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पदोन्नति में आरक्षण परिणामिक वरिष्ठता सहित लागू करवाने हेतु सामान्य प्रशासन विभाग को निर्देश देने का निवेदन

पदोन्नति में आरक्षण परिणामिक वरिष्ठता सहित लागू करवाने हेतु सामान्य प्रशासन विभाग को निर्देश देने का निवेदन 

अजजा शासकीय सेवक विकास संघ ने केबिनेट में क्वांटिफिएबल डाटा पारित होने पर मुख्यमंत्री का आभार माना 

छत्तीसगढ़। गोंडवाना समय।

पदोन्नति में आरक्षण लागू करने हेतु राज्य सरकार द्वारा गठित पिंगुआ कमेटी के माध्यम से क्वांटिफिएबल डाटा छत्तीसगढ़ कैबिनेट में स्वीकार किए जाने के फलस्वरुप पदोन्नति में आरक्षण का रास्ता साफ हो गया है। इस हेतु अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास  संघ छत्तीसगढ़ की ओर से प्रांताध्यक्ष आर एन ध्रुव  के नेतृत्व में दिनांक 10 सितंबर 2021 को संघ के पदाधिकारियों द्वारा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भुपेश बघेल से भेंट कर हृदय से आभार व्यक्त किया गया।

पदोन्नति में आरक्षण अधिनियम, नियम बनवा कर शीघ्र लागु करने का किया निवेदन

इस अवसर पर श्री कवासी लखमा मंत्री आबकारी एवं उद्योग छत्तीसगढ़ शासन, मोहम्मद अकबर मंत्री छत्तीसगढ़, संसदीय सचिव इंद्र शाह मंडावी उपस्थित रहे। इसके साथ ही क्वांटिफाइबल डाटा एवं उस पर आधारित नियम कानून अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के पदोन्नति के लिए कितना सहायक है। इसकी जांच परिक्षण  कर अभिमत देने हेतु अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ छत्तीसगढ़ को क्वांटिफाइबल डाटा एवं उसके आधार पर तैयार किये गये नियम, कानून की प्रति दिलाई जाने तथा कर्नाटक सरकार की तरह छत्तीसगढ़ मे भी परिणामिक वरिष्ठता सहित पदोन्नति में आरक्षण अधिनियम, नियम बनवा कर शीघ्र लागु करने का निवेदन किया है।

संघ द्वारा विभिन्न मांगों पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट करते हुए त्वरित कार्यवाही की मांग 

इसके साथ ही संघ द्वारा विभिन्न मांगों पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट करते हुए त्वरित कार्यवाही की मांग किया गया हैं। जिसमें प्रमुख रूप से भारतीय संविधान के अनुच्छेद 16-4 (क) 85 वां संविधान संशोधन के अनुसार राज्य सरकार शासकीय सेवाओं में अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के प्रतिनिधित्व पर्याप्त ना हो तो परिणामिक वरिष्ठता सहित पदोन्नति में आरक्षण हेतु प्रावधान कर सकती है के अनुसार आज तक हमारे आरक्षण अधिनियम 1994 एवं नियम 1998 में प्रावधान शामिल नहीं किया गया है। इस प्रकार आरक्षण अधिनियम और आरक्षण नियम में संशोधन के द्वारा अथवा नया आरक्षण कानून नियम बनाकर इसे राज्य में लागू किया जा सकता है जो कि आज की परिस्थिति में जब कर्नाटक, उड़ीसा सहित अन्य राज्यों में भी उक्त प्रावधान नहीं होने के कारण पदोन्नति में आरक्षण को समाप्त कर दिया गया था जिस पर माननीय सुप्रीम कोर्ट के एम नागराज और जनरेल एवं बी के पवित्रा केस में दिए गए शर्तों के अनुसार शासकीय सेवा में प्रतिनिधित्व के आंकड़े कर्नाटक सरकार द्वारा एकत्र कर नया आरक्षण अधिनियम 2018 एवं नियम पदोन्नति में परिणामिक वरिष्ठता सहित पदोन्नति में आरक्षण का विस्तार लागू कर दिया गया है। 

