Sunday, May 10, 2020

उपार्जन केन्द्रों पर उपज की अवैध बिक्री रोकने हेतु आदेश जारी

उपार्जन केन्द्रों पर उपज की अवैध बिक्री रोकने हेतु आदेश जारी

वास्तविक कृषक होने पर ही तौल करने के निर्देश दिए

कृषकों के नाम पर अन्य किसी व्यक्ति व व्यापारी द्वारा उपार्जन केन्द्र पर उपज का विक्रय न हो

प्रदेश के पंजीकृत वाहनों में लाने वाली उपज की जांच करने हेतु किया निर्देशित  

खरीदी केंद्रों में अवैध बिक्री को रोके जाने हेतु स्वयं कलेक्टर डॉ राहूल हरिदास ने निर्देश दिया है। वह खरीदी केंद्रों में जिम्मेदारों व उपार्जन का कार्य करवा रहे संबंधित विभागों प्रमुखों की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाने के लिये पर्याप्त है। हालांकि वर्षों से जड़े जमाये सिवनी जिले में उपार्जन से संबंधित विभागों में अधिकारी व खरीदी केंद्रों के प्रभारियों की मनमानी पर नकेल कसना उतना आसान तो नहीं है परंतु नवागत कलेक्टर ने खरीदी केंद्रों की नब्ज पकड़ लिया है और निर्देश भी कड़कता के साथ जारी किये है। उपार्जन में किसी भी तरह की अनियमितता पाये जाने पर संबंधितों के विरूद्ध वैधानिक एवं दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। 

सिवनी। गोंडवाना समय। 
कलेक्टर डॉ. राहुल हरिदास फटिंग द्वारा रबी विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर किये जा रहे गेंहू, चना एवं मसूर उपार्जन में सीमावर्ती राज्य, जिले से उपार्जन केन्द्रों पर उपज की अवैध बिक्री रोकने को लेकर आदेश जारी किए गए हैं। जारी आदेशानुसार सीमावर्ती जिले के राज्यमार्ग से आने वाले गेंहू, चना एवं मसूर की जांच कृषि उपज मंडी व राजस्व विभाग के अमले के माध्यम से करायी जायेगी। किसान तौल पर्ची में उपज विक्रय लाने वाले वाहनों का सही नम्बर दर्ज करवाने के साथ ही  बाहर प्रदेश के पंजीकृत वाहनों में लाने वाली उपज की जांच करने हेतु निर्देशित किया गया हैं। 

नोडल अधिकारियों को नियमित उपस्थिति के निर्देश दिए 

कलेक्टर डॉ राहूल हरिदास ने उपार्जन केन्द्रों में भारी वाहनों जैसे ट्रक, मेटाडोर, डम्पर के माध्यम से स्कंध विक्रय हेतु लाने पर सघनता से जाँच करने तथा वास्तविक कृषक होने पर ही तौल करने के निर्देश दिए हैं। इसी तरह कृषि उपज मंडियों में विक्रय स्कंध के भण्डारण एवं उसके परिवहन पर सतत निगरानी रखने एवं सभी सीमावर्ती उपार्जन केन्द्रों पर नोडल अधिकारियों को नियमित उपस्थिति के निर्देश दिए हैं। 

बोरे पर टैग के साथ किसान कोड नम्बर अनिवार्यत: करने दिया निर्देश  

उपार्जित स्कंध की गुणवत्ता एफएक्यू की जांच करते हुए किसी भी स्थिति में नॉन एफएक्यू स्कंध उपार्जित न करने तथा उपार्जन पश्चात बोरे पर लगाये जाने वाले टैग पर किसान कोड नम्बर अनिवार्यत: करने हेतु निर्देशित किया गया हैं। इसी तरह विकासखण्ड स्तरीय निरीक्षण दल से सीमावर्ती उपार्जन केन्द्र की सघन जाँच करते हुए असामान्य आवक प्रदर्शित होने पर  विशेष जाँच किये जाने हेतु निर्देशित किया गया हैं । 

अंतिम सात दिवसों में करें विशेष निगरानी 

उन्होंने अधिकारियों को उपार्जन के अंतिम सात दिवसों में भण्डारित गेंहू, चना एवं मसूर की निकासी पर विशेष निगरानी करते हुए कृषकों के नाम पर अन्य किसी व्यक्ति व व्यापारी द्वारा उपार्जन केन्द्र पर उपज का विक्रय न हो, इसके पुख्ता इंतजाम किये जाने के निर्देश दिये हैं। उपार्जन में किसी भी तरह की अनियमितता पाये जाने पर संबंधितों के विरूद्ध वैधानिक एवं दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। 

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