Wednesday, April 29, 2020

आरक्षक निलंबित, गंभीर लापरवाही, अनुशासनहीनता एवं स्वेच्छाचारिता का है परिचायक

आरक्षक निलंबित, गंभीर लापरवाही, अनुशासनहीनता एवं स्वेच्छाचारिता का है परिचायक

छिंदवाड़ा/सिवनी। गोंडवाना समय।
ग्रीन जोन में और अभी तक सिवनी जिले में एक भी कोरोना वायरस संक्रमण का कोई भी मरीज नहीं मिला है यह राहत व सुखद खबर सिवनी वालों के लिये इसी तरह पूरे देश में यह महामारी जल्द से जल्द से समाप्त हो और किसी को भी यह बीमारी न हो यही गोंडवाना समय की प्रार्थना है। 
         हम आपको बता दे कि आसपास के संक्रमित जिलो से घिरा हुआ सिवनी जिला में जिला व पुलिस प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ लॉकडाउन का पालन कराने और कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिये सरकार, शासन द्वारा जारी गाईडलॉइन के अनुसार जिम्मेदारी व कर्तव्य निभा रहे है।
        इसके सिवनी जिले में लगभग 33 से अधिक चैकपोस्ट बनाये गये है जहां से आवागमन हो सकता है, वहां पर चाक चौबंध व्यवस्था की गई है ताकि कोई भी प्रवेश न कर सकें। यहां तक कि स्वयं सरकारी अधिकारी कर्मचारी छिंदवाड़ा, जबलपुर व अन्य जिलों में जाने के लिये तरस रहे उन्हें अनुुमति नहीं मिल रही है। 

कोराना हो जाने की दुआ देने वाले आरक्षक साहब हुये निलंबित

हम आपको बता दे कि स्वयं प्रशासन ने यह सूचना जारी किया है कि यदि आपके क्षेत्र में ऐसे कोई बाहर से आने वाले व्यक्ति जो कि संक्रमित जिले से आये हुये है या फिर कोई कोरोना से संबंधित लक्ष्ण वाले कोई समझ आते हो तो उनकी सूचना जिम्मेदार नागरिकों का कर्तव्य निभाते हुये प्रशासन को सूचना प्रदान करें। देश के कई स्थानों में तो इसके लिये बकायदा पुरस्कार भी घोषित किया है।
           जब गोंडवाना समय संवाददाता महेन्द्र शाह मर्सकोले द्वारा छिंदवाड़ा में पदस्थ सम्माननी दीपक सनोडिया जी की शिकायत श्रीमान पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक जी को की गई थी तो उन्होंने भी बकायदा उस पर कार्यवाही करते हुये संबंधित जिले की ओर अग्रेषित कर दिया था। इसकी जानकारी जब सम्माननीय आरक्षक दीपक कुमार सनोडिया साहब को लगी तो उन्होंने वॉटसप के माध्यम से दुआ व धमकी दिया था जिसका उल्लेख करना अब हम उचित नहीं समझते है। 

सिवनी व छिंदवाड़ा पुलिस प्रशासन ने त्वरित लिया संज्ञान

कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर पुलिस प्रशासन के प्रत्येक अधिकारी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी व कर्तव्य के साथ अपनी ड्यूटी प्रत्येक क्षेत्र में कर रहे है और लॉकडाउन का पालन स्वयं घर से बाहर रहकर करवा रहे है। वहीं पुलिस विभाग के ही सम्मानीय आरक्षक दीपक सनोडिया साहब द्वारा जब लॉकडाउन उल्लंघन किये जाने की शिकायत सिवनी पुलिस अधीक्षक श्री कुमार प्रतीक को मिली तो उन्होंने त्वरित संज्ञान लेते हुये छिंदवाड़ा पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को संदेश पहुंचाया जिस पर छिंदवाड़ा पुलिस प्रशासन ने भी त्वरित संज्ञान पुलिस अधीक्षक श्रीमान विवेक अग्रवाल ने कार्यवाही किया।  

आरक्षक का यह कृत्य गंभीर लापरवाही, अनुशासनहीनता एवं स्वेच्छाचारिता का है परिचायक

हम आपको बता दे कि गोंडवाना समय संवाददाता द्वारा की गई शिकायत पर संज्ञान लेते हुये श्रीमान विवेक अग्रवाल पुलिस अधीक्षक छिंदवाड़ा द्वारा निलंबन का आदेश जारी करते हुये लिखा है कि आरक्षक (चालक) 1054 दीपक कुमार सनोडिया रक्षित केंद्र छिंदवाड़ा द्वारा बिना विभागीय अनुमति लिये अपनी मनमर्जी से सिवनी आना-जाना किया गया है।
         आरक्षक द्वारा अपने वाट्सएप के माध्यम से धमकी भी दी गई है। आरक्षक (चालक) 1054 दीपक कुमार सनोडिया का यह कृत्य गंभीर लापरवाही, अनुशासनहीनता एवं स्वेच्छाचारिता का परिचायक है। अत: उक्त कृत्य पर आरक्षक (चालक) 1054 दीपक कुमार सनोडिया रक्षित केंद्र छिंदवाड़ा को निलंबित किया जाकर रक्षित केंद्र छिंदवाड़ा में संबद्ध किया जाता है।
         निलंबन अवधि में अपचार ीाके नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता इत्यादी की पात्रता होगी तथा रक्षित केंद्र छिंदवाड़ा की सभी गणनाओं में हाजिर रहेगा एवं मुख्यालय छोड़ने से पहले अनुमति प्राप्त करेगा। 

जिनके परिवार ने खोया जीवन उनका दर्द समझे

हम आपको बता दे कि कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर सरकार, शासन-प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ मानव स्वास्थ्य को लेकर शासन प्रशासन के अधिकारी कर्मचारियों के द्वारा जिम्मेदारी निभाई जा रही है इसमें नागरिकों के सहयोग की सख्त आवश्यकता है।
             वहीं स्वास्थ्य के विभाग के कुछ डॉक्टर कर्मचारी व पुलिस प्रशासन के मध्य प्रदेश के दो थाना प्रभारी की मृत्यू कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हो गई है। जिन भी परिवारों ने अपने परिवार के सदस्य को इस बीमारी के कारण मृत्यू के परिणाम तक पहुंचना पड़ा है हम उनके परिवारों के दर्द को समझे क्योंकि जिस पर बीतती है वहीं अच्छे से समझ सकता है। बस यही गोंडवाना समय की प्रार्थना है। 

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