Friday, February 14, 2020

सूदखारों के पास 3284 आदिवासियों के 1 करोड़ 10 लाख 29 हजार 417 रूपये में गिरवी रखे 8 विंक्टल चांदी तो 2 किलो से ज्यादा सोना

सूदखारों के पास 3284 आदिवासियों के 1 करोड़ 10 लाख 29 हजार 417 रूपये में गिरवी रखे 8 विंक्टल चांदी तो 2 किलो से ज्यादा सोना 

मैं भी हूं चौकीदार बताने वाले को मुख्यमंत्री की मीटिंग में लेकर गये थे लखनादौन विधायक  

अनुसूचित क्षेत्र लखनादौन में आदेगांव, धूमा, सहित गांव-गांव के आदिवासी जेबर गिरवी रख बने लाखों के कर्जदार 

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने 9 अगस्त 2019 को कहा था कि अनुसूचित क्षेत्रों में जिन आदिवासियों की जमीन व जेबर को जिस भी सेठ साहूकार ने गिरवी रखा है उसे वापस करना पड़ेगा और नहीं करने वालो को जेल की हवा तक खाना पड़ सकता है और कड़ी कानूनी कार्यवाही होगी । इसके बाद से ही मध्य प्रदेश के 89 आदिवासी विकासखण्डों में तो सेठ साहूकारों की हालत खराब हो थी उन्होंने आदिवासियों के जेबरों से भरी हुई तिजोरी को बचाने के लिये राजनैतिक आकाओं के सहारे मुख्यमंत्री के साथ बैठक कर अपनी तिजोरी बचाने में वे कामयाब हो गये और लगभग 6 माह बीत गया है लेकिन मुख्यमंत्री एक भी आदिवासी का जेबर और जमीन वापस नहीं करा पाये है। लखनादौन विधायक श्री योगेन्द्र सिंह बाबा जो आदिवासी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते है उन्होंने स्वयं मुख्यमंत्री के साथ आदिवासियों के जेबर गिरवी रखने वाले सूदखारों को बचाने के लिये लेकर गये थे इसमें कोई 10 परसेंट में आदिवासियों का जेबर गिरवी रखने वाला था तो कोई मैं भी हूं चौकीदार बताने वाले शमिल थे। 

सिवनी। गोंडवाना समय। 
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमल नाथ ने जहां एक ओर विश्व आदिवासी दिवस के दिन अनुसूचित क्षेत्रों से आदिवासी समुदाय के लोगों को साहूकारों से लिये कर्ज से मुक्ति दिलाने के लिये फैसला लिया और उस पर कड़कता से पालन कराने के लिये जिला स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों को कार्यवाही सुनिश्चित करने के साथ साथ अनुसूचित क्षेत्रों में कर्ज देने वाले साहूकारों को जानकारी जुटाने के भी आदेश भी दिये थे। यहां तक उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिनके जेबर व जमीन गिरवी रखे हुये है उन्हें वापस दिलवाया जाये और जो नहीं मानता है उन पर कड़ी कार्यवाही करों चाहे ऐसे लोगों को जेल ही क्यों न भेजना पड़े। इसके साथ ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमल नाथ ने स्वतंत्रता दिवस का संदेश देते हुये 13 अगस्त 2019 को कलेक्टर व एसपी को देते हुये जनअधिकार की व्डीयो कांफ्रेसिंग में स्पष्ट रूप से निर्देश दिये थे कि अनुसूचित क्षेत्रों में जनजातीय परिवारों पर साहूकारी ऋण विमुक्ति अध्यादेश लाया जायेगा।

