Wednesday, July 21, 2021

सभी युवा छात्र-छात्राएं अपना मूल उद्देश्य निर्धारित करें और पूरे समर्पण के साथ उसके पीछे लग जाए-एस एस कुमरे

सभी युवा छात्र-छात्राएं अपना मूल उद्देश्य निर्धारित करें और पूरे समर्पण के साथ उसके पीछे लग जाए-एस एस कुमरे

इसलिए जो भी करें अच्छा करें, अच्छा सोचकर करें, अच्छा इंसान बनें

पूर्व आईएएस डॉ एस एस कुमरे ने विद्यार्थियों को कैरियर मार्गदर्शन दिया


सिवनी। गोंडवाना समय।

शासकीय महाविद्यालय बरघाट में 20 जुलाई 2021 को सिवनी जिला के गौरव डॉ एस एस कुमरे सेवानिवृत्त आईएएस ने पहुंच कर छात्र-छात्राओं और स्टाफ के बीच कैरियर मार्गदर्शन दिया। इस दौरान उनके साथ में पंचायत निरीक्षक श्री के एस परते जनपद पंचायत बरघाट, युवा समाजसेवी गजेंद्र कुमरे उपस्थित रहे। 

जावरकाठी गांव से पैदल बरघाट आते थे पढ़ने 


सर्वप्रथम महाविद्यालय के लाइब्रेरी हॉल में डॉ. एस एस कुमरे और अतिथियों का स्वागत किया गया। इस दौरान मौजूद छात्र-छात्रायें डॉ एस एस कुमरे के शैक्षणिक अनुभवों को सुनकर मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिये आतुर थे। डॉ एस एस कुमरे ने अपने संघर्ष की कहानी का जिक्र करते हुए बताया कि वे सिवनी जिला बरघाट तहसील के जावरकाठी नामक गांव के रहने वाले हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा बरघाट में ही हुई जहां रोज पैदल चलकर आते थे तथा आगे की पढ़ाई मिशन स्कूल सिवनी से पूर्ण किया। फिर भोपाल जाकर उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई के साथ साथ सेंट्रल डिपार्ट की शासकीय सेवा करने लगे। 

स्कूल से मिली थी कलेक्टर बनने की प्रेरणा


डॉ एस एस कुमरे ने अपने अनुभव को साझा करते हुये बताया कि कलेक्टर की बात उन्होंने तब सुना था जब स्कूल में कलेक्टर मिश्रा जी आए थे। टीचर उन्हें ही टारगेट करके बार-बार कलेक्टर की बात कर रहे थे। यह बात पहले तो समझ में नहीं आई लेकिन धीरे-धीरे बाद में उनके मन में बैठ गई। परिवार में कोई शासकीय सेवा को महत्व नहीं देते थे। वे मैट्रिक उत्तीर्ण होने के बाद भोपाल गए। वहां हमीदिया कॉलेज में प्रवेश लिया था। उन्होंने पीएससी, यूपीएससी परीक्षा का नाम सुना। अनेक सर्विस के आॅफर के बावजूद सेंट्रल की सर्विस करते हुए निरंतर संघर्ष से उनका पहले तहसीलदार और आॅफिस सुपरिंटेंडेंट में सिलेक्शन हुआ लेकिन नहीं गये। 

महत्वपूर्ण योजनाआें का संचालन सफलतापूर्वक किया संचालन 


डॉ एस एस कुमरे ने आगे अपने अनुभवों को साझा कर मार्गदर्शन देते हुये बताया कि यह भी एक संयोग ही था कि वे आखिर कलेक्टर बन गए। कलेक्टर रहते हुए कई महत्वपूर्ण नई योजनाएं चलाई और कुशलता पूर्वक अपने प्रशासकीय दायित्व का निर्वहन किया। पूर्व से मन में क्षेत्र, जिला, युवा और समाज के सभी वर्गों के प्रति सोच रही है और अब वे शासकीय सेवा से निवृत्त होकर देश, समाज सेवा और युवाओं को जागरुक करने का कार्य कर रहे हैं।

क्योंकि साथ में प्रॉपर्टी नहीं जाती बस काम जाते हैं और यादें रह जाती हैं


इसी उद्देश्य वे महाविद्यालय बरघाट आए और सभी युवाओं को मांग दर्शन देते हुए कहा कि जो युवावस्था होती है, यह पोटेंशियल पीरियड होता है। इसमें युवा जो सीखते हैं उसका बाकी के 70—80 वर्ष तक जीवन निर्वहन करते हैं। इसलिए सभी युवा छात्र-छात्राएं अपना मूल उद्देश्य निर्धारित करें और पूरे समर्पण के साथ उसके पीछे लग जाएं क्योंकि साथ में प्रॉपर्टी नहीं जाती बस काम जाते हैं और यादें रह जाती हैं। इसलिए जो भी करें अच्छा करें, अच्छा सोचकर करें। सबसे मुख्य काम है कि आप जीवन में सफल होंगे लेकिन उसके लिए आपको सबसे पहले अच्छा इंसान बनना चाहिए। आप अच्छा इंसान बनेंगे और क्षेत्र और मां-पिता का नाम रोशन करेंगे आपको मेरी अनंत शुभकामनाएं। 

छात्र-छात्राओं के कैरियर संबंधी प्रश्नों का बड़े सटीक तरीके से उत्तर दिया

डॉक्टर एस एस कुमरे द्वारा दिये गये मार्गदर्शन को सभी ने तन्मयता के साथ सुना। उन्होंने छात्र-छात्राओं के कैरियर संबंधी प्रश्नों का बड़े सटीक तरीके से उत्तर दिया। कार्यक्रम में सभी स्टाफ श्री छत्रपाल जाटव, श्री जितेंद्र अहिरवार, श्री टी एस, श्री सोलंकी जी, पूर्व छात्र अभिलाष मालवीय, निखिल धुर्वे, अजय बोपचे, जितेंद्र कुड़ापे, प्रफुल्ल कुड़ापे का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। अंत में प्रो. बी एल  इनवाती ने कैरियर संबंधी एवं व्यक्तित्व विकास तथा रोजगार और स्वरोजगार के लिए  ज्ञानवर्धक और प्रेरणादाई  मार्गदर्शन देने के लिए डॉ कुमरे का हार्दिक आभार व्यक्त किया। 

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