गोंडवाना समय

Gondwana Samay

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Sunday, December 20, 2020

100 किलोमीटर दूर से कैसे पढ़ने आयेगा विपिन इनवाती, अधूरे सत्र में स्थानांतरण ना होने से हो रहे परिजन परेशान

100 किलोमीटर दूर से कैसे पढ़ने आयेगा विपिन इनवाती, अधूरे सत्र में स्थानांतरण ना होने से हो रहे परिजन परेशान

शिक्षा विभाग से मिल जाये अनुमति तो हो सकता है समस्या का समाधान 

ग्रामीण अंचल के वे छात्र जो कि शहरी क्षेत्र में छात्रावास में रहकर शैक्षणिक अध्यापन का कार्य करते है। कोरोना काल के समय से बंद छात्रावास के चलते उनकी पढ़ाई तो प्रभावित हुई है। वहीं अब स्कूल प्रारंभ होने के आदेश आने के बाद और छात्रावास के प्रारंभ नहीं होने एवं परिजनों को कोरोना का भय होने के कारण शहर के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को अध्याधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ तो ऐसे भी विद्यार्थी है जो कि सिवनी शहर मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर गांव में निवास करते है। ऐसे छात्र स्कूल आना-जाना कैसे करेंगे यह समस्या खड़ी हो गई है। ऐसी स्थिति में अपने गांव के पास ही स्कूल में शैक्षणिक अध्ययन कार्य कराये जाने की सुविधा प्रदान करने की मांग अभिभावकों के द्वारा की जा रही है। 


सिवनी। गोंडवाना समय।

शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से शिक्षा अध्यनन कार्य कराये जाने को लेकर सरकार, शासन-प्रशासन चाहती है कि अंतिम छोर के व्यक्ति एवं युवाओं, बच्चों का संवार्गीण विकास हो और हर बच्चा शहरी क्षेत्र की तरह ही शिक्षा प्राप्त कर सके लेकिन हाल ही में कोविड-19 के चलते सिवनी जिले की लखनादौन तहसील अंतर्गत आदेगांव के निकट ग्राम सिवनीटोला में पिता के स्वर्गवास के पश्चात मामा के पास रहकर अध्यापन करने वाले विपिन इनवाती ने माध्यमिक शिक्षा ग्रहण करने के पश्चात हाईस्कूल शिक्षा हेतु सिवनी मुख्यालय के नेताजी सुभाष चंद्र बोस हॉयर सेकेंडरी शाला सिवनी में प्रवेश लिया है। 

9 वीं से 12 वीं कक्षा तक शाला प्रारंभ करने की घोषणा

इसके साथ-साथ शासन की सुविधानुसार बींझावाड़ा आदिवासी छात्रावास में रहकर कक्षा 9 वीं का अध्यापन कर रहा था लेकिन लंबे समय से कोविड-19 के चलते छात्रावास बंद होने से अध्यापन कार्य प्रभावित हो रहा था। हाल ही में राज्य शासन द्वारा 9 वीं से 12 वीं कक्षा तक शाला प्रारंभ करने की घोषणा की है। ऐसी स्थिति में लगभग 100 कि.मी. से अधिक दूर रहने वाले विपिन इनवाती के सामने समस्या निर्मित हो गई है। उसके लिये अपने घर से प्रतिदिन शाला आना-जाना संभव नहीं है। इसके साथ ही छात्रावास बंद होने के कारण कोविड-19 में नगर में रहना भी उसके लिए संभव नही है। वहीं शासन के नियमानुसार एक शाला में प्रवेश लेने के बाद विषम परिस्थिति में भी दूसरी शाला में आधे सत्र के बाद प्रवेश की व्यवस्था ना होने से इस तरह की समस्या अनेक शालाओं में निर्मित हो रही है। जिसके कारण अभिभावक परेशान हो रहे है। अत: शासन से इस प्रकार की उत्पन्न हो रही समस्या के समाधान को लेकर उचित पहल की मांग है।

करनपुर हाईस्कूल में प्रवेश कराने की मांग 

वहीं उक्त समस्या को लेकर विपित इनवाती की मां हेमवती इनवाती जो कि बेवा है उनका कहना है कि मेरे भाई हीरा सिंह उईके के पास मेरा पुत्र विपिन इनवाती रहता है और पिता ना होने के कारण छात्रावास में रहता था लेकिन छात्रावास बंद होने के कारण हम चाहते है कि लखनादौन के निकट ग्राम करनपुर हाईस्कूल में प्रवेश मिल जाये तो हमारी समस्या का समाधान हो जायेगा।

तो हम छात्रावास की सुविधा हेतु स्थानांतरित कर देंंगे 

वहीं इस मामले में छात्रावास अधीक्षक श्री फत्ते सिंह शेरिया कहते है कि यह मामला शिक्षा विभाग का है, यह सही है कि विपिन इनवाती ने छात्रावास में नियमानुसार प्रवेश लिया है। अगर जिला शिक्षा अधिकारी उक्त बालक को यहां से स्थानांतरित कर देते है तो हम उसे गांव में ही मिलने वाली छात्रावास की सुविधा हेतु स्थानांतरित कर देंगे।

जिला शिक्षा अधिकारी स्थानांतरण कर दे तो हो सकता समस्या का समाधान 

वहीं उक्त समस्या के संंबंध में छात्र विपिन इनवाती के मामा हीरा सिंह उईके जो कि अभिभावक के रूप में विपिन इनवाती को अध्यापन कार्य कराते है। उनका कहना है कि हमने विपिन इनवाती को सिवनी से करनपुर हाईस्कूल में स्थानांतरण हेतु शाला में आवेदन दिया है क्योंकि इतनी दूर से प्रतिदिन आना-जाना विपिन इनवाती के लिये असंभव है। हम चाहते है कि उसे करनपुर स्कूल में शैक्षणिक अध्ययन की सुविधा दिलवा दी जाये। जिससे उसका शैक्षणिक अध्यापन कार्य प्रभावित नहीं होगा। वहीं विपिन इनवाती परीक्षा भले ही नेता जी स्कूल में ही देगा। उक्त समस्या को लेकर विपिन इनवाती के मामा हीरा सिंह उईके का कहना है कि यदि जिला शिक्षा अधिकारी स्थानांतरण कर करनपुर हाईस्कूल में प्रवेश दिलवा देते है तो विपिन इनवाती की शैक्षणिक समस्या का समाधान आसानी से हो सकता है। 

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