Sunday, September 12, 2021

मुख्यमंत्री जी, केवलारी विधानसभा की गौशाला में गायों की हालत खराब, इनकी दुर्दशा का जिम्मेदार कौन ?

मुख्यमंत्री जी, केवलारी विधानसभा की गौशाला में गायों की हालत खराब, इनकी दुर्दशा का जिम्मेदार कौन ?

27.72 लाख की लागत से बने चिखली के गौशाला निर्माण में हुआ व्यापक भ्रष्टाचार

जगह-जगह कीचड़ और दलदल में तब्दील हुआ गौशाला 




अजय नागेश्वर संवाददाता
उगली। गोंडवाना समय।

केवलारी विधानसभा क्षेत्र में ग्राम पंचायत चिखली पंचायत का नाम सुनते ही भ्रष्टाचार की बू आने लगती है। एक बार फिर चिखली पंचायत सुर्खियों में आया है


हम आपको बता दें कि जनपद पंचायत केवलारी की उपतहसील उगली से लगभग 2 किलोमीटर ग्राम पंचायत चिखली के गौशाला का गोंडवाना समय ने जायजा लिया।


गोंडवाना समय की टीम जब गौशाला पहुंची तो देखकर हैरानी हुई यहां तो गौशाला की मीनिंग ही चेंज कर दिए हैं गौशाला का मतलब होता है गायों को सुरक्षित रखने का स्थान, जहां गायों को तमाम तरह की सुविधाएं मिलती है लेकिन चिखली के गौशाला में तो कीचड़ ही कीचड़ और दलदल की स्थिति बनी हुई है। 

भूसा देने वाला स्थान वाली टूट फूट गया है 


गायों को भोजन के लिये भूसा देने वाला स्थान भी टूट-फूट गया है, यहां पर गायों की दुर्गति हो रही हैं। हम आपको बता दें कि ये गौशाला मुख्यमंत्री गौ सेवा योजना अंतर्गत 27.72 लाख की लागत से बना है। जहां पर अव्यवस्थाएं देखने को मिल रही हैं।

जिसके कारण गायों की हालत खराब है। गौशाला में बारिश के बाद भरे पानी के निकलने की व्यवस्था ना होने की वजह से जगह-जगह कीचड़, दलदल की स्थिति निर्मित हो गई है। विद्युत व्यवस्था नहीं होने की वजह से मच्छरों का आतंक हैं, अंधेरा भी रहता है वहीं गौशाला के अंदर कीचड़ ही कीचड़ हो गया है। इसके साथ ही जिस स्थान पर गाय बैठती हैं, वहां भी कीचड़ व दलदल बन गया गया है।

मुख्यमंत्री जी, आपके अफसरों ने गौशाला को बना दिया भ्रष्टाचार की चारागाह 


एक ओर जहां मध्य प्रदेश सरकार गौ संरक्षण की बात कर रही है। वहीं सरकार के अधिकारी संरक्षित गौ माताओं को मृत्यु के खाई में डालने का प्रयास कर रहे है। अधिकारीयों द्वारा कभी गायों को दिया जाने वाला हरा चारा में कमी करना, जंगल चराने ना ले जाना उनकी मनोदशा को दशार्ता है। गायों के कमजोर शरीर उनकी दुर्दशा की हकीकत को बयान करते नजर आ रहे है। गोंडवाना समय ने चरवाहे से पूछा तो उन्होंने बताया कि पेमेंट नहीं मिलती, इसलिए कभी कभी ही गायों को चराने ले जाता हूं। पेमेंट समय पर मिलने लगेगी तो प्रतिदिन ले जाऊंगा।

चौकीदार कक्ष में लगा रहता है ताला


गौशाला में गायों की देखरेख के लिए चौकीदार कक्ष बनाया गया है लेकिन चौंकाने वाली बात ये है कि चौकीदार कक्ष में कोई नहीं रहता है। ग्रामीणों से पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि लगभग 7 महीना हो गए गौशाला निर्माण को लेकिन रात्रि के समय में चौकीदार कक्ष में कोई नहीं रहता ताला लगा रहता है।

दो-दो बार बोर के लिए पंचायत में आई राशि लेकिन आज दिन तक नहीं हुआ बोर

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत चिखली के गौशाला में बोर के लिए एक नहीं दो दो बार पंचायत के खाते में राशि डाली गई है लेकिन जमीनी हकीकत तो यह है कि आज दिन तक गौशाला में बोर का निर्माण कार्य नहीं हुआ। अब ये बात भी समझ के परे है कि एक भी बार बोर नहीं हुआ है और पंचायत के खाते में दो-दो बार राशि कैसी डल गई। वही गौशाला के बाजू में मनरेगा योजना के अंतर्गत 4.35 लाख की लागत से निर्मल नील कूप का निर्माण हुआ है। संबंधित विभाग के अधिकारी द्वारा बताया जा रहा है कि वह पानी पीने योग्य नहीं है अंदर काई ही काई है गायों को नाले का पानी पिलाया जाता है।

जनप्रतिनिधि व अफसर भूल गये, समूह संचालन हेतु आर्थिक व्यवस्था के लिये परेशान 

स्वसहायता समूह के हवाले तो गौशाला को कर दिया गया है लेकिन गौशाला के संचालन के लिये आर्थिक राशि समय पर नहीं मिल पाने से स्वसहायता समूह भी परेशान है। क्षेत्रिय जनप्रतिनिधि व विभागीय अफसर भूमिपूजन, लोकापर्ण के बाद भूल गये है। वहीं अधूरा व भ्रष्टाचार युक्त हुये गौशाला निर्माण कार्य में भी जांच आदि कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। स्व सहायता समूह आर्थिक सहायता के लिये परेशान है वहीं गौशाला में गाय की स्थिति अत्यािधक दयनीय है। वहीं जिस तरह से गौशाला में गाय की स्थिति केवलारी विधानसभा क्षेत्र के चिखली गौशाला में देखने में गौ पालन और गाय की सुरक्षा पर प्रश्न खड़ा हो रहा है। 

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