Sunday, December 13, 2020

नसबंदी आॅपरेशन के बाद आदिवासी महिला की मृत्यू पर निवास विधायक ने स्वास्थ्य विभाग पर उठाये सवाल

नसबंदी आॅपरेशन के बाद आदिवासी महिला की मृत्यू पर निवास विधायक ने स्वास्थ्य विभाग पर उठाये सवाल

नसबंदी में टारगेट पूरा करने का उद्देश्य पहला न हो, सुरक्षा व्यवस्था पहले नंबर पर हो

विधायक ने कहा कलेक्टर मण्डला को इन सब बातों को ध्यान में लेना होगा व्यवस्थाओं पर नजर रखना होगा




मंडला। गोंडवाना समय।

रात्रि के समय आपरेशन की कौन सी मजबूरी होती है, रात्रि के आपरेशन के समय कोई क्रिटिकल कंडीशन होने पर कोई सुविधाएं समय पर नहीं मिलने से मृत्यू होती है और यह कई बार हुआ है। पिछली बार बीजाडांडी में भी ऐसी ही घटना में एक महिला की मृत्यु हुई थी। जिसको मुआवजा अभी भी पूरा नहीं मिला है। विभाग अपनी जिम्मेदारी से बचने का हर संभव प्रयास करता है। वहीं ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए अपनी तरफ से कोई सुधार प्रयास नहीं किया कई घटनाओं के बाद भी यह उचित नहीं है। 

टारगेट पूरा करने के लिये एजेंट लगे थे पैसे देकर छत्तीसगढ़ से मरीज लाये क्यों ?


विधायक डॉ अशोक मर्सकोले का कहना है कि महिलाओं का पूर्ण परीक्षण पहले ही हो जाये और फिर आपरेशन दिन में होकर शाम तक घर पहुँच जाये परंतु बार-बार घटना की पुनरावृत्ति होने पर भी व्यवस्था में कोई सुधार नहीं क्यों ? आखिर रात में ही आपरेशन क्यों ? क्रिटिकल केअर से बचने की व्यवस्था चिकित्सक क्यों नहीं ? गाइडलाइन का किसी भी स्तर पर पालन नहीं क्यों ? बिछिया में भी पिछले दिनों टारगेट पूरा करने के लिए एजेंट लगे थे तो पैसे देकर छत्तीसगढ़ से मरीज लाये वह भी कोरोना काल में क्यों ?

मुआवजा भी जो कम से कम 10 लाख दिया जाये

वहीं विधायक ने कहा कि ये सब गलतियां दोहराने के लिए विभाग को जवाब देना होगा और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा भी जो कम से कम 10 लाख दिया जाये। वहीं इस मामले में कहा कि कलेक्टर मण्डला को इन सब बातों को ध्यान में लेना होगा व्यवस्थाओं पर नजर रखना होगा।

नसबंदी आॅपरेशन के दौरान आदिवासी महिला सेवकली मसराम की मृत्यू 

निवास विधायक डॉ अशोक मर्सकोले ने कहा कि मेरे विधानसभा क्षेत्र निवास अंतर्गत मोहगांव और बीजाडांडी में दो बड़ी घटनाएं हुई है। जिसमें मोहगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बीती रात्रि को नसबंदी आपरेशन के दौरान उमरिया मोहगांव निवासी एक महिला सेवकली पति लक्ष्मण मसराम 23 वर्ष की मृत्यु हो गई है। जिला अस्पताल भेजा गया था जहाँ मृत घोषित किया गया। इस मामले की मजिस्ट्रेट जाँच की माँग के साथ उन्होंने 10 लाख मुआवजा की मांग भी किया है।  

मिल व फैक्ट्री में पुलिस व श्रम विभाग जांच कर करें कार्यवाही 

निवास विधायक डॉ अशोक मर्सकोले ने कहा कि दूसरी घटना में बीजाडांडी क्षेत्र में नागरार पोंडी में एक मिल में पिसाई के दौरान लावर चारगांव की 40 वर्षीय महिला कलाबाई गोठरिया  के मशीन में फस जाने से उसका शरीर सर में आने से मृत्यु हो गई है। मिल में किसी प्रकार के सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से उक्त घटना घटी है। वहीं विधायक का कहना है कि उन्हें पता चला है कि मिल में बीमा भी नहीं है। जिले में आये दिन लापरवाही से कई घटनाएं घट रही हैं। इस तरह की घटनाओं में पुलिस और श्रम विभाग को जाँच को जाँच कार्यवाही हेतु उन्होंने कहा है। श्रम विभाग की डीआईएचएस (औद्योगिक जाँच इकाई)की स्पेशल टीम से जाँच हेतु उन्होंने कहा है, जो कि सोमवार को जाँच हेतु आयेगी। उन्होंने यह भी संज्ञान में लाया कि इस प्रकार की घटना कुछ वर्षों पहले भी घटी थी परंतु मिल और फैक्टरियों में किसी प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं होती कि इस प्रकार की घटना घटने पर बचाया जा सके। यहां तक बीमा तक नहीं होता है, जिससे श्रम विभाग की व्यवस्था और कार्यवाही को उन्होंने संदेह के घेरे में बताया है। इसमें भी विधायक डॉ अशोक मर्सकोले ने दोषियों पर कार्यवाही और उचित मुआवजा दिये जाने की कार्यवाही करने की मांग किया है। 


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