Tuesday, August 3, 2021

बिछुआ ब्लॉक की 8500 महिला स्व सहायता समूह सदस्यों की संकट में है आजीविका

बिछुआ ब्लॉक की 8500 महिला स्व सहायता समूह सदस्यों की संकट में है आजीविका 

महिलाएं आजीविका मिशन के कारण आत्मनिर्भर और सशक्त बन रही हैं


बिछुआ/छिंदवाड़ा। गोंडवाना समय।

छिंदवाड़ा जिला के विकासखंड बिछुआ मे आजीविका मिशन के कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से बिछुआ विकासखंड के 8500 महिला स्व सहायता समूह के सदस्यों की आजीविका में संकट आ गया है। महिला स्व सहायता समूह के सदस्यों के द्वारा कर्मचारियों की मांग का समर्थन करते हुए मंगलवार 3 अगस्त 2021 को प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नाम मुख्य कार्यपालन अधिकारी  बिछुआ, तहसीलदार बिछुआ और विधायक प्रतिनिधि बिछुआ आदि को ज्ञापन दिया गया।

बैंकों से ऋण का काम नहीं हो पा रहा है 


ज्ञापन देते समय बिछुआ विकासखंड के 90 ग्राम संगठन एवं चार संकुल स्तरीय संगठन के प्रतिनिधि शामिल हुए। संगठन सदस्य अनीता कनोजिया के द्वारा गोंडवाना समय को जानकारी देते हुए बताया गया कि मिशन के कर्मचारियों की हड़ताल पर जाने से उन्हें बैंकों से ऋण का काम नहीं हो पा रहा है। इस तरह बहुत कठिनाइयां हो रही है संगठन सदस्य सुमन सोमकुवर के द्वारा बताया गया कि विभाग से अन्य सरकारी योजनाओं की जानकारी भी प्राप्त नहीं हो पा रही है। मिशन से महिलाएं को सभी सरकारी योजनाओं की जानकारी होती थी। 

महिलाओं की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है


संगठन सदस्य ज्योति कोच्चि द्वारा बताया गया कि समूह को आरएपसीआईएफ राशि प्राप्त नहीं हो पा रही है जिससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है। संकुल अध्यक्ष लक्ष्मी घागरे द्वारा बताए गया की समूह को सीसीएल एवं विभाग की योजनाओं के बारे में जानकारी नहीं मिल पा रही हैं जिससे स्व सहायता समूह के सदस्य भटक रहे हैं। संगीता डोंगरे द्वारा बताया गया कि आज महिलाएं इतनी मजबूत हो चुकी है कि कई बार विकासखंड की महिलाओं के द्वारा मुख्यमंत्री से चर्चा की गई और उनके द्वारा सराहा भी गया है। 

आजीविका मिशन के कारण जल्द से जल्द बैंकों में काम होते थे 


महिलाएं आजीविका मिशन के कारण आत्मनिर्भर और सशक्त बन रही हैं। संगठन सदस्य शशि कला द्वारा बताए गया की महिलाओं के आजीविका मिशन के कारण जल्द से जल्द बैंकों में काम होते थे लेकिन अब वह कई दिनों तक पेंडिंग रहते हैं एवं सभी प्रतिनिधि द्वारा मांग रखी गई की आजीविका मिशन के कर्मचारियों की मांग जल्द से जल्द पूर्ण करें, जिससे ग्रामीण महिलाओं की आजीविका मजबूत हो सके।

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