Friday, February 21, 2020

अवैध रूप से औषधियां रखने पर दो डॉक्टर पर कार्यवाही न्यायालय में पेश किया जायेगा प्रकरण

अवैध रूप से औषधियां रखने पर दो डॉक्टर पर कार्यवाही न्यायालय में पेश किया जायेगा प्रकरण

दवा प्रतिनिधि (एमआर) एवं दवा व्यापारी भी जाँच के दायरे में

बालाघाट। गोंडवाना समय।
मध्यप्रदेश सरकार के खाद्य एवं औषधि प्रशासन मध्यप्रदेश के द्वारा चलाये जा रहे शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत औषधि निरीक्षक श्री शरद जैन ने 20 फरवरी 2020 को लांजी क्षेत्र में बड़ी कार्यवाही करते हुए बगैर औषधि लाइसेंस के संगृहित की गई दवाओ को जब्त कर लिया है।
     कलेक्टर श्री दीपक आर्य द्वारा शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के लिए टीम का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्री आर.सी.पनिका एवं डिप्टी कलेक्टर सुश्री आयुषी जैन के निर्देशन में औषधि प्रशासन विभाग की टीम द्वारा लांजी क्षेत्र के ग्राम इटोरा एवं ग्राम भानेगाँव में छापामार कार्यवाही की गई है।
     औषधि निरीक्षक श्री शरद जैन ने बताया कि डॉ अब्दुल राउफ खान इटौरा तहसील लांजी, जिला बालाघाट द्वारा संचालित राशिदी दवाखाना में बिना लाइसेंस के संग्रहित की गई दवाओं का मरीजो पर उपयोग किया जा रहा था। जिन्हें जांच टीम द्वारा जब्त कर लिया गया है। राशिदी दवाखाना से दो आशांकित दवाओं के नमूने लेकर जांच हेतु भोपाल भेजा गया है। 20 फरवरी को देर शाम जांच टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए भानेगाँव में डॉ देवेन्द्र बढई के यहाँ से बड़ी मात्रा में फिजिशियन नमूनों एवं दवाओ को जब्त किया गया है। प्रकरण को अनुसंधान के पश्चात न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। दवा उपलब्ध कराने वाले दवा प्रतिनिधि (टफ) एवं दवा व्यापारी भी जाँच के दायरे में आ सकते है और उनकी भूमिका की भी जाँच की जाएगी।

मेडिकल स्टोर्स के संचालको को कारण बताओ नोटिस जारी

     मेडिकल स्टोर्स की जाँच के दौरान दुकान के संचालन में अनियमितताओ जैसे दवाओ का उचित रख रखाव न किये जाने, दवाओ के स्टॉक में पाई गई गड़बड़ियों, क्रय विक्रय दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने, दुकानों में फिजिशियन सैंपल आदि रखने के कारण दवा दुकान के संचालको को कारण बताओ नोटिस जारी किये गये है।
     श्री विशाल राउत  के अधिपत्य की मेसर्स श्री केशरीनंदन  मेडिकल स्टोर्स, ग्राम बिसोनी, तहसील लांजी के निरीक्षण के दौरान दुकान का संचालन नियमानुसार नहीं किया जाना पाया गया। निरीक्षण के दौरान दुकान के मालिक उपस्थित नही पाए गये साथ ही दुकान में एक्सपायरी दवाओ और फिजिशियन सैंपल का संग्रहण किया जाना पाया गया। दुकान से औषधि के नमूने लेकर जाँच के लिए प्रयोगशाला भेजे गये है।
     श्री सत्यनारायण भंडारकर मेसर्स चित्रा मेडिकल स्टोर्स, लांजी दुकान में रखी हुई नींद में उपयोग आने वाली औषधि अल्प्रजोलम के दस्तावेज नहीं दे सके। श्री शिवनारायण विजयवार मेसर्स विकी मेडिकल स्टोर्स, भौरगढ़ में भी दवाओ के स्टॉक में गड़बड़ी पाई गई है। औषधी एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 और नियमावली 1945 का उल्लंघन पाए जाने के कारण औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी बालाघाट द्वारा दवा दुकानों के संचालको को कारण बताओ नोटिस जारी किये जाकर पूछा गया है कि क्यों न उनको स्वीकृत औषधि विक्रय अनुज्ञप्तियों को निरस्त या निलंबित कर दिया जाये।
     औषधि निरीक्षक श्री शरद जैन ने बताया कि जांच की कार्यवाही लगातार जारी रहेगी। औषधी निरीक्षक ने जिले के समस्त थोक व रिटेल दवा व्यापारियों को निर्देश दिये हैं कि दवा दुकान संचालन के दौरान औषधी एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 और नियमावली 1945 का पालन करना सुनिश्चित करें। नींद में उपयोग होने वाली दवाओं, गर्भपात की दवाओं और शेड्यूल दवाओं का विक्रय डॉक्टर के द्वारा दिये गये प्रिस्क्रिप्शन पर बिल जारी करते हुए ही करें तथा उनका रिकॉर्ड संधारित किया जाये।

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