Saturday, September 18, 2021

भील आदिवासियों का दण्ड के नाम पर आर्थिक रूप से शोषण कर रहा राजस्व विभाग

भील आदिवासियों का दण्ड के नाम पर आर्थिक रूप से शोषण कर रहा राजस्व विभाग 

रतलाम कलेक्ट्रेट में राजस्व विभाग की लूटपाट के विरोध में सौंपा ज्ञापन 


रतलाम। गोंडवाना समय।

जयस, जय आदिवासी युवा संगठन भील एकता मिशन के द्वारा रतलाम कलेक्टर आॅफिस पर पहुंचकर रावटी पटवारी द्वारा अवैध रूप से भील आदीवासियों से रूपए वसूलने, पटेलों को धमकाने आदि शिकायतों पर पीड़ितों के साथ जाकर न्याय दिलाने के लिये कमलेश्वर डोडियार भील संस्थापक अध्यक्ष जयस, जय आदिवासी युवा संगठन भील एकता मिशन के द्वारा कलेक्टर रतलाम के नाम ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें रावटी तहसील के तहसीलदार, पटवारी व राजस्व विभाग के अन्य कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने की मांग की गई है।  

ज्यादा वसूल रहे थे आर्थिक दण्ड रसीद दे रहे थे कम रूपये की 


जयस, जय आदिवासी युवा संगठन भील एकता मिशन के द्वारा रतलाम कलेक्टर के नाम सौंपे गये ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि अतिक्रमणकर्ता के दण्ड की रसीद से अधिक की राशि प्राप्त करने एवं सामान्य वर्ग को आदिवासी बताकर अतिक्रमण कराते हुये अतिक्रमणित भूमि पर खनिज व्यापार हेतु क्रेशर प्लांट स्थापित कराते हुये अनाधिकृत रूप से लाभ दिलाये जाने के गंभीर मामलों पर न्यायोचित कार्यवाही की मांग की गई है। ज्ञापन में आगे उल्लेख किया गया है कि 17 सितंबर 2021 दिन शुक्रवार को शासकीय प्राथमिक विद्यालय आमलीपाड़ा तहसील रावटी जिला रतलाम में अतिक्रमणकारियों को सूचना पत्र जारी करते हुये आर्थिक दण्ड के रूप में राशि एकत्र करने के लिये आदेशित किया गया था जिस पर पीड़ित नरू पिता रूपा निवासी आमलीपाड़ा से 5000 हजार रूपये और दिनांक 15 सितंबर 2021 को 2000 हजार रूपये की रसीद बनाई गई थी। 

पहले लिया 3000 हजार आपत्ति लिया तो वापस कर दिये 2500 रूपये 

वहीं आगे ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि उसके तुरंत बाद माण जी पिता रामा निवासी लाखिया से 3000 हजार रूपये प्राप्त किया गया ओर रसदी 1000 रूपये की बनाई गई। इस पर पीड़ित पक्ष ने आपत्ति भी कम रूपये की रसीद दिये जाने की दर्शाई थी जिस पर 500 रूपये की रसीद काटकर तहसीलदार द्वारा उक्त रसीद काटकर 2500 रूपये भाण जी को लौटा दिया गया था। इस तरह की अनेकों की अनियमिततायें की जा रही है। जिसकी जानकारी राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं है लेकिन सीधे साधे भील आदिवासी समुदाय के लोगों को लूटकर आर्थिक रूप से शोषण किया जा रहा है। जबकि वास्तविक रूप से आर्थिक दण्ड वसूलकर शासन मद में जमा किया जाना चाहिये। 

न्यायोचित कार्यवाही नहीं की गई तो जनहित में करेंगे जनआंदोलन 

जयस, जय आदिवासी युवा संगठन भील एकता मिशन के कमलेश डोडियार ने बताया कि ग्रामीणजन व किसानों को इस तरह से राजस्व विभाग के कुछ अधिकारी कर्मचारी द्वारा लूटपाट किया जा रहा है। जबकि किसान व ग्रामीणजन किसानी, मेहतन मजूदरी करके अपने घर परिवार का पालन पोषण करते हुये अपना पेट भी पालते है। इस तरह से आर्थिक शोषण किया जाकर जहां एक ओर सीधे सीधे भील आदिवासी समुदाय को लूटा रहा है वहीं दूसरी ओर शासन के मद में भी वास्तविक राशि जमा न करते हुये शासन को भी राजस्व की नुकसान पहुंचाया जा रहा है। ऐसे कृत्य करने वाले अधिकारी व कर्मचारी पर कलेक्टर व वरिष्ठ अधिकारियों को संज्ञान लेकर त्वरित रूप से कार्यवाही करना चाहिये। वहीं कमलेश डोडियार ने कहा कि जयस, जय आदिवासी युवा संगठन भील एकता मिशन के द्वारा सौंपे गये ज्ञापन पर न्यायोचित कार्यवाही नहीं की गई तो आगामी समय में हमारे द्वारा जन आंदोलन जनहित में किया जायेगा। 


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