Wednesday, April 8, 2020

बाघ के हमले से आदिवासी युवती की मृत्यू

बाघ के हमले से आदिवासी युवती की मृत्यू 

पेंच नेशनल पार्क क्षेत्र में हुई दर्दनाक घटना के बाद गुस्सायें ग्रामीण

घर के पीछे बाड़ी के करीब नाले के पास बीन रही थी महुआ 

सिवनी। गोंडवाना समय। 
पेंच टाईगर रिजर्व क्षेत्र के वफर जोन के अंतर्गत अंतर्गत बुधवार को लगभग 11 से 11.30 बजे ग्राम पंचायत सतोषा के ग्राम खंबा में अपने घर के ही पीछे बाड़ी के करीब महुआ बीनने के लिये गई आदिवासी युवती नीलकली पिता पतिराम परते उम्र लगभग 21 वर्ष का बाघ के द्वारा शिकार किये जाने से उसकी मृत्यू हो गई।
वहीं मौके पर पहुंचे क्षेत्र के एसडीओ के द्वारा आदिवासी युवती की मृत्यु हो जाने के बाद भी अपने वाहन से न उतरकर वाहन में ही बैठे बैठे विभागीय कार्यवाही करने को लेकर ग्रामीणजनों वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी की कार्यशैली पर नाराज भी हुये। वहीं बाघ के हमले के आदिवासी की मृत्यू के मामले की विवेचना व अन्य जानकारी के राजस्व, वन विभाग व पेंच टाईगर रिजर्व के अधिकारी कर्मचारी मौके पर पहुंचे।

घर के बाजू वाले ने सुना चीखने की आवाज 

प्राप्त जानकारी के अनुसार बी ए स्नातक की पढ़ाई कर चुकी आदिवासी युवती अपने घर के पीछे महुआ बीनने के लिये बुधवार 8 अप्रैल 2020 को गई हुई थी। उसी दौरान लगभग 11 से 11.30 बजे के बीच में पेंच नेशनल पार्क के वफर जोन व राजस्व की सीमा पर बने हुये मुंडारा के समीप बाघ ने आदिवासी युवती नीलकली परते पर का शिकार कर लिया।
वहीं हमले के बाद जब आदिवासी युवती में चिल्लाया तो उसकी आवाज सुनकर घर के बाजू में रहने वाले ने घर में आकर लड़की के विषय में पूछा तो घर वालों ने बताया कि वह महूआ बीनने गई है लेकिन बाजू वाले ने बताया कि मैंने अभी उसकी चिल्लाने की आवाज सुना हूं। घर वालों के साथ जाकर महुआ बीनने वाले स्थान पर जाकर देखे तो वहां पर चुनरी व खून की छींटे और घसीटने का निशान दिखाई दिया। इसके बाद परिजनों ने आवाज लगाकर ग्रामीणों को एकत्र कर लिया था।

बाघ युवती के बाजू में बैठा रहा  

ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार आदिवासी युवती को बाघ लगभग 300 मीटर की दूरी पर घसीटकर लेकर गया था और वहीं पर बाजू में बैठा हुआ था। ग्रामीणजन एकत्र हो गये थे लेकिन बाघ आदिवासी युवती पर हमला करने के बाद काफी देर तक वहीं पर बैठा रहा। वहीं ग्रामीणों ने बाघ को वहां से भगाने का प्रयास भी किया था जिस पर वह वहां से तो भाग गया था लेकिन कुछ देर बाद फिर वापस आ गया था। 

एसडीओ व वन विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराज हुये ग्रामीण

बाघ के द्वारा आदिवासी युवती पर हमला किये जाने के बाद वह घटना की सूचना वन विभाग को दिया गया। वहीं घटना स्थल के आसपास ग्रामीणजन भी एकत्र हो गये थे क्योंकि बताया जाता है कि आदिवासी युवती के पास ही बाघ काफी देर तक बैठा रहा था जिससे भगाने का प्रयास किया जा रहा था। वहीं वन विभाग की कुछ अधिकारी कर्मचारी भी घटना की जानकारी मिलने पर पहुंंचे थे। इस दौरान विभागीय कार्यवाही करने में घटना स्थल पर पहुंचे एसडीओ के द्वारा वाहन में बैठे बैठे ही विभागीय कार्यवाही को अंजाम दिया जा रहा था। जबकि ग्रामीणजनों का कहना था कि कम से कम घटना स्थल पर जाकर तो देखना चाहिये लेकिन एसडीओ वाहन से न उतरकर वाहन पर ही बैठकर विभागीय कार्यवाही को पूर्ण कर रहे थे। इसके चलते ग्रामीणजन पहुंचे अधिकारियों पर नाराज भी हुये। 

बाघ ने बीते दिनों बैल पर किया था हमला 

ग्राम पंचायत सतोषा के ग्राम खंबा में ही किसान के एक वैल पर भी बाघ के द्वारा हमला किया गया था जिसकी सूचना ग्रामीणों के द्वारा वन विभाग को दिया गया था। वहीं ग्रामीणों ने यह अंदेशा जताया था कि बाघ की आवाजाही गांव में हो रही है। इसलिये ग्रामीणों ने कैमरे के माध्यम ध्यान देने की बात कहा था। वहीं बुधवार के दिन बाघ ने आदिवासी युवती का शिकार कर लिया। बाघ की गांव के आसपास चहलकदमी की सूचना दिये जाने पर वन विभाग के द्वारा संज्ञान नहीं लिये जाने से भी ग्रामीणजन नाराज थे। 

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