Saturday, March 14, 2020

राज्यसभा उम्मीदवार ने बताया मैंने जय आदिवासी युवा शक्ति को कई टुकड़ों में बांटा

राज्यसभा उम्मीदवार ने बताया मैंने जय आदिवासी युवा शक्ति को कई टुकड़ों में बांटा 

डॉ सुमेर सिंह सोलंकी की मेहनत से जयस संगठन कई टुकड़ों में बंटा और उसकी शक्ति हुई कम 

जयस संगठन के प्रभाव को खत्म करने प्रमुख पदाधिकारियों को भी तोड़ने का प्रयास रहा सफल 
भाजपा ने बनाया प्रोफेसर डॉ सुमेर सिंह सोलंकी को राज्यसभा उम्मीदवार 

ये कैसी राष्ट्रवादी विचारधारा है और राष्ट्रीय सेवा योजना का ये कैसा सिद्धांत है कि आदिवासी संगठन को टुकड़ों में बांटों, जयस के प्रमुख पदाधिकारियों को तोड़ने में सफलता पाना आदि अन्य प्रमुख बातें भाजपा से राज्यसभा के उम्मीदवार बने प्रोफेसर डॉ सुमेर सिंह सोलंकी वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक, इतिहास विभाग, क्षेत्रिय निदेश म प्र भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय, भोपाल केंद्र बड़वानी, जिला संगठन, राष्ट्रीय सेवा योजना, जिला बड़वानी मध्य प्रदेश, शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बड़वानी जिन्हें मध्य प्रदेश शासन द्वारा समाजसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिये राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया और उन्होंने इतिहास से पीएचडी भी किया है। जयस सहित अन्य आदिवसी समाजिक संगठनों के द्वारा संवैधानिक अधिकारों को लेकर आदिवासियों को जागरूक करने का काम गांव-गांव, शहर-शहर किया जा रहा है उसके बाद भी डॉ सुमेर सिंह सोलंकी के द्वारा अपने जीवन वृत्त में व्यक्तिगत जानकारी के तहत प्रस्तुत की गई बाते किस तरह की राष्ट्रवादी विचारधारा है यह जनजातिय समुदाय व अन्य बुद्धिजीवियों को समझ नहीं आ रही है। 

भोपाल/बड़वानी। गोंडवाना समय।
भारतीय जनता पार्टी द्वारा मध्य प्रदेश् से राज्यसभा के उम्मीदवार बनाये गये डॉ सुमेर सिंह सोलंकी द्वारा जीवन वृत्त में व्यक्तिगत जानकारी में जो बातें उन्होंने उल्लेख किया है। उन बातों को पढ़कर-देखकर विशेषकर जनजातिय समुदाय में भारी आक्रोश व्याप्त है। जनजातिय समुदाय के संवैधानिक हक अधिकारों को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाने वाले जनजातिय सामाजिक संगठनों को तो राष्ट्रविरोधी करार दे दिया है। 
वहीं उन्होंने अपने व्यक्तिगत परिचय में यह भी बताया है कि पश्चिमी मध्य प्रदेश में जयस, आदिवासी मुक्ति संगठन, आदिवासी दलित संगठन, आदिवासी भीम सेना, आदिवासी छात्र संगठन की नकारात्मक तथा
अराष्ट्रवादी गतिविधियों को रोकने के लिये विगत 8 वर्ष से प्रयास किये जा रहे है। जिसमें मुझे अपेक्षाकृत अच्छी सफलता भी प्राप्त हुई है उक्त संगठनों के कई पदाधिकारियों संगठन को छोड़कर मेरे साथ कार्य कर रहे है। 

जनजातिय क्षेत्र में राष्ट्रवादी विचारधारा के लिये महत्वपूर्ण कार्य

भाजपा से राज्यसभा के उम्मीदवार डॉ सुमेर सिंह सोलंकी ने अपनी व्यक्तिगत जानकारी में यह बताया कि पश्चिमी मध्य प्रदेश के झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन जिलो में विभिन्न अराष्ट्रवादी संगठनों द्वारा राष्ट्रविरोधी गतिविधियां चलाई जा रही थी उसे रोकने के लये वैचारिक यौद्धा के रूप में हजारों युवाओं की टोली बनाकर जिला, तहसील एवं महाविद्यालयों में युवाओं से जुड़कर राष्ट्रवादी विचारधारा को उन तक पहुंचाने का कार्य किया गया है। 

जयस संगठन द्वारा आदिवासियों को किया जा रहा भ्रमित

भाजपा से राज्यसभा के उम्मीदवार डॉ सुमेर सिंह सोलंकी ने अपनी व्यक्तिगत जानकारी में यह बताया कि मध्य प्रदेश के आदिवासी जिलों में जयस (जय आदिवासी युवा शक्ति) द्वारा आदिवासियों को भ्रमित किया 
जा रहा है। ऐसे में महाविद्यालयीन युवाआें के साथ जुड़कर जयस संगठन के पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं को वैचारिक रूप से मुंहतोड़ जवाब दिया। जिससे जयस संगठन कई टुकड़ों में बंट गया और उसकी शक्ति कम हुई। इसी प्रकार आदिवासी मुक्ति संगठन, नर्मदा बचाओं आंदोलन की नकारत्मक अराष्ट्रवादी गतिविधियों को रोकने के लिये भी लगातार आदिवासी जिलों में प्रयास जारी है। 

