Saturday, May 16, 2020

पैदल घर वापसी न करने की बजाय बस व रेलगाड़ी के लिये दिये निर्देश

पैदल घर वापसी न करने की बजाय बस व रेलगाड़ी के लिये दिये निर्देश

गृह मंत्रालय ने राज्य सरकारों व केंद्र सरकारों को पूर्व में ही लिखा था पत्र 

 गृह मंत्रालय ने राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों से प्रवासी श्रमिकों की पैदल घर वापसी न होने देने और सरकार द्वारा चलाई जा रही बसों और विशेष श्रमिक रेलगाड़ियों के माध्यम से ही उनकी घर वापसी सुनिश्चित करने को कहा


नई दिल्ली। गोंडवाना समय।
केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए)
 ने 11.05.2020 को सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को फंसे हुए प्रवासी श्रमिकों को उनके मूल स्थानों पर पहुँचाने के लिए इस उद्देश्य हेतु सरकार द्वारा चलाई गई बसों और विशेष 'श्रमिकरेलगाड़ियों के माध्यम से शीघ्रता से उनकी घर वापसी सुनिश्चित करने के लिए पत्र लिखा था।
गृह मंत्रालय के इस पत्र में सड़कों और रेलवे पटरियों पर चल रहे प्रवासी श्रमिकों की स्थिति का उल्लेख किया गया है। सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को सलाह दी गई कि यदि श्रमिक ऐसी स्थिति में पाए जाते हैंतो उन्हें उचित रूप से परामर्श दिया जाना चाहिए और जब तक कि उन्हें उनके मूल स्थानों तक जाने के लिए विशेष 'श्रमिकरेलगाड़ियों या बसों की सुविधा न मिले तब तक उन्हें निकट के आश्रयों में ले जाकर भोजन और जल जैसी मूलभूत सुविधाऐं उपलब्ध करायी जाऐं।
हालांकि,  देश के विभिन्न भागों से प्रवासी श्रमिकों के सड़कोंरेलव पटरियों और ट्रकों में यात्रा करने की खबरें अभी भी मिल रही हैं। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए, गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को फिर से लिखा है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह प्रवासी श्रमिक अपनी घर वापसी के लिए पैदल यात्रा न करें।
पत्र में कहा गया है कि रेल मंत्रालय प्रति दिन 100 से अधिक विशेष 'श्रमिकरेलों का संचालन कर रहा है और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त रेलों की व्यवस्था करने के लिए तैयार है। राज्य/केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारों को इन व्यवस्थाओं के बारे में लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए और श्रमिकों को यह परामर्श भी दिया जाना चाहिए कि उन्हें बिल्कुल भी पैदल यात्रा न करते हुए, उनकी यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए सरकार द्वारा विशेष रूप से चलाई जा रही बसों/रेलगाड़ियों के माध्यम से ही यात्रा करनी चाहिए।

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