Wednesday, January 29, 2020

क्रांतिकारी रॉबिनहुड टंट्या भील जी की प्रतिमा का हुआ अनावरण

क्रांतिकारी रॉबिनहुड टंट्या भील जी की प्रतिमा का हुआ अनावरण 

बालाघाट। गोंडवाना समय।
महामानव जननायक क्रांति सूर्य रॉबिनहुड टंट्या भील जी की 178 वी जयंती का आयोजन एवं महाकौशल क्षेत्र की प्रथम आदमकद प्रतिमा बालाघाट जिले की आदिवासी ग्राम सभा ओदा(धनसुआ) में स्थापित किया गया उक्त कार्यक्रम के संबंध में जानकारी देते हुये सतेन्द्र इनवाती ने बताया कि यह प्रतिमा आदिवासी समाज को सामाजिक एकीकरण से जोड़ने एवं जल, जंगल, जमीन, सम्मान व अधिकार दिलाने वाले महापुरुष की विचार धारा से जोड़ने का प्रतीक है। आज आदिवासियों को सरकारी नोकरी मिल रही है इन्हें ये अधिकार दिलाने वाले महामानव रॉबिनहुड टंट्या भील जी है जिनके कारण इतनी बड़ी उपलब्धि आज आदिवासियों के पास में है। 

दो पहिया वाहन में निकाली सतरंगी ध्वज रेली      

यह कार्यक्रम का आयोजन सर्वप्रथम जय बड़ादेव गोंडवाना आदिवासी विकास समिति भरवेली से सतरंगी ध्वजा के साथ दो पहिया वाहन ध्वज रैली निकाली गई, जो भरवेली के विभिन्न मार्गो से होते हुए धरती आबा बिरसा मुण्डा चौक पहुँची। जहां प्रतिमा पर माल्यार्पण कर रैली कार्यक्रम स्थल ओदा (धनसुआ) के लिए प्रस्थान हुई, जो कार्यक्रम स्थल में जाकर ध्वज रैली का समापन किया गया। 

ये रहे मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि व कार्यक्रम के उद्घाटक

तत्पश्चात कार्यक्रम के मुख्य अथिति इंजी. श्री सतीश पेंदाम राष्ट्रीय संस्थापक बिरसा ब्रिगेड भारत, कार्यक्रम उद्घाटक श्री जी.आर. राना अनुसूचित जनजाति आयोग अध्यक्ष छ.ग. राज्य शासन पूर्व एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष अ.भा.आदि. हलबा समाज भारत, कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री महेंद्र काटेवार बिरसा ब्रिगेड निर्णायक सदस्य म.प्र. के साथ विशेष अथिति के रूप श्री गिरधारी नाईक जिला सहायक संचालक शिक्षा विभाग बालाघाट, श्री रमेश कुमार टेकाम जिला संरक्षक बिरसा ब्रिगेड बालाघाट,श्री वसंत वागदे अध्यक्ष अर्पित सेवा संस्था बालाघाट, श्री शिव प्रसाद बरले आदि. नंगारचि समाज जिलाध्यक्ष बालाघाट, दिनेश ठाकरे सहायक प्रशासनिक अधिकारी बालाघाट, श्री सी.एल. उइके वरिष्ट समाजसेवी बालाघाट, श्री मान सिंह सिरसाम वरिष्ठ समाजसेवी बालाघाट, श्री यू.एस. मर्सकोले सेवानिवृत आयकर अधिकारी बालाघाट, श्री प्रशांत मोहारे जिला पंचायत सदस्य बालाघाट, श्री भुरु पटेल ज. प. सदस्य पायली बालाघाट, श्री मुकेश सैय्याम जय बड़ादेव गोंड.आदि.विकास समिति भरवेली अध्यक्ष की उपस्थिति में क्रांतिकारी रॉबिनहुड टंट्या भील जी की प्रतिमा का अनावरण किया गया तथा भारत का संविधान पर फूलो से अर्चन किया गया। 

आदिवासी अधिकारों पर विचार जनसंसद का हुआ आयोजन 

इस कार्यक्रम में हजारो की संख्या में समाज के सगाजन उपस्थित हुए प्रतिमा अनावरण के पश्चात के सभी अथितियों का आदिवासी संस्कृति के आधार पर स्वागत किया गया तथा उसके पश्चात आदिवासी शिक्षा, अधिकार विचार जनसंसद का आयोजन प्रारम्भ किया गया। जिसमे मुख्य अथिति द्वारा रॉबिनहुड टंट्या भील एवं अन्य महापुरुषो के आंदोलन से प्राप्त आजादी को समाज के बीच रखे एवं समाज को सामाजिक विचारधारा से जोड़ने की बात कही तथा आदिवासियों का मालकियत मालिकाना अधिकार पर इतिहास को समाज के बीच प्रस्तुत किये, जो अभी तक इन जानकारियो से अनभिज्ञ थे। 

संविधान पर मंडरा रहा खतरा 

कार्यक्रम उद्घाटक द्वारा संविधान पर प्रदत्त मूल अधिकारो पर प्रकाश डाला गया तथा संविधान पर जो खतरा मंडरा रहा है, उस खतरे से समाज को बचाने के लिए सभी को जातिवाद भूलकर समाज में एकरुपता पर बल प्रदान किया तथा इस कार्यक्रम में आदिवासी लोक नृत्य एवं आदिवासी कलाकारों द्वारा गोंडी लोकगीतों की शानदार प्रस्तुति दी गई। इस कार्यक्रम में बिरसा ब्रिगेड जिला बालाघाट से श्री गोविन्द प्रसाद उइके, श्री चन्द्र किरण उइके, संतोषी उइके, पी.डी.उइके, रामकिशोर टेकाम, डी.एल.उइके, अशोक कोर्राम, डी.एस.उइके, सालिकराम उइके, बी.सी.मेरावी, प्रदीप परते, टी.एस.मरकाम, एस.एल.मरकाम, तुराप सिंह पंद्रे, बसंत टेकाम, श्याम उइके, विक्रम सिंह मर्सकोले, अश्विन सलामे, ईश्वर कुमरे, राजन काकोटिया, सुमित मरकाम, सत्येंद्र इनवाती, राहुल मेरावी, अशोक उइके, रोशनी तिलगाम, संदीप सिरसाम, शिवा परतेती, जीतेन्द्र टेकाम, काशी नगपुरे, ज्वाला मरकाम, रामकुमार मेरावी, चतुर उइके, अनिल वाड़ीवा, धनीराम मर्सकोले, धनेन्द्र भलावी एवं आदिवासी सामाजिक सांस्कृतिक ग्रामसभा ओदा के ग्राम प्रधान श्री रमेश वरकड़े, ग्राम उप प्रधान श्री संतलाल कुंजाम, ग्राम सचिव श्री निरंजन मड़ावी, ग्राम कोषाध्यक्ष श्री धूप सिंग खुड़साम सहित अन्य सदस्यों में हर्ष मसराम, महिमा वाड़ीवा, रीना वरकडे, गीता वरकडे, रीना उइके व ग्राम के सभी सदस्य उपस्थित हुए।

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