Saturday, April 11, 2020

आरक्षक पैदल कानपूर से जबलपुर पहुंचे फर्ज निभाने

आरक्षक पैदल कानपूर से जबलपुर पहुंचे फर्ज निभाने 

भोपाल। गोंडवाना समय। 
मौजूदा वक्त में पूरा देश कोरोना संक्रमण की रोकथाम की जद्दोजहद में लगा है और इसकी भयावहता के चलते देशभर में लॉकडाउन है। जबलपुर शहर के ओमती पुलिस थाना में पदस्थ आरक्षक आनंद पाण्डे ने ऐसी स्थिति में अपनी ड्यूटी निभाने एक राज्य से दूसरे राज्य की सीमा पैदल ही लांघ कर कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की है।

उत्तरप्रदेश में पत्नि के उपचार हेतु अवकाश उपरांत लौटे पैदल

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के भौती भैलामऊ गांव निवासी आनंद पाण्डे 20 फरवरी को अपनी पत्नी के इलाज के लिये अवकाश पर गांव गए थे। अवकाश समाप्त हुआ, तो लॉकडाउन उनके वापस लौटने की राह में बाधा बन गया। इसके बावजूद आरक्षक श्री पाण्डे ने हार नहीं मानते हुए ड्यूटी को तवज्जो दी और आखिरकार 30 मार्च को वो कानपुर से जबलपुर के बीच की करीब साढ़े चार सौ किलोमीटर की दूरी को पैदल ही पार करने निकल पड़े। रास्ते में जहां कहीं लिफ्ट मिलती, वे बैठ जाते और फिर उतरकर पैदल चल पड़ते।

आनंद की हिम्मत, हौसला और ड्यूटी के प्रति कर्तव्यनिष्ठा काबिले तारीफ

मौजूदा दौर में सुविधाभोगी हो चुका इंसान इतनी लम्बी दूरी पैदल तय करने की सोच मात्र से सिहर जाता है। ऐसे में आरक्षक आनंद की हिम्मत, हौसला और ड्यूटी के प्रति कर्तव्यनिष्ठा काबिले तारीफ है। लिफ्ट लेकर और पैदल चलकर कानपुर से जबलपुर पहुंचने में आनंद को तीन दिन लगे। वे एक अप्रैल की रात जबलपुर पहुंचे और 2 अप्रैल को ओमती पुलिस थाना पहुंचकर अपनी आमद दर्ज कराई। पुलिस निरीक्षक एस.पी.एस. बघेल सहित ओमती थाना के पूरे स्टाफ ने आरक्षक आनंद के जज्बे की सराहना करते हुए उनका स्वागत किया। आरक्षक आनंद पाण्डे अब लॉकडाउन और कर्फ्यू की स्थिति से उत्पन्न हालात में जबलपुर शहर के घंटाघर चौक के ड्यूटी प्वाइंट में पूरी ईमानदारी से ड्यूटी कर रहे हैं।  

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