी जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती सुमन खातकर से जानकारी लेनी चाही तो उन्होने स्वयं को जानकारी नही होने का हवाला देते हुए हमें एमपीएग्रो से जानकारी लेने की बात कही।

कुरई जनपद में आचार संहिता में बांट दिया सामग्री  

कुरई जनपद पंचायत के अंतर्गत  90 पात्र हितग्राहियों में से 48 हितग्राहियों को लूबी एवं वरुणा कंपनी के विद्युत मोटर पंप तथा कोठारी कंपनी के रोल पाइप व अन्य सामग्री प्रदान की जा चुकी है । मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुरई हरिराम कुशराम ने दूरभाष पर चर्चा के दौरान बताया कि विगत माह आचार संहिता के दौरान एम पी एग्रो सिवनी के द्वारा सभी सामग्री हितग्राहियों को प्रदान कर दी गई हैं।

बरघाट जनपद नहीं मिली सामग्री  

बरघाट जनपद पंचायत के सीईओ मोनिका झरिया ने बतलाया की जनपद क्षेत्र अंतर्गत 10 पात्र हितग्राही हैं अभी तक किसी भी हितग्राहियों को सामग्री वितरण नहीं की गई हैं।

कमलनाथ सरकार पर आदिवासी हितेषी होने पर खड़े हो रहे सवाल 

केंद्र पोषित आदिवासी उपयोजन विशेष केंद्रीय सहायता योजना पर सिवनी जिले के दोनों कांग्रेसी विधायक बरघाट से अर्जुन सिंह काकोड़िया तथा योगेंद्र सिंह बाबा लखनादौन से दोनों ही इस महत्वाकांक्षी योजना को कितना पलीता लगा रहे हैं । यह इनके द्वारा लिखे गये पत्रों से पता चलता है । जहां वर्तमान में मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ सरकार अपने आप को आदिवासियों का शुभचिंतक बता रही है । वहीं दूसरी और आदिवासी विधायक इस महत्वाकांक्षी योजना में एक विशेष कंपनी की सामग्री प्रदान करने की अनुशंसा एवं एम पी एग्रो से कर रहे हैं ।
हम आपको बता दे कि बरघाट विधायक अर्जुन सिंह का काकोड़िया ने अपने पत्र क्रमांक 168 दिनांक 08-03-19 के माध्यम से जिला कलेक्टर सिवनी को वरुणा ब्रांड की मोटर एवं कोठारी के पाइप प्रदाय प्रदाय किये जाने की मांग की हैं एवं सामग्री वितरण मेरी उपस्थिति में किया जावे । उन्होंने अपने पत्र में इस बात का उल्लेख किया कि भविष्य में जो भी आदिवासी योजना संचालित की जा रही हैं, उन में मेरी सहमति एवं सुझाव लिए जाएं ।
वही लखनादौन विधायक योगेंद्र सिंह ने अपने पत्र क्रमांक 4022 दिनांक 09 -03-19 के माध्यम कलेक्टर सिवनी को वरुणा कंपनी की विद्युत मोटर तथा कोठारी के रोल पाइप प्रदान करने की अनुशंसा की और कहा कि स्थानीय हितग्राहियों ने वरुणा एवं कोठारी कंपनी की सामग्री की मांग मेरे क्षेत्र भ्रमण के दौरान मांग की है लेकिन वही किसान आज सामग्री वितरण के समय पुरजोर विरोध कर रहा है । तो क्या सिवनी जिले के दोनों कांग्रेसी विधायक वरुणा कंपनी और कोठारी के ब्रांड एंबेसडर बन गए हैं, जो अपनी विधानसभा समेत जिले में इन उत्पादों की ब्रांडिंग कर रहे हैं।

इनका कहना है 

किसान हितैषी मोदी सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से जिले में जिस तरीके से योजना में भ्रष्टाचार किया जा रहा हैं । यह नही होना चाहिए इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच होगी और जो भी दोषी पाए जायेंगे उन्हें बख्शा नही जायेगा ।
फग्गन सिंह कुलस्ते केंद्रीय राज्य मंत्री

मुझे जनपद पंचायत छपारा एवं केवलारी के सीईओ के द्वारा इस योजना से संबंधित कोई भी जानकारी नहीं दी गई है । यदि जिले के आदिवासी किसानों के साथ छलावा हो रहा है । तो मैं इस पूरे मामले की जानकारी एकत्रित कर मानसून सत्र में इस मुद्दे को विधानसभा के पटल पर उठाउंगा ।
राकेश पाल विधायक केवलारी बीजेपी

जिले में आदिवासियों को यदि छला जा रहा है उनके साथ अन्याय हो रहा है तो मैं सदैव उनके साथ रहा हूं और आगे भी रहूंगा । इस पूरे मामले की जांच के लिए में उच्च अधिकारियों से चर्चा करूंगा और जो भी दोषी है उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही के लिए भी कहूंगा ।
दिनेश राय विधायक सिवनी बीजेपी

अधिकारियों द्वारा कोरे फार्मो में हमारे हस्ताक्षर करा लिये गये और कृषि उपकरण लाकर रख दिये परंतु हमने उन उपकरणों को लेने से मना कर दिया क्योंकि वे हमारे मन मुताबिक नहीं थे।
ममता बाई, हितग्राही

अधिकारियों ने अपनी मनमर्जी का सामान लाकर पंचायत भवन में रख दिये हैं और दबाब से रहें हैं कि यही उपकरण आपको लेना होगा जबकि हम अपनी मन मुताबिक कंपनी के कृषि उपकरण लेना चाहते हैं ।
रामस्वरूप उइके हितग्राही भरगा





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