Sunday, January 26, 2020

वाह रे जरिया तेरा खेल, धान पर किया रेलमपेल

वाह रे जरिया तेरा खेल, धान पर किया रेलमपेल

किसानों की शिकायतों के नाम पर समिति प्रबंधकों को चमकाकर खेल

सिवनी। गोंडवाना समय। 
जिले में समर्थन मूल्य पर की गई धान की खरीदी में नागरिक आपूर्ति निगम के जरिया और उसकी टीम ने  मिलकर जमकर खेल किया है। सूत्रों की मानें तो नमी के नाम पर समिति प्रबंधकों से दो-दो हजार रुपए की राशि वसूली गई है। वहीं किसानों की शिकायतों का भी फायदा उठाकर समितियों के खिलाफ कार्रवाई करवाने की बजाय सांठगांठ कर लाखों का खेल किया गया है। वहीं ठेकेदार की राशि रोक-रोककर परिवहन को विलंब से कराने और समितियों के प्रागंण में रखी धान को खराब करवाने में भी भूमिका निभाई है। जिले में 23 जनवरी तक 22 लाख क्विंटल से ज्यादा धान की खरीदी हुई है।

समिति ने किसान की गायब कर दी एक बोरी शिकायत पर चुप जरिया-

 खरीदी केन्द्र में आमगांव में किसान कुमेश चंद्रवंशी निवासी आमगांव ने 161 कट्टी धान यानी 64 क्विंटल 40 ग्राम मात्रा थी लेकिन खरीदी प्रबंधक द्वारा पोर्टल में सिर्फ 64 क्विंटल दर्ज कर पावती दी गई। वहीं तुलाई के दौरान किसान से नमी के नाम पर 41 किलो 500 ग्राम लिया गया जिसमें 500 ग्राम अतिरिक्त लूट-खसोट किया गया। किसान कुमेश चंद्रवंशी से खरीदी प्रबंधक आमगांव द्वारा की गई लूट-खसोट को लेकर जब नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंधक केएल जरिया से बात की गई तो उन्होंने  गोंडवाना समय की टीम से पीड़ित किसान का नंबर भी लिया और समिति प्रबंधक की शिकायत कलेक्टर से करके कार्रवाई करवाने का आश्वासन दिया लेकिन वाह रे केएल जरिया किसान की समस्या का समाधान करना तो दूर उससे बात तक नहीं की। सूत्र बताते हैं कि खरीदी प्रबंधक आमगांव को किसान की शिकायत के नाम पर धमकाकर खेल कर लिया गया है। इसके बाद बरघाट विकासखंड के लोहारा खरीदी केन्द्र की शिकायतें सामने आई थी जहां एक किसान की तुलाई के बाद 30 क्विंटल धान चोरी हो गई थी। किसान के हंगामा मचाने के बाद समिति प्रबंधक और किसान के बीच समझौता हुआ। समझौते में पहले तो समिति प्रबंधक 30 में से 25 कट्टी धान को पोर्टल में चढ़ाने की बात कर पांच कट्टी छोड़ने की बात कही गई। बताया जाता है कि पांच बोरी के झोलझाल को लेकर मामला बिगड़ न जाए इसलिए बाद में 30 बोरी चोरी हो जाने के बावजूद समिति प्रबंधक लोहारा ने कागजों में ही 30 बोरी बताकर धान पोर्टल में चढ़ा दी। इस मामले को लेकर भी गोंडवाना समय ने नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंधक केएल जरिया से शिकायत की। शिकायत पर बकायदा किसान का नाम और समिति का नाम लिखा। किसान का मोबाईल नंबर भी कागजों में अंकित किया लेकिन जरिया साहब इतने होशियार की किसान से कोई बातचीत नहीं की और न ही उनके खिलाफ कार्रवाई करवाई। वहीं सूत्रों की मानें तो झोलझाल की जानकारी का फायदा उठाकर समिति प्रबंधक से सेटिंग कर ली। दोनों मामले को लेकर शनिवार 25 जनवरी को नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंधक केएल जरिया से बात की तो उनका खड़ा जवाब था कलेक्टर को जानकारी दे दी है। कार्रवाई करें या न करें उनकी जिम्मेदारी है। इसके बाद जब गोंडवाना समय की टीम ने जरिया से खरीदी के दौरान उनकी जिम्मेदारी को पूछा तो व्यस्थ हूं कहकर फोन काट दिया।

प्रबंधक के संरक्षण में सर्वेयर ने भी नमी के नाम पर की वूसली-

कलबोड़ी,कारीरात सहित आसपास क्षेत्र के कई किसानों ने बताया कि नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंधक की सह पर कारीरात पहुंची महिला सर्वेयर द्वारा नमी के नाम पर किसानों से दो-दो हजार रुपए की राशि वसूली की गई थी। इस बात की चचाऐं भी जोरो पर है।

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