लखनादौन क्षेत्र में साहूकारी के कर्ज में गले तक दबे है गांव-गांव में आदिवासी 

लखनादौन ब्लॉक अनुसूचित क्षेत्र में आता है जहां पर मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद से ही गांव-गांव से आंकड़े जुटाये जा रहे है कि किस किस गांव के कितने आदिवासियों के जेबर किस किस साहूकार के पास रखे हुये है। जिसमें लगभग 3284 आदिवासियों के आंकड़े गिरवी रखे हुई रसीद का आंकड़ा सामने आया है। लखनादौन में ही 3284 आदिवासियों ने लगभग 1 करोड़ 10 लाख 29 हजार 417 रूपये में 8 क्ंिवटल से ज्यादा चांदी और दो किलो से भी अधिक वजन में सोना गिरवी रखा हुआ है। यह तो कर्ज रखे जाने वाली रकम है यदि इनका ब्याज के रूपये भी जोड़ा जायेगा तो आदिवासियों के सिर पर कितना कर्ज होगा। इसका अनुमान लगाया जा सकता है। वहीं अभी तो मात्र 3284 ही आदिवासियों का रिकार्ड बताया गया है लेकिन आने वाले समय में गोंडवाना समय द्वारा लगभग सभी आदिवासी कर्जदारों की आंकड़े सहित जानकारी प्रकाशित की जायेगी जिसमें सामने आयेगा कि आदिवासियों ने कितने विक्ंटल चांदी और कितने किलो सोना अनुसूचित क्षेत्र में प्रतिबंधित साहूकारी अधिनियम के तहत गिरवी रखा हुआ है और कितना करोड़ रूपये के आदिवासी कर्जदार बने हुये है। 

मुख्यमंत्री की मीटिंग में, मैं भी हूं चौकीदार वाले नेता जी भी थे शामिल 

अनुसूचित क्षेत्र लखनदौन विधानसभा क्षेत्र से प्रतिनिधित्व करने वाले लखनादौन के विधायक श्री योगेन्द्र सिंह बाबा अपने विधानसभा क्षेत्र के ज्वेलर्स व्यापारियों की समस्याओं का समाधान कराने के लिये मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमल नाथ से 14 अगस्त के पहले ही मीटिंग कराया था और जेबर गिरवी रखने वालों की समस्याओं का समाधान कराने का निवेदन करते हुये पहल किया था। इसके बाद ही लखनादौन विधायक श्री योगेन्द्र सिंह बाबा की कार्यप्रणाली पर प्रश्न उठने लगे थे कि आखिर वे जेवर गिरवी रखने वालों व्यापारियों के साथ मुख्यमंत्री से मीटिंग कराने के पीछे उनका मकसद क्या था। वहीं लखनादौन विधायक की अगुवाई में जो प्रतिनिधिमण्डल मुख्यमंत्री के साथ बैठक में गया था उसमें विशेष और गौर करने वाली यह बात यह है कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के साथ हुई बैठक में विधायक श्री योगेन्द्र सिंह बाबा के साथ प्रतिनिधिमण्डल में संजय सर्राफ जो कि मैं भी हूं चौकीदार का सपोर्ट करते हुये टी शर्ट पहनकर दिखाई दे रहे है और वह भी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के साथ बाजू में ही बैठकर वन टू वन मीटिंग चर्चा करते हुये नजर आ रहे है।  

अनुसूचित क्षेत्र में लाईसेंस पर है प्रतिबंध फिर भी धड़ल्ले से चल रहा सूदखोरी का व्यापार

जानकारों की माने तो अनुसूचित क्षेत्र में बीते दो वर्ष से ही साहूकारी का लाईसेंस पर प्रतिबंध लगा हुआ है उसके बाद भी सूदखोरी का कारोबार खुलेआम धड़ल्ले से चल रहा है। बताया जाता है कि अधिकांश सूदखोर राजनैतिक दलों के नेताओं और क्षेत्रिय जनप्रतिनिधियों के साथ गहरे संबंध बनाये हुये है। वहीं कुछ सूदखोर तो राजनैतिक दलों के संगठनों में पदाधिकारी बनकर संरक्षण प्राप्त करते हुये अपना सदूखोरी का धंधा बेखौफ होकर चला रहे है। सब कुछ जानते हुये भी सूदखोरों पर कार्यवाही नहीं हो पाना भी अनेकों सवालों को जन्म दे रहे है जिनके जवाब भी लोगों के पास है। 

