Sunday, March 1, 2020

संविधान के अनुरूप जनजातीय समाज के अधिकारों की रक्षा कैसे की जाए इस पर दिया जाना चाहिये ध्यान-अर्जुन मुण्डा

संविधान के अनुरूप जनजातीय समाज के अधिकारों की रक्षा कैसे की जाए इस पर दिया जाना चाहिये ध्यान-अर्जुन मुण्डा

ऐतिहासिकता में जनजातीय समुदाय के विकास में जो रिक्तता रह गयी है, उसपर टीआरआई अनुसंधान करे

जनजातीय समुदायों से जुड़े सभी आंकड़ों पर विश्लेषण कर अनुसंधान कर नीति बनायी जानी चाहिए

रांची। गोंडवाना समय। 
जनजातीय विकास से जुड़े अधिकारियों का कार्य अन्य विभागों के अधिकारियों के कार्य से बिल्कुल अलग है। संविधान के अनुरूप जनजातीय समाज के अधिकारों की रक्षा कैसे की जाए इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए। राज्यों में ट्राईबल एडवाइजरी काउंसिल की बैठक नियमित हो। टीआरआई अपने अनुसंधान का दायरा व्यापक करते हुए पॉलिसी इंटरवेंशन का कार्य करें। केंद्रीय मंत्री, जनजातीय मामले मंत्रालय श्री अर्जुन मुण्डा ने रांची के रेडिसन ब्लू में केंद्रीय मंत्रालय के अधिकारियों के साथ झारखण्ड राज्य में चल रही केंद्रीय योजनाओं की राज्य सरकार के अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा करते हुए यह बात कही। 

टीआरआई अनुसंधान पर फोकस करते हुए बनाये योजना 

श्री अर्जुन मुंडा ने बैठक में कहा कि टीआरआई अनुसंधान पर फोकस करते हुए योजनाएं बनाएं। केंद्र सरकार इसमें हर संभव मदद करेगी। जनजातीय मामलों से जुड़े सभी आंकड़ों का विश्लेषण करें। विशेषकर शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका पर फोकस करते हुए विकास में जो कहीं रिक्तता रह गयी हो इसपर विशेष रूप से अनुसंधान करते अपना सुझाव दे। जिससे नीति निर्धारण करने में मदद मिल सके। राज्य सरकार अपने प्रस्ताव तथा उपयोगिता प्रमाण पत्र समय पर उपलब्ध कराएं ताकि उन्हें अधिक से अधिक केंद्रीय आवंटन दिया जा सके।

विभागीय सचिव ने दी जानकारी

बैठक में विभाग की सचिव श्रीमती हिमानी पांडे ने केंद्र सरकार की योजनाओं पर चल रहे कार्यों का विस्तृत और अद्यतन ब्यौरा दिया। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 275 (1) विशेष केद्रीय सहायता-जनजातीय उप योजना तथा सीसीडी के तहत चल रही योजनाओं के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी। साथ ही, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस), स्किल डेवलपमेंट, आजीविका, टारगेटिंग द हार्डकोर पुअर (टीएचपी) परियोजना, बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल म्यूजियम, रामदयाल मुंडा ट्राइबल वेलफेयर इंस्टीट्यूट, फॉरेस्ट राइट एक्ट तथा ट्राईबल एडवाइजरी काउंसिल के कार्यों के बारे में जानकारी दी। संथाल परगना में व्यापक तौर पर की जा रही बरबट्टी की खेती और  उनके मार्केट लिंकेज पर किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी गयी। राज्य सरकार द्वारा कराए जा रहे कार्यों के साथ नियमित रूप से उपयोगिता प्रमाण पत्र भी भेजे जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्रालय के अधिकारियों ने विभाग के कार्यो की सराहना की।

बैठक में उपस्थिति

बैठक में केंद्रीय जनजातीय मामले मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री सौरभ जैन, संयुक्त सचिव श्री नवल जीत कपूर निदेशक श्री राजेंद्र कुमार, श्री रूपक चौधरी, श्री अनिल कुमार तथा राज्य सरकार से विभागीय सचिव श्रीमती हिमानी पांडे के अलावा ट्राईबल वेलफेयर कमिश्नर श्री शिशिर कुमार सिन्हा, टीआरआई के निदेशक श्री रणेन्द्र कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

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