Saturday, October 3, 2020

सिवनी चिकित्सालय में 9 कोरोना पॉजिटिव गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित हुये प्रसव

सिवनी चिकित्सालय में 9 कोरोना पॉजिटिव गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित हुये प्रसव

कोरोना संक्रमण में भी सुनाई दी खुशियों की किलकारियां

2 डिलेवरी सामान्य एवं 7 सर्जिकल हुई

इन सुरक्षित एवं सफल डिलेवरी में डॉ राजेश्वरी कुशराम, डॉ चेतना बान्द्रे, डॉ विजय पगारे, डॉ ज्योति झारिया, डॉ वर्षा ठाकुर, डॉ संचिता उईके, डॉ पवन राहंगडाले एवं सहित अन्य स्टॉफ नर्स व स्वास्थ्यकर्मियों की महती भूमिका रही है।


सिवनी। गोंडवाना समय। 

वैश्विक कोरोना वायरस संक्रमण ने सम्पूर्ण विश्व में अपने पांव पसार कर सभी तबके को प्रभावित किया हैं। इस वायरस के संक्रमण से अपने नागरिकों को बचाने के लिए विश्वस्तर पर लगातार कार्यवाही जारी हैं। कोरोना के विरुद्ध युद्ध में डॉक्टर, पुलिसकर्मी, सफाई कर्मियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका के साथ अन्य शासकीय अमले ने पूरी तन्मयता से कार्य कर ढाल की भूमिका निभाई हैं।

परिवार से दूर रहना, दमघोंटू पीपीई में ड्यूटी करना

कोरोनाकाल में डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों ने जो काम किया है उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। कोरोना की रोकथाम व संक्रमितों के उपचार में वह दिन-रात एक किए हुए हैं। परिवार से दूर रहना, दमघोंटू पीपीई में ड्यूटी करना, घंटों पसीने में नहाए रहना, मरीज का इलाज करना, खुद को संक्रमण से बचाना और कोरोना के खतरे से जीतने के इरादे से लड़ना, इमरजेंसी का चैलेंज और मरीजों की छोटी सी छोटी समस्याओं का ख्याल रखनें की जिम्मेदारी इन्होंने बखूबी निभाई है। सिवनी जिलें में कोरोना पॉजिटिव पाये गए 1043 मरीजों में से 833 मरीज आज पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। इन मरीजों को कोरोना के चंगुल से बाहर लाने में जिले की डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही हैं। वर्तमान में डॉक्टर्स एवं स्वास्थ्यकर्मी 203 की सतत देखभाल में लगे हुए हैं।

बच्चों को जन्म देने के साथ ही कोरोना की जंग को भी जीता 

इस कोरोना संक्रमण के बीच बच्चों की किलकारियां भी जिला चिकित्सालय में गूंजी हैं। पॉजिटिव पायी गयी 9 गर्भवती महिलाओ ने बच्चों को जन्म देने के साथ ही कोरोना की जंग को भी जीता हैं। जिनमें से 2 डिलेवरी सामान्य एवं 7 सर्जिकल हुई हैं। आज माँ और बच्चें दोनों स्वस्थ हैं। जो चिकित्सालय के डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियो की सजगता, साहस एवं मानव सेवा की भावना का ही परिणाम है। जिसके लिए इन महिलाओं के परिवारजन इन डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों का आभार व्यक्त कर रहे हैं। इन सुरक्षित एवं सफल डिलेवरी में डॉ राजेश्वरी कुशराम, डॉ चेतना बान्द्रे, डॉ विजय पगारे, डॉ ज्योति झारिया, डॉ वर्षा ठाकुर, डॉ संचिता उईके, डॉ पवन राहंगडाले एवं सहित अन्य स्टॉफ नर्स व स्वास्थ्यकर्मियों की महती भूमिका रही है।  


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