Monday, April 20, 2020

आमजनों की सुविधा के लिए चयनित गतिविधियों के संचालन की रहेगी छूट


आमजनों की सुविधा के लिए चयनित गतिविधियों के संचालन की रहेगी छूट

कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम हेतु लॉक डाउन का सख्ती से पालन किए जाने हेतु आदेश जारी

सिवनी। गोंडवाना समय। 
 कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री प्रवीण सिंह सिंह द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम हेतु दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत संपूर्ण सिवनी जिले की राजस्व सीमा सीमा में कर्फ्यू एवं लॉक डाउन आदेश के सख्ती से पालन किए जाने के आदेश जारी किए हैं। सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करने हेतु जारी आदेशानुसार किसी भी व्यक्ति के जिले की राजस्व सीमा स्थित सड़क, सार्वजनिक स्थल, सार्वजनिक मार्गों अथवा अन्य किसी के स्थल पर एकत्रित होने ,खड़े होने पर पूर्णता प्रतिबंध रहेगा रहेगा । जिले की सीमा में निवासरत रहवासी बिना किसी युक्तियुक्त कारण से अपने घरों से नहीं निकलेंगे।
इस अवधि में सुरक्षा उद्देश्यों को छोड़कर ट्रेन द्वारा यात्रा, सार्वजनिक परिवहन के लिए बसें, चिकित्सीय कारणों या अन्य दिशा निर्देशों के तहत के तहत अनुमत गतिविधियों को छोड़कर व्यक्तियों का अंतर जिला एवं अंतर राज्य मूवमेंट, सभी शैक्षणिक संस्थाएं, प्रशिक्षण, कोचिंग संस्थान, सभी औद्योगिक व्यवसायिक गतिविधियां (दिशा निर्देशों के तहत विशेष रूप से अनुमति प्राप्त को छोड़कर) टैक्सी, ऑटो रिक्शा, साइकिल रिक्शा एवं अन्य सेवांए, सभी सिनेमा हॉल, मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, व्यायामशाला, स्पोर्टस कॉम्प्लेक्स, स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थिएटर, बार और ऑडिटोरियम, असेंबली हॉल सहित अन्य स्थान, सभी सार्वजनिक/ राजनीतिक/ खेल/ मनोरंजन/ अकादमी/ सांस्कृतिक/ धार्मिक समारोह एवं अन्य एकत्रीकरण कार्यक्रम, सभी धार्मिक स्थलों, पूजा स्थलों, धार्मिक मंडलियों में एकत्रीकरण, अंतिम संस्कार के विषय में 10 से अधिक व्यक्ति की उपस्थिति को अनुमति नहीं दी जाएगी । बिना मास्क पहने किसी भी व्यक्ति को पेट्रोल पंप संचालक द्वारा पेट्रोल, डीजल नहीं दिया जाएगा। साथ ही सभी दवाई विक्रेता तथा किराना, सब्जी एवं दूध विक्रेता बिना मास्क पहने व्यक्ति को दवा एवं अन्य सामग्री विक्रय नहीं करेंगे ।

20 अप्रैल 2020 से निम्नानुसार चयनित गतिविधियों के संचालन की अनुमति रहेगी -

आम जनों की सुविधा के लिए सभी स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े संस्थानों जैसे अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लीनिक टेलीमेडिसिन सुविधाएं, डिस्पेंसरी, केमिस्ट, फॉर्मेसी, जन औषधि केंद्र, मेडिकल उपकरणों की दुकानें, दवाई दुकाने चिकित्सा प्रयोगशाला, पशु चिकित्सा अस्पताल के साथ ही प्राधिकृत निजी प्रतिष्ठान जो आवश्यक सेवाओं के प्रदाय में सहायक है और कोविड-19 की रोकथाम की दिशा में प्रयास कर रहे हैं जिसमें होम केयर प्रोवाइडर, अस्पताल की आपूर्ति करने वाली सप्लाई चेन आदि, दवाइयां एवं चिकित्सीय उपकरण से जुड़ी कच्चे माल की विनिर्माण इकाइयां, सभी चिकित्सा और पशु चिकित्सा कर्मी, वैज्ञानिक, नर्सों, पैरामेडिकल स्टॉफ, लैब टेक्नीशियन एवं अन्य अस्पताल सहायता सेवाओं एंबुलेंस सहित का राज्य के अंदर एवं अंतर्राज्यीय मूवमेंट की अनुमति रहेगी ।

