Thursday, September 2, 2021

लेहड़ीकोल वनग्राम में स्थाई शिक्षक नहीं होने से बच्चों का भविष्य असुरक्षित

लेहड़ीकोल वनग्राम में स्थाई शिक्षक नहीं होने से बच्चों का भविष्य असुरक्षित 

स्थानांतरण से घंसौर विकासखंड में शिक्षकविहीन स्कूलों की संख्या में हुई बढ़ोत्तरी

कोरोना महामारी के बाद स्कूल हुए प्रारंभ शिक्षकों की कमी बरकरार




सिवनी/ घंसौर। गोंडवाना समय।

सरकार ने जहां एक ओर कोरोना संक्रमणकाल के बाद अब स्कूल प्रारंभ करने के निर्देश दिये हैं इसके तहत स्कूलों का संचालन प्रारंभ कर दिया गया है। वहीं बीते दिनों हुए स्थानांतरण में जहां अनेकों शिक्षक दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र से सुविधा जनक क्षेत्रों में पहुंच गये हैं तो कुछ शिक्षक सुविधाजनक क्षेत्रों से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भेज दिये गये हैं। इसके  बाद भी विशेषकर जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में कुछ स्कूल ऐसे हैं जहां स्थायी शिक्षकों का आज भी अभाव है।             


इसके कारण स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का भविष्य कहीं अतिथि शिक्षक तो कहीं शिक्षकों की कमी से शैक्षणिक अध्यापन कार्य प्रभावित हो रहा है। ऐसा ही एक मामला घंसौर विकासखंड के अंतर्गत वनग्राम लेहड़ीकोल में शिक्षकों का अभाव है। घंसौर विकासखंड में पूर्व में ही लगभग 30 से अधिक स्कूल शिक्षकविहीन की स्थिति में हैं वहीं बीते दिनों हुए स्थानांतरण में शिक्षकविहीन शाला की संख्या ओर बढ़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।

जीएसयू एवं जीजीपी ने प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों का किया शैक्षणिक निरीक्षण 


गोंडवाना स्टूडेंट यूनियन एवं गोंडवाना गणतंत्र पार्टी घंसौर के पदाधिकारियों द्वारा 2 सितंबर 2021 दिन गुरूवार को वन ग्राम लेहड़ीकोल के प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान गोंडवाना स्टूडेंट यूनियन ब्लॉक शाखा घंसौर के सचिव हेमंत परते, बीजासन सेक्टर प्रभारी मनोज ककोडिया, मनीष मरार्पा, रामप्रीत मरार्पा, कलीराम कुमरे, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ब्लॉक शाखा घंसौर के संगठन मंत्री वीर सिंह उईके (शास माध्यमिक विद्यालय स्कूल अध्यक्ष) उपस्थित रहे। 

बीआरसी को स्थाई शिक्षक की मांग हेतु दो से तीन बार दिया गया आवेदन

विकासखंड घंसौर ग्राम पंचायत बगदरी के अंतर्गत वन ग्राम लेहड़ीकोल में पिछले 2 वर्ष से शिक्षकों का अभाव है। शिक्षकों की कमी के चलते बच्चों को शैक्षणिक गतिविधियों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम लेहड़ीकोल के स्कूल में कोई भी स्थाई शिक्षक नहीं है जिसके कारण बच्चों के अभिभावकों के द्वारा जनपद पंचायत घंसौर बीआरसी को स्थाई शिक्षक की मांग करते हुए दो से तीन बार आवेदन दिया गया था परंतु शासन प्रशासन के द्वारा ग्राम लेहड़ीकोल में अभी तक कोई भी स्थाई शिक्षक को पदस्थ नहीं किया गया है। शासन प्रशासन के द्वारा लगातार ग्राम लेहड़ीकोल के ग्राम वासियों की शिक्षक की मांग को नजर अंदाज किया जा रहा है जिससे बच्चों का भविष्य अंधकारमय बना हुआ है।

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