Saturday, February 8, 2020

नेतरहाट में होगा प्रथम राष्ट्रीय जनजातीय एवं लोक चित्रकला शिविर का आयोजन

नेतरहाट में होगा प्रथम राष्ट्रीय जनजातीय एवं लोक चित्रकला शिविर का आयोजन 

10 से 15 फरवरी को नेतरहाट में जुटेंगे देशभर के लोकचित्रकार

पहली बार पूरे देश के आदिवासी एवं लोक चित्रकार नेतरहाट में करेंगें अपनी चित्रकला का प्रदर्शन वहीं आदिवासी एवं लोक चित्रकारों को एक साथ एक मंच पर लाने का प्रयास डॉ रामदयाल मुण्डा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान, रांची के द्वारा किया जा रहा है। 

रांची। गोंडवाना समय।
डॉ रामदयाल मुण्डा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान की ओर से 10 से 15 फरवरी तक नेतरहाट में राष्ट्रीय जनजातीय एवं लोक चित्रकला शिविर का आयोजन किया जा रहा है। पूरे देश से आदिवासी एवं लोक चित्रकार 10 से 15 फरवरी तक नेतरहाट, लातेहार में अपनी चित्रकला का प्रदर्शन करेंगें। केरल से हिमाचल तक के आदिवासी एवं लोक चित्रकार अपने रंगों के जादू को कैनवास पर उकेरेगें। राज्य में पहली बार आदिवासी एवं लोक चित्रकारों का मिलना अपने आप में एक ऐतिहासिक एवं अपूर्व परिघटना हैं। उक्त बातें डॉ रामदयाल मुण्डा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान के निदेशक श्री रणेन्द्र कुमार ने संस्थान में आयोजित संवादादाता सम्मेलन में मीडिया के प्रतिनिधियों से कही। 

पहली बार पूरे देश के आदिवासी एवं लोक चित्रकारों का होने जा रहा है महामिलान

श्री रणेन्द्र कुमार ने कहा कि राज्य में पहली बार पूरे देश के आदिवासी एवं लोक चित्रकारों का महामिलान होने जा रहा है। आदिवासी एवं लोक चित्रकारों को एक साथ एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। जहां सभी कलाकार एक दूसरे से रु-ब-रु होगें और अपनी कला का प्रदर्शन करेंगें। 

 पूरे देश के आदिवासी एवं लोक चित्रकार अपनी चित्रकारी का जादू बिखेरेगें

श्री रणेन्द्र कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय जनजातीय एवं लोक चित्रकला शिविर में झारखण्ड के सोहराई, कोहबर, जादोपटिया व पेटकर शैली के चित्रकारों के साथ-साथ महाराष्ट्र के वर्ली, मध्यप्रदेश के गोन्ड, केरल के मुरल, तमिलनाडू के तंजौर, कर्नाटक के चित्तारा, गुजरात के पिठोरा, राजस्थान के फाड़, उड़ीसा के शउरा, लद्दाख के 
टांका, हिमाचल के कांगड़ा व पहाड़ी, बगांल के पट्टचित्र, बिहार के मधुबनी शैली के चित्रकार अपनी चित्रकारी का जादू बिखेरेगें।  

10 फरवरी को 12 बजे मध्याह्न राष्ट्रीय जनजातीय एवं लोक चित्रकला शिविर का किया जायेगा उद्घाटन

श्री रणेन्द्र कुमार ने कहा कि 10 फरवरी को 12 बजे मध्याह्न राष्ट्रीय जनजातीय एवं लोक चित्रकला शिविर का उद्घाटन किया जायेगा। शिविर का उद्घाटन चित्रकला में भाग ले रहे सबसे बुजुर्ग चित्रकार से कराया जायेगा। वहीं उन्होंने बताया कि शिविर का समापन 15 फरवरी को होगा जिसमें मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन, केन्द्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री श्री अर्जुन मुण्डा एवं कल्याण मंत्री श्री चंपई सोरेन के शामिल होने की उम्मीद है। 

चित्रकला के साथ-साथ लोग नृत्यकला का भी ले सकेगें आनंद

श्री रणेन्द्र कुमार ने कहा कि चित्रकला के साथ-साथ लोग नृत्यकला से भी परिचित्र हो सके इसके लिये 11 फरवरी को सराइकेला-खरसांवा का प्रसिद्ध छउ नृत्य का आयोजन किया जायेगा साथ ही 14 फरवरी को पद्मश्री मधु मंसूरी का गायन प्रस्तूत किया जायेगा। संवाददाता सम्मेलन में वरीय चित्रकार डा0 भारती, श्रीमती सुमन टोप्पो, श्री दिनेश सिंह एवं श्री दिलीप टोप्पो, रुम्बूल संस्था की डा0 मीनाक्षी मुण्डा, श्रीमती देवजानी बोस डेवलपमेन्ट कंसल्टेंट, श्री जस्टिन इमाम सोहराई एवं कोहबर चित्रकला के विशेषज्ञ एवं रामप्रसाद बड़ाईक विशुनपुर प्रमुख गुमला एवं श्री आर के नीरद सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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