Monday, November 30, 2020

दबंगो की प्रताड़ना से परेशान आदिवासी परिवार, आदेगांव थाना क्षेत्र का है मामला

दबंगो की प्रताड़ना से परेशान आदिवासी परिवार, आदेगांव थाना क्षेत्र का है मामला  

झिरी ग्राम में दबंगों के भय में जीवन बिता रहा आदिवासी परिवार 

दबंग फर्जी शिकायत कर कानूनी दांवपेज में उलझा भी रहे


सिवनी। गोंडवाना समय। 

जनजाति बाहुल्य जिला सिवनी में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा कानून की समीक्षा के दौरान कही जाने वाली बातों का असर ग्रामीण अंचलों के पुलिस थाना क्षेत्र में प्रभावहीन होता दिखाई दे रहा है। सिवनी जिले के आदेगांव पुलिस थाना क्षेत्र के ग्राम झिरी में आदिवासी महिला रामकली बाई ने अपने परिवार के साथ दबंगों के द्वारा की जा रही प्रताड़ना की शिकायत अजाक थाना सिवनी में बीते दिनों किया है। 

पहले तुझे काटते है फिर पेड़ काटने की सोचेंगे

आदेगांव थाना क्षेत्र के ग्राम झिरी निवासी आदिवासी परिवार दबंगों की दबंगई से अत्याधिक परेशान है। अजाक थाना में दी गई शिकायत में पीड़िता आदिवासी महिला ने बताया कि उनके खेती की जमीन से लगी हुई जमीन दंबगों की भी है जहां पर बबूल का पेड़ लगा हुआ जिसके कारण आवागमन में परेशानी होती है। इस संबंध में आदिवासी परिवार के द्वारा दबंग परिवार से पेड़ छांटने व कांटने के लिये कहा जाता है तो दबंग परिवार के सदस्य कहते है कि पहले हम तुमको काटेंगे फिर पेड़ को काटने के बारे में सोचेंगे। 

बीते 4-5 वर्षों से कर रहे प्रताड़ित

पीड़िता आदिवासी महिला ने शिकायत में उल्लेख किया है कि दबंगों के द्वारा हमें जानबूझकर झगड़ा विवाद करने के लिये उकसाने का प्रयास किया जाता है। आते-जाते रास्ते में ताना मारने का कार्य किया जाता है। अपशब्दों का प्रयोग और जातिगत से अपमान करते हुये हमेशा संबोधित किया जाता है। बीते लगभग 4-5 वर्षों से प्रताड़ित किया जा रहा है। वहीं आदिवासी महिला के पति शासकीय सेवा में कार्यरत है उनके नाम की फर्जी व झूठी शिकायत थाना व अन्य स्थानों पर किया गया है और अभी भी कोशिाश की जाती है। 

3 जुलाई 2020 को हुआ था राजीनामा 

दबंग परिवार द्वारा आदिवासी परिवार के साथ में 3 फिट की छेड़ी की जमीन को लेकर हमेशा विवाद किया जाता था। उन्हें छेड़ी का उपयोग नहीं करने देते थे इसके चलते उक्त प्रकरण राजस्व न्यायालय लखनादौन तक पहुंचा था। वहीं ग्राम के पंचों के समक्ष आपसी राजीनामा हुआ था जिसमें दोनो पक्षों के द्वारा हस्ताक्षर कर सहमति जताई गई थी। इसके बाद भी दबंगों के द्वारा ग्राम के पंचों के समक्ष हुये आपसी राजीनामा को नहीं माना जा रहा था। आदिवासी पीड़िता महिला के परिवारजनों के द्वारा मकान का निर्माण कार्य किये जाने के दौरान छेड़ी का उपयोग आदिवासी परिवार को दबंगों के द्वारा नहीं करने दिया जा रहा था। इसके लिये उनके द्वारा वाद-विवाद किया जा रहा था। इस संबंध में पीड़ित परिवार द्वारा अजाक थाना सिवनी में कानूनी कार्याही के लिये शिकायत दी है। 


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