Saturday, February 1, 2020

17 पर्वो के दौरान पशुवध गृह एवं मांस बिक्री की दुकाने बंद रखे जाने की मांग

17 पर्वो के दौरान पशुवध गृह एवं मांस बिक्री की दुकाने बंद रखे जाने की मांग

सकल जैन समाज के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर से किया आग्रह

सिवनी। गोंडवाना समय। 
जिले के जैन धर्मावलंबयिों ने जिला कलेक्टर को एक सौंपकर मांग की है कि मध्यप्रदेश शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के ज्ञापन क्रमांक 69 मं / 18 -3/90 भोपाल दिनांक 18 मई 1990 के संदर्भ पूर्वक क्रमांक 2248/ 2006/ अठारह -3 भोपाल दिनांक 30 मार्च 2007 को प्रदेश में स्थित समस्त कलेक्टरों के लिये निर्देश जारी किये गये थे । मध्यप्रदेश के राज्य पाल के नाम से तथा आदेशानुसार विभागीय उपसचिव के हस्ताक्षर पूर्वक निर्गमित इस परिपत्र में आदेश किया है कि राज्य में विशिष्ट 17 पर्वो के दौरान पशुवध गृह एवं मांस बिक्री की दुकाने बंद रखे । जैन समाज ने जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक  को जो ज्ञापन सौंपा है। उसमें निर्दिष्ट 17 पर्वो का उल्लेख  भी किया गया है। जिनमें गणतंत्र दिवस, गांधी निर्वाण दिवस, महावीर जयंती, बुद्ध जयंती, स्वतंत्रता दिवस, गांधी जयंती, राम नवमीं, डोल ग्यारस, गणेश चतुर्थी, पर्यूषण पर्व का प्रथम दिन, पर्यूषण पर्व का अंतिम दिन, अनंत चतुर्दशी, जन्माष्टमी, संत श्री जिन तरण तारण जयंती, पर्यूषण पर्व में संवत्सरी श्वेताम्बर जैन, भगवान महावीर के 2500 वे निर्वाण दिवस एवं चैती चांद पर्वो का उल्लेख है।

समिति बनाने का दिया सुझाव 

सकल जैन समाज के प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर से आग्रह किया है कि नगरीय निकायों के क्षेत्र में उपरोक्त पर्वो के अवसर पर पशुवध एवं मांस बिक्री प्रतिबंधित करने की कार्यवाही सुनिश्चित करें। जैन समाज के प्रतिनिधियों द्वारा सौंपे गये ज्ञापन में सुझाव दिया गया है कि इसके लिये एक समिति भी बनायी जा सकती है। जो निर्दिष्ट अवसरों पर पुलिस एवं प्रशासन के सहयोग से पशुवध एवं मांस बिक्रय की दुकाने बंद कराने में सहयोग करेंगी । 

निर्देशों का पालन नहीं करने पर की जाये कार्यवाही

निर्दिष्ट अवसरों पर पशुवध एवं मांस दुकाने संचालित करने वालों को पूर्व सूचना देकर उन्हें पर्वो के अवसर पर दुकाने बंद करने के निर्देश जारी किये जाये और जो निदेर्शों का पालन करने में लापरवाही बरते उन पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। जिला कलेक्टर को उक्ताशय का ज्ञापन सौंपने पहुैँचे जैन समाज के प्रतिनिधियों में सुदर्शन बाझल , संजय मालू, चन्द्रशेखर आजाद, प्रकाश चन्द्र नाहटा, सुजीत जैन, पं. सतीश जैन (भैरोगंज), पं. सन्तोष जैन (भैरोगंज), प्रफुल्ल (बंटी) जैन, सतीश नाहटा, अंकुश जैन (भैरोगंज), सुनील जैन (भैरोगंज), प्रवीण चन्द्र मालू, सुनील मालू शामिल रहे।

No comments:

Post a Comment

Translate