Sunday, April 19, 2020

उद्योगों के सहयोग से फिर खड़ी करेंगे प्रदेश की अर्थ-व्यवस्था

उद्योगों के सहयोग से फिर खड़ी करेंगे प्रदेश की अर्थ-व्यवस्था 

गाइड लाइन का सख्ती से पालन करते हुए प्रारंभ करें उद्यम

मुख्यमंत्री ने की वीडियो कॉन्फ्रेस से औद्योगिक प्रतिनिधियों से चर्चा

भोपाल। गोंडवाना समय।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के औद्योगिक प्रतिनिधियों से कहा है कि आपके सहयोग से प्रदेश की अर्थ-व्यवस्था को फिर से खड़ा करेंगे। श्री चौहान ने बताया कि भारत सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन का सख्ती से पालन करते हुए उसमें दिए गए उद्योगों को ही 20 अप्रैल से प्रारंभ किया जाए। उन्होंने कहा कि इस बात का पूरा ध्यान रखा जाए कि संक्रमित क्षेत्रों से कोई भी मजदूर कार्य पर न आए। कार्य क्षेत्रों पर मास्क, सेनेटाईजर आदि सभी सुरक्षात्मक उपायों का पालन किया जाए। यथासंभव कार्य स्थल पर ही मजदूरों के रुकने की व्यवस्था की जाए। श्री चौहान मंत्रालय में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के औद्योगिक प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे। मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, पुलिस महानिदेशक श्री विवेक जौहरी, प्रमुख सचिव उद्योग श्री राजेश राजौरा, संचालक जनसंपर्क श्री ओ.पी. श्रीवास्तव कॉन्फ्रेंस में उपस्थित थे।

कोरोना से बचाव एवं उपचार की प्रभावी रणनीति

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि प्रदेश में कोरोना से बचाव एवं उपचार की प्रभावी रणनीति पर काम किया जा रहा है। प्रदेश में 9 टेस्ट लैब निरंतर कार्य कर रही हैं। प्रदेश की टेस्टिंग क्षमता निरंतर बढ़ रही है। विशेष विमान से टेस्टिंग सैम्पल दिल्ली भी भिजवाए जा रहे हैं। इंदौर में लगभग 4 लाख व्यक्तियों का सर्वे किया गया है। इलाज के लिए सर्वोत्तम व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। सभी के सहयोग से हम कोरोना को शीघ्र परास्त कर लेंगे।

उच्च गुणवत्ता की है मध्यप्रदेश की पीपीई किट्स

मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से कहा कि आप लोगों द्वारा मध्यप्रदेश में बनाई गई पीपीई किट्स उत्तम गुणवत्ता की हैं। इसके लिए आप बधाई के पात्र हैं। उन्होंने बताया कि आज प्रदेश में लगभग 10 हजार किट्स रोज बन रही हैं। हमारी कई फैक्ट्रियों में हाईड्रोक्सी-क्लोरोक्वीन गोलियां बनाई जा रही हैं।

सुझाव महत्वपूर्ण

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने औद्योगिक प्रतिनिधियों से कहा कि आप लोगों के द्वारा दिए गए सुझाव महत्वपूर्ण हैं। आपको उद्योगों के संचालन में हरसंभव सुविधा गाइड लाइन का पूरा पालन करते हुए दी जाएगी। उद्योगों के संचालन में इस बात का पूरा ध्यान रखें कि कोरोना संक्रमण बिल्कुल न फैले। कोरोना संक्रमण को नियंत्रित कर उद्योग चलाएं।

मजदूरों के रूकने की व्यवस्था

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने औद्योगिक प्रतिनिधियों से कहा कि वे कार्य स्थल पर ही यथासंभव मजदूरों के रुकने की व्यवस्था करें। बाहर से यदि आना-जाना आवश्यक हो, तो उसके लिए वाहनों में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मजदूरों को बिठाया जाए तथा कार्यस्थल पर भी इस बात का पूरा ध्यान रखा जाए।

मिल जाएंगी अनुमतियां

मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों को 20 अप्रैल से उद्योग संचालित करने की आवश्यक अनुमतियां शीघ्र मिल जाएंगी। साथ ही मजदूरों को कार्य-स्थल पर आने-जाने के लिए पास भी उद्योग विभाग द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से प्राप्त हो जाएंगे।

कार्य अधिक लेने पर दें बढ़ी हुई मजदूरी

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मजदूरों की कमी को देखते हुए यदि कोई उद्योग 8 घंटे के स्थान पर 12 घंटे की शिफ्ट करना चाहता है, तो उसे अनुमति दे दी जाएगी, परंतु उन्हें उस हिसाब से मजदूरों को बढ़ी हुई राशि देनी होगी। साथ ही 5 के स्थान पर 6 दिन कार्य की भी अनुमति दे दी जाएगी। उद्योग लायसेंस नवीनीकरण भी एक अप्रैल 2020 से एक वर्ष के लिए कर लिया जाएगा। न्यूनतम क्षमता मापदंड इस वर्ष के लिए समाप्त किए जा सकते हैं।

