Wednesday, January 8, 2020

पूर्वजों के ज्ञान से, समय का सदुपयोग कर, स्वयं व समाज के सशक्त भविष्य का निर्माण में सब मिलकर निभाये जिम्मेदारी-डॉ सुधीर वाडिवा

पूर्वजों के ज्ञान से, समय का सदुपयोग कर, स्वयं व समाज के सशक्त भविष्य का निर्माण में सब मिलकर निभाये जिम्मेदारी-डॉ सुधीर वाडिवा 

विद्यार्थियों की समस्याओं का बताया सरल समाधान 

नि:शुल्क शिक्षा देने वाले शिक्षक करे रहे नेक कार्य

हम मिलकर ऐसा करें कार्य इतिहास में लिखा जाये हमारा नाम

अब हम नहीं रूकेंगे और समाज को सशक्त बनाने की दिशा में करेंगे कार्य 

सिवनी। गोंडवाना समय। 
कोयान द विजन के वार्षिक उत्सव समारोह में भोपाल से मार्गदर्शन देने पहुंचे डॉ सुधीर वाडिवा ने बताया कि वह पूर्व में राज्य सेवा में शासकीय नौकरी में रह चुके है एवं केंद्रीय सर्विस में सेवा दे रहे है उन्होंने बताया कि वह सरकारी सेवा के दौरान यह विचार करते थे कि मैं समाज का काम कब करूंगा, सेवानिवृत्ति यानि 60 वर्ष के बाद करूंगा तो बहुत देर हो जायेगी इसलिये उन्होंने ठान लिया कि वह समाजिक उत्थान की दिशा में सप्ताह के दो दिन जरूर देंगे। कोयान द विजन के वार्षिक उत्सव कार्यक्रम में अपने मार्गदर्शन के प्रारंभ में डॉ सुधीर वाडिवा ने कहा कि कोयान द विजन में बिना किसी स्वार्थ के जो शिक्षक नि:शुल्क प्रशिक्षण व मार्गदर्शन हेतु सेवा दे रहे है वह नेक कार्य कर रहे है।

मिशन का होना चाहिये विजन 

उन्होंने मार्गदर्शन के दौरान मौजूद विद्यार्थियों को कहा कि मिशन का कोई विजन होना चाहिये। समाज एकजुट रूप से आये और मिलकर कार्य करें चाहे ताकि समाज के संवैधानिक अधिकार जिंदा रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को समस्या, समाधान, खोजने का आसान तरीका बताया उन्होंने कहा कि अब हम नहीं रूकेंगे और हम समाज को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य करेंगे। 

भाषा हो रही विलुप्त जो बोलते है उन पर है गर्व

अपने मार्गदर्शन के दौरान कोयान द विजन के विद्यार्थियों को मार्गदर्शन के दौरान यह भी कहा गया कि हम कोईतूर है और भाषा गोंडी है जो कि विलुप्ती की कगार पर है। जो सगाजन गोंडी भाषा का प्रयोग बोलचाल में करते है उन पर हमें गर्व है और जिन्हें गोंडी भाषा नहीं आती है उन्हें और हम आपको सबको मिलकर गोंडी भाषा को सीखना है। 

सामाजिक समस्या की और कराया ध्यान आकृष्ट

कोयान द विजन के वार्षिक उत्सव में मौजूद विद्यार्थियों को यह भी बताया कि बाल विवाह भी एक समस्या है लेकिन यह राजस्थान व कुछ क्षेत्रों में ज्यादा है लेकिन मध्य प्रदेश में ऐसी स्थिति कम है लेकिन इस और सबको ध्यान देने की आवश्यकता है। वहीं सबसे गंभीर और चिंतनीय समस्या को बेहिचक बात रखते हुये अवगत कराया कि वैश्यावृत्ति की और निर्धनता व आर्थिक परेशानी के चलते कम उम्र से लेकर महिलायें इस ओर धकेली जा रही है जिसे हमें रोकना होगा। समाज में जमीन की कमी होती जा रही है जमीने गिरवी रखी जा रही है। ऐसी समस्याओं को हम सबको मिलकर समाधान निकालना होगा। तभी समाज का स्वाभिमान जागेगा और मनोबल बढ़ेगा। कुपोषण की समस्या व रोजगार की समस्या के साथ उसके समाधान भी बताया।