कृषि और संबंधित गतिविधियां:-

सभी कृषि एवं बागवानी गतिविधियां पूरी तरह कार्यात्मक रहेगी । किसानों और कृषि श्रमिकों को सोशल डिस्टेंसिंग नियमों के पालन के साथ कृषि कार्य की अनुमति रहेगी। इसी तरह अनुमति प्राप्त कृषि मशीनों, स्पेयर पार्ट्स एवं रिपेयर शॉप, उर्वरकों ,कीटनाशक, बीज विनिर्माण एवं रिटेल दुकाने खुली रहेगी । इसी तरह कटाई, बुवाई संबंधित मशीनों का राज्य के अंदर एवं अंतर्राज्यीय मूवमेंट और कंबाइन हार्वेस्ट जेसीबी आदि का कृषि बागवानी कार्य में उपयोग की अनुमति रहेगी । सभी फार्म मशीनरी के संबंधित कस्टम हायरिंग सेंटर संचालित रहेंगे । सभी उपार्जन केंद्र तथा कृषि उपज मंडी एवं राज्य सरकार द्वारा अधिकृत मंडियों का संचालन किया जाएगा ।
मत्स्य पालन गतिविधियां में मत्स्य उद्योग का संचालन फीडिंग, रखरखाव, हार्वेस्टिंग और प्रसंस्करण, पैकेजिंग, कोल्ड चेन तथा बिक्री और वितरण की अनुमति रहेगी। इसी तरह इन गतिविधियों से जुड़े श्रमिकों के मूवमेंट की छूट रहेगी। पशुपालन गतिविधि हेतु परिवहन और आपूर्ति श्रृंखला सहित दूध प्रसंस्करण संयंत्रों द्वारा दूध और दूध उत्पादों का संग्रहण, प्रसंस्करण की वितरण और बिक्री के साथ पोल्‍ट्री फॉर्म और हैचरी, फार्मो का संचालन एवं पशु आहार विनिर्माण, गौशाला तथा पशु आश्रय गृहों का संचालन की अनुमति रहेगी ।

वित्तीय क्षेत्र अंतर्गत निम्न गतिविधियों का संचालन किया जाएगा:-

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा विनियमित वित्तीय बाजार व संस्थान के साथ बैंक शाखाएं, एटीएम ,बैंकिंग संचालन के लिए आईटी वेंडर ,बैंकिंग कॉरस्पॉडेंट एवं एटीएम संचालन हेतु नकदी प्रबंधन एजेंसियां को अनुमति रहेगी तथा सोशल डिस्टेंसिंग एवं कानून व्यवस्था के साथ डीबीटी नगद हस्तांतरण के पूर्ण होने तक सामान्य कार्य घंटों के अनुसार बैंक संचालन की अनुमति दी जाएगी ।

सामाजिक क्षेत्र के कार्यात्मक बने रहने के लिए निम्नलिखित गतिविधियों का संचालन किया जाएगा:-

बच्चों / विकलांगो/ मानसिक रूप से विकलांग / वरिष्ठ नागरिको/ निराश्रित महिलाओं/ विधवाओं के संरक्षण संस्थानों के संचालकन की अनुमति रहेगी तथा आंगनवाड़ियों के द्वारा लाभार्थियों को उनके घरों में खाद्यान्न एवं पोषण आहार वितरण किया जाएगा ।

ऑनलाइन शिक्षण दूरस्थ शिक्षा को प्रोत्साहित किया जाएगा:-

इस अवधि में सभी शैक्षणिक प्रशिक्षण एवं कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे । ऑनलाइन शिक्षण/ दूरस्थ शिक्षा को प्रोत्साहित किया जाएगा तथा ऑनलाइन शिक्षण गतिविधियों अनुमति रहेगी ।