राहूल गांधी के विपरीत चल रहे लखनादौन विधायक 

हम आपको बता दे कि भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव के पहले जैसे ही मैं भी हूं चौकीदार का नारा दिया था उसके बाद भाजपा के समर्थकों ने सोशल मीडिया से जुड़े हुये फैशबुक, ट्वीटर सहित अन्य एकाउंट में अपने आपको मैं भी हूं चौकीदार लिखना शुरू कर दिया था। इसके लिये भाजपाई समर्थकों ने तो टी शर्ट और टोपी हो या अपने प्रतिष्ठान यहां तक विवाह के आमंत्रण पत्र में भी मैं भी हूं चौकीदार छपवाकर खुला समर्थन कर रहे है वहीं कांग्रेस के सबसे बड़े नेता श्री राहूल गांधी मैं भी हूं चौकीदार को लेकर क्या बयान दे रहे थे यह कांग्रेस पार्टी के लोगों को अच्छी तरह मालूम है उसके बाद भी लखनादौन विधानसभा क्षेत्र में मैं भी हूं चौकीदार बताने वाले आदिवासियों के जेबर गिरवी व्यापारी को मुख्यमंत्री के साथ मीटिंग में शामिल कराने के लिये तो लेकर गये ही थे साथ में लखनादौन विधायक योगेन्द्र सिंह बाबा सरकारी आयोजनों में भी बाजू में बैठाल रहे है। कांग्रेस के नेता व कार्यकर्ता खुला विरोध तो नहीं कर पा रहे है पार्टी की साख बचाने के लिये लेकिन यह चर्चा जरूर कर रहे है कि मैं भी हूं चौकीदार बताने वाले नेता को कांग्रेस विधायक क्यों इस साथ में लेकर घूम रहे है वहीं वे यह भी कह रहे है कि राहूल गांधी के विपरीत कांग्रेस के विधायक चल रहे है। 

लखनादौन विधायक से गोंगपा नेता ने किया आदिवासियों के जेबर वापस दिलाने की मांग 

लखनदौन विधायक श्री योगेन्द्र सिंह बाबा गुरूवार के दिन लखनादौन मुख्यालय में शासकीय बैठकों में पहुंचे थे उसी दौरान गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अरविंद सिंह उईके ने मुलाकात किया और विधायक श्री योगेन्द्र सिंह बाबा को आदिवासियों के जेबर गिरवी रखे होने की जानकारी दिया और मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ की घोषणा अनुसार आदिवासियों के गिरवी रखे जेबर को वापस दिये जाने की बात को पूरा किये जाने के संबंध में चर्चा किया। गोंगपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अरविंद सिंह उईके ने विधायक से चर्चा कर कहा कि कांग्रेस की सरकार और मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ द्वारा किये गये घोषणा को पूरा कराये जाने को लेकर आप भी प्रयास करे क्योंकि लखनादौन विधानसभा क्षेत्र में प्रत्येक गांव से अधिकांश आदिवासियों के जेबर गिरवी रखे हुये जिन्हें वापस दिलाने में आप सहयोग करे। 

सूदखोरी से संबंधित शिकायतों के लिये सिवनी में कंट्रोल रूम स्थापित करने की मांग 

मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ द्वारा जनाधिकार कार्यक्रम की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दिए गये निदेर्शानुसार सूदखोरी से संबंधित शिकायतों हेतु कलेक्टर कार्यालय जबलपुर में कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है। सूदखोरों से पीड़ित जिले का कोई भी व्यक्ति जबलपुर के इस कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 0761-2623925 पर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है। प्राप्त शिकायत को गोपनीय रखा जायेगा तथा उस पर  कार्यवाही की जाएगी। जबलपुर कलेक्टर कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार हाउसिंग सोसायटी से सम्बंधित शिकायतें भी इसी दूरभाष नंबर पर कंट्रोल रूम में की जा सकती हैं। वहीं मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने जनाधिकार कार्यक्रम की वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में दिये गये निर्देश के बाद जहां जबलपुर में कंट्रोल रूम स्थापित हो चुका है वहीं सिवनी में भी सूदखोर से प्रताड़ितों की शिकायतों व कार्यवाही के लिये सिवनी में भी कंट्रोल रूम स्थापित करने की मांग की जा रही है। 

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