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Wednesday, October 23, 2019

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के नृत्य-गायन प्रतियोगिता सम्पन्न

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के नृत्य-गायन प्रतियोगिता सम्पन्न

प्रतियोगिता के विजेता राष्ट्रीय स्पर्धा उदयपुर में होंगे शामिल

सामूहिक नृत्य प्रतियोगिता में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय घंसौर की रही उत्साहजनक भागीदारी 

भोपाल। गोंडवाना समय। 
आदिम जाति कल्याण विभाग के अन्तर्गत जनजातीय विद्यार्थियों के लिए संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की राज्य स्तरीय नृत्य-संगीत प्रतियोगिता संग्रहालय में मंगलवार को संपन्न हुई। इस प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार प्राप्त विद्यार्थी राजस्थान के उदयपुर में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भागीदारी करेंगे। आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा जनजाति बाहुल्य जिलों में संचालित 32 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के चयनित बच्चों की संभाग स्तरीय नृत्य-संगीत की प्रतियोगिताएं आयोजित की गयी थीं। जिनमें से प्रथम एवं द्वितीय पुरस्कार प्राप्त विद्यार्थियों को राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में शामिल किया गया। इस प्रतियोगिता में एकल गायन, समूह गायन, एकल नृत्य और समूह नृत्य प्रस्तुत किये गये। जिनमें से प्रत्येक विधा में 3 पुरस्कार प्रदान किये गये। निर्णायक मण्डल में सुप्रसिद्ध संगीतकार पं. किरण देशपाण्डे, युवा संगीतकार श्री उमेश तरकशवार, लोक गायिका श्रीमती पूर्णिमा चतुवेर्दी, सुगम संगीत की सुपरिचित हस्ताक्षर डॉ. दीप्ति गेड़ाम परमार और कथक की अध्येता एवं गायिका डॉ. वीनस तरकशवार शामिल थी।

नृत्य और गायन कला को खूब सराहना मिली

प्रतियोगिता में एकल गायन में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय जुन्नारदेव (छिन्दवाड़ा), सोहागपुर (शहडोल), इन्दौर और जामली (बड़वानी) के आदिवासी विद्यािर्थयों ने प्रस्तुति दी। एकल नृत्य प्रतियोगिता में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय डिण्डौरी, उकवा (बालाघाट), बड़वानी और विशेष पिछड़ी जनजाति विद्यालय इन्दौर के विद्यार्थियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। सामूहिक नृत्य प्रतियोगिता में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय नरईनाला (जबलपुर), घंसौर (सिवनी), खरगोन और विशेष पिछड़ी जनजाति विद्यालय इन्दौर की उत्साहजनक भागीदारी रही। आदिवासी विद्यार्थियों से खचाखच भरे जनजातीय संग्रहालय के सभागार में प्रस्तुत प्रत्येक नृत्य और गायन कला को खूब सराहना मिली।

नगद राशि, ट्राफी और प्रमाण-पत्र से किया सम्मान  

आदिवासी बच्चों की नृत्य-संगीत की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने, तराशने और राष्ट्रीय स्तर पर उनकी कला को पहचान दिलाने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रतियोगिता में एकल गायन के अन्तर्गत एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय इन्दौर के प्रियांशु मोरे प्रथम, जामली (बड़वानी) की कु. मेवंती गरासे द्वितीय और सोहागपुर (शहडोल) के कु. प्रियंका सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार सामूहिक गायन में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय इंदौर प्रथम, सेजावाड़ा (अलीराजपुर) द्वितीय और सिझौरा (मण्डला) को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। एकल नृत्य में विशेष पिछड़ी जनजाति एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय इंदौर की कु. माधुरी प्रथम, बड़वानी की कु. खुशी आर्य द्वितीय और डिण्डौरी की कु. दीपलता नरईनाला (जबलपुर) को प्रथम, घंसौर (सिवनी) को द्वितीय और खरगोन को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रमुख सचिव आदिम जाति कल्याण एवं निर्णायक मंडल के सदस्यों द्वारा नगद राशि, ट्राफी और प्रमाण-पत्र प्रदान किये गये। इस मौके पर संचालक आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजना एवं विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती प्रमिला दिवाकर मुंशी ने किया।

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