कैसे निकाले झिझक और बढ़ाये निडरता

कोयान द विजन के वार्षिक उत्सव कार्यक्रम में मार्गदर्शन देने पहुंचे डॉ सुधीर वाडिवा से मौजूद विद्यार्थी सरिता कर्वेती ने पूछा कि विद्यार्थियों में अक्सर झिझक की समस्या होती है उसे हम कैसे निकाल सकते है और हममे निडरता कैसे बढ़े। इसका समाधान बताये तो डॉ सुधीर वाडिवा ने इसका बहुत ही आसान व सरल उपाय उन्होंने विद्यािर्थयों को जानकारी दिया। उन्होंने बताया कि बिना तैयारी के हम किसी मंच में जाकर न बोले या प्रदर्शन न करें वहीं कोई भी साक्षात्कर देने से पहले से उसकी पूरी तैयारी अच्छी तरह से करें अन्यथा बिना तैयारी के आपको परेशानी हो सकती है, इसके लिये उन्होंने तैयारी कैसे करें इसकी भी जानकारी विद्यार्थियों को बताया। इसके साथ ही उन्होंने कहा हमें चतुर चालाक बनना होगा लेकिन हम ऐसी चतुराई व चालाकी न करें जिससे किसी ओर को नुकसान पहुंचाये वरन हम अपने आप को हानि पहुंचने से बचाने के लिये चतुर चालाकी रखे। हमें प्रत्येक क्षेत्र का ज्ञान रखना होगा और जानकारी हमारे पास त्वरित रूप में रहे इसको जानने के लिये निरंतर अभ्यास व अध्ययन करना चाहिये। इसके लिये उन्होंने किस तरह की पाठ्य सामग्री की जानकारी जुटाना है या पढ़ना है उसे भी बताया।

कोयान द विजन को बड़े रूप में आगे पहुंचाना होगा

कोयान द विजन के वार्षिक उत्सव कार्यक्रम में डॉ सुधीर वाडिवा ने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन के साथ यह बताया कि हम अपने स्तर से आपके शहर से कई किलोमीटर दूर रहकर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कोयान द विजन को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे है। कोयान द विजन हमारे वर्तमान के साथ साथ आने वाली पीढ़ी के लिये विशेष भूमिका निभा सकता है। इसलिये इसका समर्थन व सहयोग करें। कोयान द विजन में विद्यार्थियों को प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता प्राप्त करने में सहायता मिल सकती है वहीं स्वरोजगार प्राप्त करने में सहायता मिल सकती है। 

24 घंटे का कैसे करें सदुपयोग

कोयान द विजन के  वार्षिक उत्सव कार्यक्रम में डॉ सुधीर वाडिवा ने विद्यार्थियों को विकास में समय का विशेष सदुपयोग व महत्व की जानकारी दिया। उन्होंने 24 घंटे में किस तरह अपने दैनिक जीवनचर्या को आप 4 भागों में बांटकर 8 घंटों का किस तरह सदुपयोग कर सकते है इसका आसान तरीका बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से लेकर प्रत्येक उम्र तक के लिये 24 घंटों का सदुपयोग बताया जिसमें उन्होंने विद्यार्थियों को स्कूल, कॉलेज व शैक्षणिक कार्य के लिये 8 घंटे, वहीं उन्होंने परिवार के साथ शैक्षणिक अध्ययन के लिये भी 8 घंटे देने, इसी तरह समाज के लिये भी 8 घंटे देना चाहिये वहीं 8 घंटे शारीरिक विश्राम के लिये उन्होंने बताया। समाजिक रूप से जुड़ने से हम अपने साथ समाज को भी सशक्त बना सकते है।

