Friday, May 8, 2020

पदोन्नति में लोक सेवकों द्वारा भरे जाने वाले आरक्षित पदों को किसी भी रीति में अनारक्षित बिंदु से न भरा जाए-आर एन ध्रुव

पदोन्नति में लोक सेवकों द्वारा भरे जाने वाले आरक्षित पदों को किसी भी रीति में अनारक्षित बिंदु से न भरा जाए-आर एन ध्रुव

अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ के प्रांताध्यक्ष आर एन ध्रुव ने की पदोन्नति को लेकर रखी मांग

छत्तीसगढ़। गोंडवाना समय। 
छत्तीसगढ़ राज्य में छत्तीसगढ़ लोकसेवा पदोन्नति नियम 2003 लागू है। उक्त नियम के पांचवी कंडिका में शासन द्वारा संशोधन किया गया था। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा नियम 5 को रोक लगाई गई और 2 माह के लिए रोस्टर बिंदु को स्टे प्रदान किया गया है। शासन का पक्ष रखते हुए शासकीय अधिवक्ता ने संशोधित नियम 5 में कुछ त्रुटि मानते हुए नए नियम प्रतिस्थापित करने की जानकारी कोर्ट में प्रदान की गई है।लॉक डाउन की स्थिति के कारण माननीय उच्च न्यायालय में इस मुद्दे पर सुनवाई नहीं हो पाई है। उक्त केस कोर्ट में विचाराधीन है माननीय उच्च न्यायालय के फैसले का सम्मान करते हुए अधिकांश विभागों ने पदोन्नति प्रक्रिया स्थगित कर दी है लेकिन कुछ विभागों में यह प्रक्रिया जारी है। 
             शासन द्वारा जारी छत्तीसगढ़ पदोन्नति नियम 2003 में लोक सेवकों द्वारा भरे जाने वाले आरक्षित पदों को किसी भी रीति में अनारक्षित बिंदु से भरा नहीं जाएगा वर्णित है। यदि विभाग द्वारा पदोन्नति सूची जारी करना आवश्यक हो तो राज्य में लागू आरक्षण नियम अनुसार अनुसूचित जनजाति 32 प्रतिशत, अनुसूचित जाति 13 प्रतिशत पर सुरक्षित रखा जाए एवं पद सुरक्षित रखने की सूचना प्रसारित की जाए । यदि आवश्यक हो तो नए नियम प्रतिस्थापित होने तक पदोन्नति की कार्यवाही स्थगित रखा जाए। 
            विभागों में स्वीकृत सारे पदों को अनारक्षित बिंदु पर भरना संविधान में आरक्षित वर्ग के हितों के लिए उपबंधित प्रावधानों की अवमानना होगी।पदोन्नति नियम 2003 के नियम 05 रोस्टर नियम  (रोस्टर नियम) स्थगन हटने तक स्थगन के बाद जारी समस्त पदोन्नति आदेश प्रभावित आरक्षित अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति आरक्षण  रोस्टर बिंदु से निचे के सभी अनारक्षित जिनका  नियम विरुद्ध पदोन्नति कर दिया गया है को निरस्त कर संशोधित पदोन्नति आदेश जारी कर सकते हैं परंतु जहां अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के लिये बिंदु आरक्षित है उससे नीचे के अनारक्षित बिंदु को अनारक्षित कर्मचारियों  को पदोन्नति देकर न भरा जाय यदि भरा जाता है तो वह आरक्षण अधिनियम एवं पदोन्नति नियम का उल्लघन  के साथ साथ  संवैधानिक प्रावधानो का उलंघन तथा माननीय उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश का उलंघन माना जायेगा। 
           अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ के प्रांताध्यक्ष आर एन ध्रुव ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा माननीय हाईकोर्ट बिलासपुर में क्वांटिफाइबल डाटा प्रस्तुत नहीं कर पाने के कारण वर्तमान मे  अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित एजनजाति के अधिकारी /कर्मचारी पदोन्नति से वंचित हो रहे हैं। पदोन्नति मे आरक्षण  रोस्टर पर  उच्च न्यायालय का स्थगन, उच्चतम न्यायालय एम नागराज,जर्नैल केश के शर्त के पालन में अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति, अनारक्षित के पदोन्नति वाले  सभी विभागों, सभी कार्यालयों के प्रत्येक संवर्ग केडर के  स्वीकृत पदों,रिक्त पदों,बेकलाग रिक्त पदों की  प्रतिनिधित्व के आंकड़े क्वांटिफाइबल डाटा एकत्र कर नये रोस्टर नियम बनाने हेतु कर्नाटक राज्य की  रत्नप्रभा ए सी एस कमेटी की तरह  छत्तीसगढ़ में भी एक कमेटी गठित कर शीघ्र नये नियम बनाकर छत्तीसगढ़  शासन की ओर से उच्च न्यायालय मे जवाब पेश कराये जाने की आवश्यकता है। जिससे अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के पदोन्नति मे आरक्षण बहाल हो सके।
            इस हेतु मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी, महामहिम राज्यपाल सुश्री अनुसूईया उइके जी, आदिम जाति कल्याण मंत्री माननीय श्री डॉ प्रेमसाय सिंह टेकाम जी, छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव एवं सचिव सामान्य प्रशासन विभाग आरक्षण प्रकोष्ठ अनुसूचित जनजाति आयोग छत्तीसगढ़ को लाकडाउन के कारण ईमेल  एवं अन्य उचित माध्यम से उक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए स्थगन हटने तक अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिये रोस्टर अनुसार पदोन्नति में स्थान सुरक्षित करते हुये यथासंभव सभी प्रकार की पदोन्नति प्रक्रिया आगामी आदेश तक स्थगित करने हेतु सर्व सम्बधितों को निर्देशित करने हेतु  निवेदन किए हैं।

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