सभी सुरक्षात्मक उपाय अपनाएं

प्रमुख सचिव उद्योग डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान प्रदेश में 112 बड़े तथा 1200 एम.एस.एम.ई. उद्योग संचालित थे जो दवा कंपनियों, खाद्यान्न सामग्री तथा आवश्यक वस्तुओं से संबंधित 
थे। अब 20 अप्रैल से भारत सरकार की गाइड लाइन के अनुसार प्रदेश के कुल 360 बड़े उद्योगों में से लगभग 200 उद्योग चालू किए जा सकेंगे तथा 12 हजार एमएसएमई उद्योगों में से लगभग 6 हजार उद्योग प्रारंभ किए जा सकेंगे।
       डॉ. राजौरा ने प्रतिनिधियों से कहा कि एसईजेड, निर्यात उद्योग, औद्योगिक क्षेत्र के उद्योग, ग्रामीण क्षेत्र के उद्योग सहित अत्यावश्यक सेवाओं के उद्यम प्रारंभ किए जा सकेंगे। सभी सुरक्षात्मक उपायों के साथ उद्योग प्रारंभ करें। इस बात का पूरा ध्यान रखा जाए कि संक्रमण न फैले। उद्योगों में 40 से 50 प्रतिशत मजूदर से ज्यादा न हों।
      श्रमिकों को यथासंभव उद्योग परिसर में ही रुकवाया जाए। उन्हें लाने वाली बसों में 30 से 40 प्रतिशत क्षमता का ही उपयोग हो। संक्रमित क्षेत्रों में न तो कोई उद्योग प्रारंभ होगा और न ही कोई मजूदर वहां से आएं-जाएं। सर्दी, जुकाम, 55 वर्ष से अधिक के डायबटीज, बी.पी.मरीज, छोटे बच्चों वाली महिलाएं काम पर नहीं आएं।
     परिसर में साबुन, सेनेटाईजर, मास्क, ग्लब्स, थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था हो। कार्य स्थल पर मजदूरों की दूरी 8 से 10 फीट हो। उद्यम को खुलने, बंद होने तथा दोपहर में भोजन अवकाश के समय सेनेटाईज किया जाए। कार्य स्थल पर अस्पतालों की सूची टांगें, जहां इलाज की सुविधा हो।

उद्योगपतियों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव

वीडियो कान्फ्रेंसिंग में औद्योगिक प्रतिनिधि श्री रवि झुनझुनवाला, श्री राजेन्द्र गुप्ता, श्री अनुराग श्रीवास्तव (सी.आई.आई.), श्री एस. चौधरी, श्री दिनेश पाटीदार (शक्ति पम्प) श्री सिद्धार्थ सेठी, (इन्फोबीन), सुश्री शिरीष गोयल (एम.एस.एम.ई.), श्री आर.एस. गोस्वामी, (‍हिंद फार्मा), श्री आदित्य श्रीवास्तव (वॉल्वो आयशर), श्री सिद्धार्थ अग्रवाल (सागर इण्डस्ट्री), श्री अखिलेश राठी (अध्यक्ष, टेक्सटाईल मिल्स एसोसिएशन), श्री अरूण सोनी (लघु उद्योग भारती) ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
     उन्होंने प्रदेश में कोरोना बचाव एवं उपचार के लिए मुख्यमंत्री सहित शासन की सराहना करते हुए उनका धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने सुझाव दिए कि मजदूरों को फैक्ट्री आने-जाने की लिखित अनुमति दी जाए। बिजली का भुगतान एक-दो माह के लिए टाला जाए और 8 घंटे के स्थान पर मजदूरों के 12 घंटे की शिफ्ट चलाए जाने की अनुमति दी जाए तथा 5 दिन के स्थान पर 6 दिन कार्य की अनुमति दी जाए।
        मजदूरों के लिए ई.एस.आई. अस्पतालों को सुदृढ़ किया जाए। ट्रांसपोर्टर्स को आश्वस्त किया जाए कि उन्हें आने-जाने में तकलीफ नहीं होगी। कोरियर सेवाएं प्रारंभ कराई जाएं, जिससे कंटेनर आ-जा सकें। सरकार लिक्विडी सपोर्ट करे तथा पॉवर चार्जेस में कमी करे। तुअर दाल पर मण्डी टैक्स में छूट मिले।

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