मनरेगा कार्यों की अनुमति:-


जिले में रेड जोन वाले ग्रामों की अतिरिक्त अन्य ग्रामों में मनरेगा कार्य सोशल डिस्टेंसिंग एवं मास्क के उपयोग जैसे सुरक्षा उपायों के साथ किया जाएगा । जिसमें सिंचाई और जल संरक्षण कार्यो को प्राथमिकता दी जाएगी

परिवहन अनुमति:-

सभी माल वाहकों को परिवहन के अनुमति रहेगी । सभी मालवाहक ट्रकों में अधिकतम 2 अधिकतम ड्राइवर एक सहायक जा सकेंगे तथा उक्त के पास ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य है । मालवाहकों की सुविधा के लिए राजमार्गों पर ट्रकों की मरम्मत और ढाबों के संचालन की अनुमति जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम दूरी के साथ दी जाएगी

सार्वजनिक उपयोगिता संबंधी:-

इस अवधि में तेल और गैस के परिवहन, वितरण, भंडारण और उत्पादों के रीटेल विक्रय, जैसे, पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, एलपीजी, पीएनजी आदि की अनुमति रहेगी। इसी तरह डाकघर, दूरसंचार और इंटरनेट सेवाएं प्रदान करने वाली संस्थाओं एवं माल /कार्गो (इंटर और इंट्रा स्टेट) लोडिग/अनलोडिंग की अनुमति रहेगी ।

आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति निम्नानुसार अनुमत है:

आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पूर्ववत होम डिलेवरी के माध्यम से जारी रहेगी। पूर्व में जारी समस्त अनुमति वैध मानी जावेगी तथा निर्देश यथावत रहेगें।

निम्न वाणिज्यिक और निजी प्रतिष्ठानों को संचालित करने की अनुमति दी जाएगी:-

जारी पूर्व आदेशानुसार प्रसारण, डीटीएच और केबल सेवा का संचालन किया जाएगा । इलेक्ट्रानिक, प्रिंट मीडिया को मीडिया संस्थान द्वारा जारी वैद्य आई.डी. कार्ड के साथ कवरेज उद्देश्य हेतु अनुमति दी जाएगी । केवल सरकारी गतिविधियों के लिए डेटा और कॉल सेंटर संचालित रहेंगे। शासन द्वारा अनुमति प्राप्त ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित कॉमन सर्विस सेंटर (CSCS), ई-कॉमर्स कंपनियां के ऑपरेटरों को वाहनों के लिए आवश्यक अनुमतियां दी जाएगी ।
         कूरियर सेवाएं, कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउसिंग सेवाएं, बंदरगाहों, हवाई अड्डों, रेल्वे स्टेशनों, कंटेनर डिपो, व्यक्तिगत इकाइयों एवं अन्य लाजीस्टिक, कार्यालय और आवासीय परिसरों के रखरखाव के लिए प्रबंधन सेवाएं एवं निजी सुरक्षा सेवाएं तथा क्वारंटीन सुविधाओं के लिए उपयोग किये गए/स्थापित किए गए प्रतिष्ठानों को संचालन की अनुमति रहेगी । पूर्व जिला प्रशासन द्वारा स्वरोजगारी व्यक्तियों द्वारा प्रदान की गई सेवाएं, जैसे, इलेक्ट्रीशियन,आईटी मरम्मत, प्लंबर, मोटर मैकिनिक और बढई की अनुमति पूर्ववत जारी रहेगी।

