Monday, February 1, 2021

जिला चिकित्सालय में मानवता हुई शर्मशार, तड़पता गरीब आदिवासी पहुॅचा प्रशासन के पास

जिला चिकित्सालय में मानवता हुई शर्मशार, तड़पता गरीब आदिवासी पहुॅचा प्रशासन के पास

प्रशासन और मीडिया के दबाव में हुआ युवक का इलाज प्रारंभ


छिंदवाड़ा। गोंडवाना समय।
 

गोंडवाना महासभा के जिलाध्यक्ष ठा. प्रहलाद कुसरे ने बताया कि हरिशचंद काकोड़े जो कि भीमखेड़ी पो. लेन्डोरी तहसील पॉढुर्णा का निवासी है, ये दोनों पति-पत्नी मजदूरी करके अपना जीवन यापन करते हैं। इनका सड़क दुर्घटना में दिनांक 16 नवंबर 2019 को एक्सीडेंट हो जाने के कारण ग्रामीणों द्वारा इलाज के लिये नागपुर मेडिकल में दिनांक 16.11.19 को भर्ती करवाया गया, जहॉ इलाज उपरांत इनके पैर एवं हाथ में रॉड डाली गई एवं दिनांक 27.11.19 को रेफर कर दिया गया जिससे ये गांव वापस आ गये। 

अस्पताल से  छुट्टी दे दी गई कि जहॉ आपरेशन हुआ है वहीं इलाज होगा

इसके बाद टांके काटने के बाद ठीक हो गये हैं कहकर वापस कर दिया और 2-3 माह बाद लॉक डाउन लग गया जिससे हरिशचंद जांच करवाने नहीं जा सका और उसके पैर में पॅस पड़ गया एवं एक हाथ सुन्न हो गया, जिसे दिखाने के लिये जब लॉक डाउन खुलने के बाद पुन: नागपुर मेडिकल कालेज में कहा गया कि हम गंभीर मरीज का इलाज करते हैं और तुम्हारा इलाज यहॉ नहीं होगा । इसकी जानकारी श्री प्रहलाद कुसरे को लगने पर उन्होनें दिनांक 27 जनवरी 2021 दिन बुधवार को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया परंतु ऐसे गंभीर मरीज को इन 3 दिनों में इलाज के नाम पर गोलियॉ दी गई जिससे कोई आराम नहीं मिला, और जब चिकित्सकों से सही इलाज करने की बात कही तो जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों ने इस आदिवासी गरीब युवक को यह कहते हुये अस्पताल से  छुट्टी दे दी गई कि जहॉ आपरेशन हुआ है वहीं इलाज होगा, परंतु इनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण ये अन्यत्र इलाज करवाने में असमर्थ हैं। 

स्थिति नहीं सुधरी तो गोंडवाना महासभा ऐसे चिकित्सकों के विरूद्ध धरना आंदोलन करेगी

इसलिये उक्त युवक द्वारा श्री प्रहलाद कुसरे को जानकारी दी गई तब उन्होनें अतिरिक्त कलेक्टर से मिलकर इलाज करवाने की बात कहीं, तब उनके द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं अन्य चिकित्सकों को फटकार लगाते हुये तत्काल इस आदिवासी युवक के इलाज की व्यवस्था कर तुरंत भर्ती करवाया गया। श्री प्रहलाद कुसरे ने बताया कि जिला चिकित्सालय में इस तरह से गरीब आदिवासियों के साथ जानवरों जैसा व्यवहार किया जा रहा है, जबकि मरीज के पास आयुष्मान कार्ड एवं गरीब रेखा कार्ड था। जिसके सहारे यदि हमारे चिकित्सक चाहते तो अन्य स्थान पर भी अच्छे से अच्छा इलाज हो सकता था परंतु हमारे जिले के चिकित्सकों को अपनी डिस्पेंशरी में मरीजों को बुलाकर उन्हे लूटा जा रहा है, इसलिये गरीब आदिवासी इलाज के लिये दर-दर भटक रहे हैं । इस घटना की गोेंडवाना महासभा घोर निंदा करती है और श्री प्रहलाद कुसरे ने अस्पताल प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि दोबारा इस तरह की घटना प्रकाश में आयी तो गोंडवाना महासभा ऐसे चिकित्सकों के विरूद्ध धरना आंदोलन करेगी, जिसकी समस्त जबावदारी शासन प्रशासन की होगी। 


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