अच्छी सफलता हुई प्राप्त तो कई पदाधिकारी संगठन छोड़ आये साथ 

भाजपा से राज्यसभा के उम्मीदवार डॉ सुमेर सिंह सोलंकी ने अपनी व्यक्तिगत जानकारी में यह बताया कि पश्चिमी मध्य प्रदेश में जयस, आदिवासी मुक्ति संगठन, आदिवासी दलित संगठन, आदिवासी भीम सेना, आदिवासी छात्र संगठन की नकारात्मक तथा अराष्ट्रवादी गतिविधियों को रोकने के लिये विगत 8 वर्ष से प्रयास किये जा रहे है। जिसमें मुझे अपेक्षाकृत अच्छी सफलता भी प्राप्त हुई है उक्त संगठनों के कई पदाधिकारियों संगठन को छोड़कर मेरे साथ कार्य कर रहे है। 

जयस के प्रमुख पदाधिकारियों को भी तोड़ने का प्रयास रहा सफल 

भाजपा से राज्यसभा के उम्मीदवार डॉ सुमेर सिंह सोलंकी ने अपनी व्यक्तिगत जानकारी में यह बताया कि जयस संगठन के प्रभाव को अभी खत्म करने के लिये उनके प्रमुख पदाधिकारियों को भी तोड़ने का प्रयास सफल रहा है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ एवं अनुसांगिक संगठनों के बैनर तले उक्त नकारात्मक गतिविधियों को रोकने के लिये मेरे साथ निमाड़ के हजारों युवा साथी काम कर रहे है। राष्ट्रीय सेवा योजना के 10 हजार से अधिक युवा मेरे नेतृत्व में राष्ट्रहित में कार्य कर रहे है तथा विभिन्न राष्ट्रवादी विचारधारा के आदिवासी सामाजिक संगठनों के प्रमुखों का भी भरपूर सहयोग एवं समर्थन मिल रहा है। 

बीते 20 वर्ष से राजनीतिक दायित्वों का कर रहे निर्वहन

राज्यसभा के उम्मीदवार बने प्रोफेसर डॉ सुमेर सिंह सोलंकी वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक, इतिहास विभाग, क्षेत्रिय निदेश म प्र भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय, भोपाल केंद्र बड़वानी, जिला संगठन, राष्ट्रीय सेवा योजना, जिला बड़वानी मध्य प्रदेश, शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बड़वानी जिन्हें मध्य प्रदेश शासन द्वारा समाजसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिये राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित 
किया गया है। उन्होंने अपने व्यक्तिगत जीवन परिचय में बताया है कि मेरा परिवार जनसंघ के समय से ही पार्टी संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते हुये सेवायें दे रहे है तथा बीते 20 वर्षों से वह राजनीति दायित्वों का निर्वहन कर रहे है। महाविद्यालय में शैक्षणिक अध्ययन के साथ साथ राजनैतिक दायित्व का निर्वहन भी किया जा रहा है। 

राज्यसभा उम्मीदवार द्वारा दी गई जानकारी की घोर निदां करता हूं 

राज्यसभा उम्मीदवार डॉ सुमेर सिंह सोलंकी द्वारा व्यक्तिगत जानकारी में आदिवासी सामाजिक संगठनों, अन्य संगठनों व जयस को लेकर दी गई जानकारी पर जयस के प्रमुख पदाधिकारी विक्रम अच्छलिया ने 
घोर निंदा किया है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाजिक संगठइनों के द्वारा आदिवासी समाज को एक जनजागृत किया है लेकिन इन संगठनों को गलत बताकर अपना बायोडाटा तैयार करना ठीक नहीं है। वहीं 
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ऐसे व्यक्ति को टिकिट देती है। बड़वानी जिले में आदिवासी समाजिक संगठनों के द्वारा समाज को जागरूकत करने के लिये अच्छा कार्य किया गया है। विक्रम अच्छलिया ने कहा कि बड़वानी की सरजमी, आंदोलन की जमीन रही है। यहां के गजानंद ब्राम्हणे ने अंतराष्ट्रीय स्तर पर आदिवासी समाज की आवाज उठाई है, यह अच्छी बात है। विश्व आदिवासी दिवस वहीं की देन है, विभिन्न समाजिक संगठनों के द्वारा संवैधानिक अधिकारों के प्रति जनजागरूकता के तहत आदिवासी समाज को जानकारी प्रदान किया गया है लेकिन इसे गलत व राष्ट्रविरोधी बताया जा रहा है।

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