उद्योग/औद्योगिक प्रतिष्ठान के संबंध में:-


ग्रामीण क्षेत्रों में परिचालन करने वाले उद्योग (नगर पंचायतों और नगर पालिकाओं की सीमा के बाहर ) को संचालित किए जाने की अनुमति दी जाएगी । इसी तरह विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZ) और निर्यात उन्मुख इकाईयों (EOU) औद्योगिक स्टेट और औद्योगिक टाउनशिप में एक्सैस कंट्रोल के साथ विनिर्माण और अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों को महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, सिवनी की अनुशंसा के आधार पर अनुमति दी जाएगी ।
     दवाओं, फार्मास्यूटिकल्स, चिकित्सा उपकरणों, उनके कच्चे माल और मध्यवर्ती सहित आवश्यक वस्तुओं की विनिर्माण इकाइयों, ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, उत्पादन इकाइयां, जिन्हे निरंतर संचालन की आवश्यकता होती है और उनकी आपूर्ति श्रृंखला, पैकेजिंग सामग्री की विनिर्माण इकाइयां, नगर पंचायतों और नगर पालिकाओं की सीमा के बाहर ग्रामीण क्षेत्रों के ईट भट्टे,
अनुमत श्रेणी के उद्योगों द्वारा उद्योग संचालन से पूर्व अपनी COVID-19 के सम्बंध में कार्ययोजना एवं उद्योग संचालन बाबद् विवरण महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द, सिवनी को अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, सिवनी कार्ययोजना का अध्ययन उपरांत जिला प्रशासन के माध्यम से सम्बंधित उद्योग को अनुमति जारी करेगें। शर्तों का पालन नहीं करता पाए जाने पर उद्योग का संचालन बंद कर दिया जावेगा तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धाराओं एवं अन्य विधिक कानूनी कार्यवाही की जावेगी।

निम्न उद्योगों को संचालन की अनुमति दी जाएगी :-

ग्रामीण क्षेत्रों के सड़क सिचाई परियोजना, भवनों और सभी प्रकार की उद्योगिक परियोजनाओं के निर्माण, एमएसएमआई, अक्षय उर्जा परियोजनाओं का निर्माणा, नगर पालिकाओं की सीमाओं के भीतर ऐसी निर्माण परियोजनाओं में काम जारी रखा जा सकता है, जहां श्रमिक साइट पर उपलब्ध है और किसी भी श्रमिक को बाहर से लाने की आवश्यकता नहीं है।
      जिसकी अनुमति अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व देंगे । लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण यंत्रिकी सेवा, जल संसाधन विभाग, प्र.मं.ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण, लो.नि.वि. (पी.आई.यू) तथा अन्य निर्माण एजेंसी कार्यों को संबंधित विभाग के प्रतिवेदन के आधार पर अनुमति दी जाएगी ।

निम्नलिखित मामलों में व्यक्तियों के मूवमेंट की अनुमति है:-

चिकित्सा और पशु चिकित्सा देखभाल सहित आपातकालीन सेवाओं के लिए निजी वाहन और आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए वाहनों की अनुमति दी जाएगी। जिसमें चार पहिया वाहनों के मामले में निजी वाहन चालक के अलावा एक यात्री को बैकसीट में अनुमति दी जा सकती है हालांकि, दोपहिया वाहनों के मामले में, केवल वाहन के चालक को
अनुमति दी जायेगी।

निम्न उल्लेखित शासकीय कार्यालय, उनके स्वायत निकाय और जिला प्रशासन कार्यालय खुले रहेंगे:-

पुलिस, होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा, आग और आपातकालीन सेवाएं, आपदा प्रबंधन, जेल और नगरपालिका सेवाएं बिना किसी प्रतिबंध के कार्य करेंगी तथा सीमित कर्मचारियों के साथ काम करने के लिए शासन के अन्य सभी विभाग संचालित रहेंग। प्रथम श्रेणी और द्वितीय श्रेणी अधिकारी आवश्यकतानुसार उपस्थित हो सकते हैं।
        तृतीय श्रेणी और नीचे दिए गए स्तर आवश्यकता के अनुसार सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने के साथ 33% तक की क्षमता में भाग ले सकते हैं, हालांकि, सार्वजनिक सेवाओं की डिलीवरी सुनिश्चित की जाएगी, और इस तरह के उद्देश्य के लिए आवश्यक कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। समस्त शासकीय सेवक 24 घंटे अपना मोबाइल फोन चालू रखगें तथा आवश्यकता पड़ने पर कार्यालय में उपस्थित होना अनिवार्य होगा मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय के द्वारा समय-समय पर जारी दिशा निर्देश यथावत रहेंगे।
जिला प्रशासन और ट्रेजरी (महालेखाकार के क्षेत्र कार्यालयों सहित) सीमित कर्मचारियों के साथ काम करेंगे। हालांकि, सार्वजनिक सेवाओं की डिलीवरी सुनिश्चित की जाएगी, और इस तरह के उद्देश्य के लिए आवश्यक कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। वन कार्यालयः चिड़ियाघर, नर्सरी, वन्यजीव, जंगलों में अग्निशमन, वृक्षारोपण, गश्त और उनके आवश्यक परिवहन को संचालित करने और बनाए रखने के लिए आवश्यक अधिकारी, कर्मचारी / कार्यकर्ता। माननीय न्यायालयों के सम्बंध में माननीय उच्च न्यायालय / माननीय उच्चतम न्यायालय / माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सिवनी के निर्देश लागू होगें।

