Monday, September 7, 2020

निर्धन बच्चों में शिक्षा की अलख जगा रही गांव की बेटी वैशाली धुर्वे

निर्धन बच्चों में शिक्षा की अलख जगा रही गांव की बेटी वैशाली धुर्वे


कमलेश गोंड संवाददाता
बालाघाट। गोंडवाना समय।

वैश्विक महामारी कोरोना संकट के समय जहां एक ओर स्कूल बन्द होने के कारण बच्चो में शिक्षा का स्तर पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे समय में बालाघाट जिले की कुड़वा गांव की रहने वाली वैशाली धुर्वे बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही है। इनके द्वारा नि:शुल्क कोचिंग क्लास शुरूआत कर बच्चो को पढ़ाया जा रहा है। 

शैक्षणिक नींव मजबूत बनाने में जुटी


हम आपको बता दे कि गांव की यह बेटी वैशाली धुर्वे वर्तमान में गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष है। वहीं ग्रामीण बच्चों को नि:शुल्क कोचिंग पढ़ाकर ज्यादा से ज्यादा शिक्षित हो सके एवं उनकी शैक्षणिक नींव मजबूत बने। इसके लिये निरंतर शैक्षणिक अध्ययन से बच्चों को जोड़कर पढ़ाने में जोर दे रही है। 

अपने घर पर ही करा रही अध्ययन 


वैशाली धुर्वे इसके साथ ही गांव के आर्थिक रूप से कमजोर निर्धन परिवार को उनके बच्चों को पढ़ने में कोई किसी भी परेशानी न हो, इसके लिए वैशाली ने अपने घर पर ही कोचिंग लगाकार बच्चों को पढ़ा रही है। पढ़ाई के अलावा इन बच्चों को पठन-पाठन सामग्री भी मुफ्त में दिया जाता है ताकि बच्चों को कोचिंग करने के बाद भी घर में पढ़ने में कोई परेशानी ना हो। 

बच्चों को गोंडी भाषा भी सिखा रही 


बच्चों को सिर्फ पढ़ाने का ही काम नहीं करती हैं बल्कि बच्चों को स्कूल से भी जोड़ने का काम कर रही हैं। इसके साथ कोयतुर बच्चों को कोया लेंग की भी जानकारी दे रही है। गोंडी भाषी की जानकार और गोंडी भाषा को अधिक से अधिक सगाजन बोल सके। इसके लिये वैशाली धुर्वे ने फेसबुक लाइव के माध्यम से देश भर के युवा एवं छात्रों को गोंडी भाषा से जोड़ने काम किया है। इसके साथ ही कोयतुर जनों को कोयापुनेम की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही हैं। 

डॉक्टर सूर्या बाली के सहयोग से बच्चों को कॉपी, पेन और गाइड की मिली मदद 


इतिहास को खोजनकर संजोने में मुख्य भूमिका निभाने के लिये अपने व्यस्तम समय में से भी समय निकालकर सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिये निरंतर कदम बढ़ा रहे डॉक्टर सूर्या बाली सूरज धुर्वे जी जो कि भोपाल एम्स में सेवारत है। कोया पुनेम के चिंतनकार डॉक्टर सूर्या बाली युवा पीढ़ी की उज्जवल भविष्य के लिये काफी चिंतित है।


        इन्होने शिक्षक दिवस के मौके पर आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को पठन पाठन की सामग्री उपलब्ध कराते हुये कॉपी-पेन के बिना पढ़ रहे, उन सभी बच्चों के लिए कापी, पेन ,पेंसिल, पुस्तक एवं पहली कक्षा से लेकर दसवीं कक्षा तक के सभी छात्रों के लिए गाइड्स एवं शिक्षा संबंधित सामग्री उपलब्ध कराई है। नि:शुल्क भेंट पर सभी बच्चों ने डॉक्टर सूर्या बाली सूरज धुर्वे का आभार व्यक्त किया है। बच्चों ने कहा कि उनके जीवन में प्रकाश डाल रहे महापुरुष को हम सेवा जोहार करते है। 


2 comments:

  1. वैशाली जी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं.....

    ReplyDelete
  2. बहुत सुंदर विचार और सुझाव जय जौहर

    ReplyDelete

Translate