Saturday, February 6, 2021

वनपाल एवं वनरक्षक के साथ मारपीट करने वाले आरोपीगण की जमानत खारिज

वनपाल एवं वनरक्षक के साथ मारपीट करने वाले आरोपीगण की जमानत खारिज 

समानता  के आधार पर फरार अभियुक्त गणो को जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता


सिवनी। गोंडवाना समय।

पुलिस थाना किन्दरई में प्रार्थी हंस लाल बिसेन जो वनपाल परिक्षेत्र सहायक के पद पर केदारपुर सर्किल में पदस्थ हैं। जिनके द्वारा पुलिस थाना किंदरई में रिपोर्ट दर्ज कराया गया था कि ग्राम सालीवाड़ा के चतरू पिता उमराव यादव के यहां से सागौन की इमारती लकड़ी रखी होने की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को मिलने पर 5 जून 2020 को चतुरु यादव के विरूद्ध सर्च वारंट जारी किया गया था। 

घर एवं खलियान में 13 नग सागौन की चिरान मिले थे

माननीय न्यायालय में हुई उक्त प्रकरण की हुई सुनवाई के संबंध में श्री मनोज कुमार सैयाम, मीडिया सेल प्रभारी सिवनी ने जानकारी देते हुये बताया कि वहीं सर्च वारंट के आधार पर संपूर्ण फॉरेस्ट अमले के साथ ग्राम ग्वारी सालीवाड़ा जाकर वारंटी चतरू यादव के घर में दबिश दी गई किंतु वारंटी चतरू यादव उपस्थित नहीं मिला जो उसके बड़े भाई छुट्टन यादव, चतरू का लड़का सुशील, बीरन यादव की उपस्थिति में मकान की तलाशी ली गई तो आरोपी चतुरू यादव के घर एवं खलियान में 13 नग सागौन की चिरान मिले उक्त सागौन की लकड़ियों का नाप किया गया जो 0.318 कीमती लगभग 30, 465 रुपए की मिलने पर जप्त कर पंचनामा तैयार किया गया था। तलाशी व दबिश के दौरान मौके पर आरोपी चतरू यादव के नहीं मिलने के कारण फरारी प्रकरण बनाया गया था। 

बिसेन साहब ने मुझसे दस्तक करवाया हैं, जल्दी आओ उसको देख लेते हैं

माननीय न्यायालय में हुई उक्त प्रकरण की हुई सुनवाई के संबंध में श्री मनोज कुमार सैयाम, मीडिया सेल प्रभारी सिवनी ने जानकारी देते हुये बताया कि वहीं जब 4 अक्टूबर 2020 दिन रविवार को हल्का पटवारी के द्वारा गांव वालों की समस्या का निदान सालीवाड़ा फॉरेस्ट नाका रोड के किनारे पर किया जा रहा था तब वह भी पंचम नामदेव के साथ शासकीय कार्य से वहां आया था तभी आरोपी चतरू यादव भी पटवारी से अपना काम कराने आया था।
        करीब 11 बजे चतरू यादव को गांव वालों के साथ देखा तो उसे बुलाया और कहा कि सर्च वारंट के दौरान तू घर पर नहीं मिला था। केस में तेरे दस्तक नहीं हुए थे, नाका में चलकर दस्तक कर दे कहा तो आरोपी चतरू यादव साथ में नाका आकर केस में दस्तक किया और रूम से बाहर आकर अपने परिवार वालों को फोन लगाकर बताया की बिसेन साहब ने मुझसे दस्तक करवाया हैं। जल्दी आओ उसको देख लेते हैं कहकर बुलाया था। 

कमरे के अंदर घुसकर किया था मारपीट 

दस्तक करवाने की सूचना मिलने पर चतुरू यादव का लड़का सुशील यादव, बीरन यादव, उसकी पत्नी विमला, चतरू का बड़ा भाई छुट्टन यादव आए और सभी अपशब्दों का प्रयोग करते हुये और चतुरू यादव के दोनों लड़के और उसकी पत्नी हाथ मुक्का से मारने लगे और छुट्टन यादव ने वही पड़ी लकड़ी से राम दुलारे यादव को मारपीट करने लगा ।
            जिससे उसके सिर मे चोटें आई एवं सुशील यादव ने राम दुलारे को पत्थर से मारा, जिससे उसके सिर में चोटें आई वह और उसका साथी वनरक्षक शिवकुमार ठाकरे डर के कारण कमरे के अंदर जाकर दरवाजा बंद कर लिये तो चतुरु यादव, सुशील यादव, वीरेन यादव एवं उसकी पत्नी विमला यादव चारों आरोपीगण ग्राम सालीवाडा, ने दरवाजा को धक्का दिए जिससे कुंडी टूट गई और चारों ने कमरे के अंदर घुसकर वे दोनों को मारपीट करने लगे बीरन यादव ने शिवकुमार ठाकरे को हाथ में लिए पत्थर से मारा जिससे उसके माथा में एवं आंख में चोटें आई जिससे खून निकला। 

लकड़ी पकड़ोगे तो तुम्हारा यही हाल होगा

वहीं चतरू यादव और उसकी पत्नी ने मुझे लाठी से मारपीट किये, जिससे सिर में चोटें आई उसी समय रमेश यादव और उसका लड़का बबलू यादव आए और वह एवं उसका साथी वनरक्षक शिवशंकर को हाथ मुक्को से मारपीट करने लगे और सभी ने अपशब्दों का प्रयोग करते हुये कहा कि लकड़ी पकड़ोगे तो तुम्हारा यही हाल होगा कहकर जान से मारने की धमकी दिए और उसके द्वारा चतरू यादव के विरुद्ध कार्यवाही की गई थी, जो उसके हाथ में रखे जब्ती पंचनामा पी0 ओ0 आर0 दस्तावेज मुचलका नामा जो चतुरू यादव के लड़का सुशील ने छुड़ाकर फाड़ दिया एवं कुछ दस्तावेज के टुकड़े अपने साथ ले गया। 

श्रीमति कीर्ति तिवारी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी लखनादौन के ने दर्ज कराई आपत्ति 

माननीय न्यायालय में हुई उक्त प्रकरण की हुई सुनवाई के संबंध में श्री मनोज कुमार सैयाम, मीडिया सेल प्रभारी सिवनी ने जानकारी देते हुये बताया कि इस शिकायत पर पुलिस के द्वारा मामला कायम किया गया था। चालान न्यायालय में पेश किया था।
            जहा से इन्हें जेल भेज दिया था। बाद में  चतरु, सुशील,  बिरन और विमला यादव की हाईकोर्ट से जमानत हो गई थी और घटना के समय से ही शेष अभियुक्त (1) छूट्टन पिता उमराव यादव उम्र 52 वर्ष, ( 2) रमेश पिता उमराव यादव उम्र 48 वर्ष, (3) बबलू पिता रमेश यादव 23 वर्ष फरार थे। इन तीनो अभियुक्त गण के द्वारा भी जमानत हेतु आवेदन लगाया और जमानत की मांग इस आधार पर किया कि अन्य आरोपीगण को जमानत मिल चुकी है।
            जिसका शासन की ओर से श्रीमति कीर्ति तिवारी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी लखनादौन के द्वारा आपत्ति दर्ज कराई गई एवं कहा कि समानता  के आधार पर फरार अभियुक्त गणो को जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता है। विचार करने के पश्चात माननीय श्रीमान अरविंद सिंह टेकाम, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, लखनादौन की न्यायालय द्वारा आरोपीगण छुट्टन यादव, रमेश यादव, बबलू यादव, की जमानत आवेदन को खारिज करने का आदेश जारी किया है।



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