1 और 1 होते है 11 के साथ बताया टीम वर्क का महत्व 

कोयान द विजन के वार्षिक उत्सव कार्यक्रम में विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देने पहुंचे डॉ सुधीर वाडिवा ने बताया कि कोईतूर समाज की संस्कृति की विशेषता हमेशा से सामुहिक रही है अब इसे सांस्कृतिक गीत नृत्यों के माध्यमों से आसानी से समझ सकते है यह सिर्फ कोईतूर समाज में ही पाई जाती है। नेक कार्य के लिये हम सब मिलकर साथ कार्य करें। वहीं उन्होंने विद्यार्थियों को जापान देश में टीम वर्क किस तरह से काम करता है उसकी प्रमाणिक जानकारी दिया। हम सब मिलकर यदि किसी कार्य को सफल बनाने के लिये कार्य करेंगे तो जरूर सफल होंगे। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि हमें 1 और 1 को जोड़कर 2 बताने की वजाय हमें उसे 11 बनाने का प्रयास करना चाहिये। हमें मिलकर ऐसा काम करना चाहिये कि इतिहास में हमारा नाम लिखा जाये।

जीत से ज्यादा हार की कहानियों को पढ़े

कोयान द विजन के वार्षिक उत्सव में मार्गदर्शन देते हुये विद्यार्थियों को डॉ सुधीर वाडिवा ने बताया कि हमें असफलता से घबराने की आवश्यकता नहीं है हमें निरंतर प्रयास करना चाहिये। उन्होंने बताया कि सफल होते है या जीत जाते है उनके बारे में एवं उनके प्रयास को हमें जानना तो चाहिये ही लेकिन जो असफल होते है या हार जाते है उनके बारे में विशेष रूप से पढ़ना और जानना चाहिये उसमें हमें असफलता के कारण अधिक जानने को मिलते है ताकि हम सफल हो सके या जीत सकें। इसके लिये उन्होंने शिवखेड़ा की लिखी हुई पुस्तक अध्ययन के साथ हार के लिये आॅनलाईन जानकारी प्राप्त करने का तरीका बताया। 

पूर्वज पढ़े नहीं थे लेकिन थी दूरदृष्टि इसलिये आज भी है महान

कोयान द विजन के वार्षिक उत्सव कार्यक्रम में भोपाल से पहुंचे डॉ सुधीर वाडिवा ने मौजूद विद्यार्थियों को जानकारी देते हुये पूर्वजों के स्वर्णिम इतिहास से भी अवगत कराया उन्होंने बताया कि आप सफल होने के लिये समाज के महान क्रांतिकारी और हमारे राजा महाराजाओं का संघर्ष व इतिहास का अध्ययन करें उन्हें जीवन में अपनाते हुये आगे बढ़े। सबसे विशेष जानकारी उन्होंने विद्यार्थियों को यह दिया कि हमारे पूर्वज के समय शिक्षा का अभाव था वह कम शिक्षित थे लेकिन उनका ज्ञान के आगे विज्ञान भी फेल है। हमारे पूर्वजों ने किला, गढ़ी, महल और उनके राजपाठ में जो व्यवस्थायें की संरचना उन्होंने प्रकृति को सुरक्षित व संरक्षित करते हुये बनाया था वह आज भी प्रमाण है। इसके साथ अपने हक अधिकारों संस्कृति की सुरक्षा के लिये उन्होंने जो बलिदान व योगदान दिया वह हमारे प्रेरणादायी है।