क्वारंटीन के तहत रहने वाले व्यक्ति के संबंध में:-

ऐसे सभी व्यक्ति जिन्हें स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा निर्देशित किया गया है कि वे स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा तय अवधि के लिए सख्त घरेलू संस्थागत क्वारंटीन में रहेंगे । क्वारंटीन का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति आईपीसी की धारा 188, एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत कानूनी कार्रवाई के लिए उत्तरदायी होंगे।

उपरोक्त लॉकडाउन उपायों को लागू करने के निर्देशः-

सभी कार्यपालक मजिस्ट्रेट / सेक्टर मजिस्ट्रेट सख्ती से राष्ट्रीय COVID-19 निर्देशों को लागू करेंगे जैसा कि ANNEXURE-1 में निर्दिष्ट हैं। इन निर्देशों का उल्लंघन करने वाले सभी व्यक्तियों और संस्थाओं से निर्धारित जुर्माना वसूला जाएगा। ii. सभी औद्योगिक और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, कार्य स्थल,कार्यालय आदि अपने कामकाज शुरू करने से पहले ANNEXURE-II में उल्लेखित SOP के कार्यान्वयन की व्यवस्था करेंगे। इस व्यवस्था की सूचना महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, सिवनी को उनके ई-मेल dicseonimp@gmail.com, gmiseo@mp.nic.in पर देगें ।
       महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, सिवनी निरीक्षण कर कार्य प्रांरभ करने की अनुमति अधोहस्ताक्षर के अनुमोदन उपरांत जारी करेगें। iii. इन रोकथाम उपायों को लागू करने के लिए उपखण्ड मजिस्ट्रेट इंसिडेंट कमांडर के रूप में कार्यकारी मजिस्ट्रेटों की नियुक्ति कर सकेगें। iv. इंसिडेंट कमांडरों को विषेष रूप से यह सुनिश्चित करना होगा कि अस्पताल के बुनियादी ढांचे के विस्तार और विस्तार के लिए संसाधनों, श्रमिकों और सामग्री जुटाने के सभी कार्य/प्रयास बिना किसी बाधा के जारी रहें। दिशा निर्देशों के कड़ाई से कार्यान्वयन के लिए सभी व्यवस्थाओं को आवश्यक बनाने के बाद, इन दिशा निर्देशों में अनुमत अतिरिक्त गतिविधियों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। ये 20 अप्रैल,2020 से लागू होंगे।

दंड के प्रावधान :-

कोई भी व्यक्ति जो इन लॉकडाउन उपायों का उल्लंघन कर रहा है. उस पर आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 के प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई के अलावा. आईपीसी के धारा 188 और अन्य कानूनी प्रावधान लागू होते हैं, जिसके तहत कार्यवाही की जाएगी।
यह आदेश दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 धारा 144 (2) के अंतर्गत एक पक्षीय जारी किया गया है। आदेश से व्यथित व्यक्ति दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 (5) के अंतर्गत कलेक्टर न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकेगा। अत्यंत विशेष परिस्थितियों में संतुष्ट होने पर आवेदक को किसी भी लागू शर्तों से छूट दी जाएगी । यह आदेश 20 अप्रैल से दिनांक 25 अप्रैल की रात्रि 12 बजे तक प्रभावशील रहेगा।

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