Saturday, December 14, 2019

आदिवासी समाज की छह साल की मासूम से नाबालिग ने किया दुष्कर्म

आदिवासी समाज की छह साल की मासूम से नाबालिग ने किया दुष्कर्म

बंडोल थाना क्षेत्र की घटना

सिवनी।। गोंडवाना समय। बंडोेल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने फोरलेन मार्ग से लगे हुए गांव में आदिवासी समाज की छह साल की मासूम के साथ गांव के ही 15 साल के नाबालिग द्वारा दुष्कर्म किए जाने का मामल सामने आया है। घटना शुक्रवार की देर शाम की है। घटना के संबंध में मिली जानकारी अनुसार थाना क्षेत्र के एक गांव में शुक्रवार की शाम पांच-छह बजे के बीच छह साल की मासूम बच्ची साइकिल के निकले हुए टायर के साथ खेल रही थी। उसी दरमियान गांव का ही 15 वर्षीय नाबाालिग मौका पाकर उसको जबरन गोद में उठाकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। रोते हुए जब बच्ची घर पहुंंची और उसकी मां और परिजनों ने पूछा तो बच्ची ने अपने साथ हुए घटना के बारे में बताया जिसके बाद पीड़ित की मां ने बंडोल थाने पहुंचकर इस मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपित नाबालिग के खिलाफ धारा 376 पासको एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

पैसे ले लो लेकिन मत कराओ रिपोर्ट-

पीड़ित मासूम की मां ने गोंडवाना समय को बताया कि जब रोते-रोते आई उसकी बच्ची ने गांव के ही 15 वर्षीय बालक द्वारा किए गए कृत्य के बारे में बताया तो पीड़ित की मां और परिजन तत्काल आरोपित लड़के के घर पहुंचे। जहां आरोपित बच्चा दुष्कर्म की घटना करने से साफ इंकार कर रहा था लेकिन जब मासूम के जख्मों को बताया गया तो आरोपित की नानी जो वर्तमान में महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित आंगनबाड़ी केन्द्र में पदस्थ है वह पैसे देकर मामला दबाने का प्रयास कर रही थी। महिला बाल विकास विभाग के साथ खुद महिला होने के बावजूद पीड़ित के परिजनों से कहा गया कि पैसे ले लो लेकिन रिपोर्ट मत दर्ज कराओ। पीड़ित की मां की रिपोर्ट पर पुलिस ने धारा 376 पासको एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपित नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़ित आदिवासी वर्ग की बताई जा रही है।

आठ बजे आने वाली पुलिस दोपहर के बाद पहुंची अस्पताल

पीड़ित के परिजनों ने बताया कि बच्ची को जिला अस्पताल में भर्ती कराकर उसका उपचार कराने के बाद बंडोल पुलिस इलाज कराई और चली गई पुलिस और परिजनों को कहा गया था कि शनिवार की आठ बजे अस्पताल पहुंच जाएंगे लेकिन पुलिस दोपहर दो बजे के बाद जिला अस्पताल पहुंची। सबसे खास बात तो यह है कि शुक्रवार की शाम से पीड़ित बच्ची जिला अस्पताल में भर्ती है लेकिन शनिवार की दोपहर तक जिला अस्पताल के सिविल सर्जन को पीड़ित बच्ची के बारे में जानकारी नहीं थी। उनका साफ कहना था कि मेरी जानकारी में नहीं है।

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