Sunday, July 7, 2019

साँची विवि बौद्ध अध्ययन का विश्व केंद्र बनेगा

साँची विवि बौद्ध अध्ययन का विश्व केंद्र बनेगा

देश-दुनिया से बेहतरीन प्रतिभाएँ आकर्षित करे साँची विवि

भोपाल। गोंडवाना समय।
चिकित्सा शिक्षा, आयुष एवं संस्कृति मंत्री डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ ने कहा है कि वे साँची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय को बौद्ध  अध्ययन का विश्व केन्द्र बनाने के लिये प्रयासरत हैं। डॉ. साधौ विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा के साथ-साथ मंत्री डॉ. साधौ ने विश्वविद्यालय में क्लॉस-रूम, अकादमिक भवन, प्रशासनिक भवन आदि का निरीक्षण किया तथा पीएचडी के छात्रों से भेंट भी किया। उन्होंने मास्टर प्लान, भवन निर्माण पर प्रेजेंटेशन देखा। इसके साथ ही विश्वविद्यालय भवन निर्माण के प्रथम चरण के प्लान और बजट के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने प्रस्तावित विवि परिसर को बौद्ध एवं भारतीय वास्तु सिद्धांतों का उपयोग करने का भी सुझाव दिया।

सार्क देशों से भारत के सांस्कृतिक रिश्ते भी और अधिक मजबूत होंगे

संस्कृति मंत्री डॉ. साधौ ने कहा कि सार्क देशों और दक्षिण एशियाई देशों के विद्यार्थियों को देखते हुए ऐसे पाठ्यक्रम और सुविधाएँ विकसित करें कि इन देशों के अधिक से अधिक छात्र साँची विश्वविद्यालय में अध्ययन के लिए आकर्षित हों। इससे सार्क देशों से भारत के सांस्कृतिक रिश्ते भी और अधिक मजबूत होंगे। मंत्री डॉ. साधौ ने कहा कि वे देश के अन्य बौद्ध विश्वविद्यालयों जैसे नालंदा विवि, नवनालंदा महाविहार विवि के प्राध्यापकों को साँची विश्वविद्यालय में व्याख्यान के लिए आमंत्रित कर उनके अनुभव का लाभ उठाया जाये। डॉ. साधौ ने विश्वविद्यालय में बौद्ध तथा भारतीय दर्शन पर आधारित अधिक से अधिक कार्यशालाएँ और सेमीनार आयोजित करने को कहा, जिससे अन्य बौद्ध देशों के छात्र साँची विश्वविद्यालय पहुँचें और यहाँ के पाठ्यक्रमों की ओर आकर्षित हों। उन्होंने कहा कि अन्य विदेशी और भारतीय विश्वविद्यालयों से बातचीत कर छात्रों के एक्सचेंज प्रोग्राम पर भी कार्य करना चाहिए। बैठक में प्रमुख सचिव संस्कृति एवं विश्वविद्यालय के कुलपति श्री पंकज राग, कुलसचिव श्री अदिति कुमार त्रिपाठी सहित प्राध्यापक और अधिकारी उपस्थित थे।

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