नेतृत्वकर्ता कैसे बने व लक्ष्य निर्धारित करें

कोयान द विजन के वार्षिक उत्सव कार्यक्रम के दौरान प्रेरणा दिवस पर भोपाल से पहुंचे डॉ सुधीर वाडिवा ने विद्यार्थियों ाके बताया कि आप सक्षम, प्रभावशाली, नेतृत्वकर्ता बन सकते है इसके लिये उन्होंने सीखना आना चाहिये और सिखाना भी आना चाहिये वहीं हमें प्रभावशाली बनना पड़ेगा इसके साथ ही अन्य भी उपाय भी बताया वहीं लक्ष्य निर्धारण के लिये विद्यार्थियों को कहा जो हम पूर्ण कर सकते है वहीं लक्ष्य निर्धारण करें जितनी हममें क्षमता हो उसी आधार पर लक्ष्य बनाते हुये तैयारी करें अनावश्यक लक्ष्य का निर्धारण न करें जिसे हम पूरा नहीं कर सकते है। लक्ष्य के लिये उन्होंने स्पष्ट रूप से बताया कि हम अपनी आर्थिक क्षमता और बौद्धिक क्षमता का आकलन अवश्य करें। वहीं उन्होंने सकारात्मक नजरिया होना चाहिये, समपर्ण, उर्जावान होने के साथ हमारी आदत अच्छी होनी चाहिये। 

कभी न खत्म होने वाली है प्रेरणा

कोयान द विजन के कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों को उन्होंने बताया कि मेहतन, कार्य प्रति ईमानदारी से जिम्मेदारी निभाने से पहचान बढ़ती है और इससे सम्मान भी मिलता है। यह कभी न खत्म होने वाली प्रेरणा होती है और आंतरिक प्रेरणा अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। 

कोयान द विजन के कार्यों पर मौजूद लोगों ने ये दिया विचार

हम आपको बता दे कि कोयान द विजन के कार्यों को लेकर वार्षिक उत्सव में पहुंचे मौजूद विद्यार्थियों के साथ साथ उपस्थिति अतिथियों व विद्यार्थियों के परिजनों ने अपने विचार लिखे जिसमें से कुछ विचार प्रमुख रूप से इस तरह दिये गये। कोयान द विजन संस्था का विस्तार पूरे मध्य प्रदेश में किया जाये। कोयान द विजन में प्रोफेसन एक्टीविटी डेवलप क्लासेस चलाई जावे। इसी तरह कुछ लोगों ने बताया कि कोयान द विजन में शिक्षा अच्छी तरीके से अध्यापन का कार्य कराते है। तो वहीं कुछ लोगों ने अपने विचारों में कहा कि कोयान द विजन का शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाते हुये स्कूल व कॉलेज खोला जाने का प्रयास हेतु सबको सहयोग करना चाहिये। कोयान द विजन के द्वारा दिये जा रहे नि:शुल्क प्रशिक्षण से निर्धन विद्यार्थियों को बहुत मदद मिल रही है। कोयान द विजन में शिक्षण अध्ययन के साथ अनुशासन व सामाजिक व सांस्कृतिक ज्ञान भी दिया जाता है। कोयान द विजन संस्थान को आगे बढ़ाने और मजबूत रूप से खड़ा करने के लिये आर्थिक रूप से सहयोग कर सक्षम बनाने के लिये लोगों को आगे आकर आर्थिक सहयोग करना चाहिये इसके संबंध में भी अधिकतम लोगों ने अपने विचारों में उल्लेख किया है। 

कोयान द विजन की होनहार छात्रा गीता परते को प्रमाण पत्र से सम्मान करते हुए तिरुमाल डॉक्टर सुधीर वाडिवा 

विशेष रूप से ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में विशेष रूप से संतकुमार मर्सकोले अजाक्स संघ अध्यक्ष, रवि मेश्राम सामाजिक कार्यकर्ता, सुनील डोंगरे अधिवक्ता, शोकलाल कुलस्ते जीएसयू, राजा काकोड़िया, विजय ठाकरे समाजिक कार्यकर्ता व कोयान द विजन के संचालक मण्डल, विद्यार्थियों व शुभचिंतक विशेष रूप से मौजूद रहे।

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