जिसे सुप्रीम कोर्ट द्वारा भी बी के पवित्रा 2 के केस में मान्यता प्रदान की गई है। उसी अनुरूप छत्तीसगढ़ में भी परिणामिक वरिष्ठता सहित पदोन्नति में आरक्षण के प्रावधान आरक्षण अधिनियम, नियम में संशोधन कब लागू किए जाने की अधिसूचना जारी कर माननीय उच्च न्यायालय में लंबित प्रकरण जिसमें पदोन्नति के लिए तैयार किए गए रोस्टर में स्थगन दिया गया है, जिसमें शासन की ओर से जवाब प्रस्तुत कर छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के अधिकारी कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण परिणामिक वरिष्ठता सहित लागू करवाने हेतु सामान्य प्रशासन विभाग को निर्देश देने का निवेदन है।  

फर्जी जाति प्रमाण पत्र धारियों को मिल रहा संरक्षण 

छत्तीसगढ़ में हजारों की तादाद में फर्जी गलत जाति प्रमाण पत्र धारियों द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग के आरक्षित पदों पर धोखाधड़ी कर गलत तरीके से जाति प्रमाण पत्र तैयार करवा कर नौकरी/पदोन्नति/राजनैतिक लाभ प्राप्त कर लिए हैं। कईयों के विरुद्ध वर्षों से जांच लंबित रखा गया है और कईयों के विरुद्ध फर्जी/गलत होना प्रमाणित किया गया है फिर भी संबंधित विभाग प्रमुख वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सुप्रीम कोर्ट एवं शासन के निदेर्शों का अवहेलना करते हुए ऐसे फर्जी/गलत जाति प्रमाण पत्र धारी अधिकारी/कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल केवियट, एफआईआर, वसूली, विभागीय जांच एवं निलंबन, बर्खास्तगी का कार्यवाही ना कर लगातार उनसे अनुचित लाभ लेकर अथवा अनुचित लाभ लेने के लिए संरक्षण एवं सहयोग किया जा रहा है। 

वर्षों से फर्जी जाति प्रमाण पत्र धारियों को नौकरी पदोन्नति का लाभ दिलाया जा रहा है

यही कारण है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा एफसीआई विरुद्ध बलराम बरिहा केस में जारी आदेश के बाद भी उन्हें सुप्रीम कोर्ट एवं शासन के निदेर्शों का पालन न कर संरक्षण दिया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा फखरुद्दीन विरुद्ध सीबीआई केस में जारी आदेश अनुसार किसी भी न्यायालय में चाहे दीवानी हो या अपराधिक स्थगन 6 माह से अधिक नहीं रह सकता है। यदि ऐसा कोई स्थगन है तो 6 माह बाद वह स्वत: समाप्त हो जाएगा। फिर भी प्रदेश के विभिन्न विभागों द्वारा नियुक्त प्रकरण के प्रभारी अधिकारियों एवं शासकीय अधिवक्ताओं द्वारा सुप्रीम कोर्ट के उपरोक्त दोनों महत्वपूर्ण आदेशों का जिक्र माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ के मामलों में उपयोग कर स्थगन समाप्त नहीं कराया जा रहा है और वर्षों से फर्जी जाति प्रमाण पत्र धारियों को नौकरी पदोन्नति का लाभ दिलाया जा रहा है। इसलिए फर्जी जाति प्रमाण पत्र धारियों के विरुद्ध तत्काल कार्यवाही नहीं करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए जाने का निवेदन किया गया है। 

मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप तत्काल हटाया जा सके

जिससे फर्जी जाति प्रमाण पत्र धारियों का मुख्यमंत्री जी के घोषणा की अनुरूप तत्काल हटाया जा सके। फर्जी जाति प्रमाण पत्र धारियों के कारण एक ओर राजकीय कोष से करोड़ों रुपए अवैध तरीके से हड़पा जा रहा है। वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग के असली हकदार अधिकारी, कर्मचारी एवं बेरोजगारों के हक को छीना जा रहा है।

पदोन्नति समिति में आरक्षित वर्ग के अधिकारियों को रखा जावे

वहीं बैकलॉग के पदों पर अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के अधिकारी कर्मचारियों को नियुक्ति एवं पदोन्नति दिए जाने। लोक सेवा आयोग में होने वाले पदोन्नति के लिए बनाई गई समिति में अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के ऐसे लोगों को रखा जाता है। जिनका उक्त समिति में रहना नहीं रहना एक बराबर होता है, इसलिए भविष्य में होने वाले पदोन्नति समिति की बैठकों के लिए सामान्य वर्ग के समकक्ष आरक्षित वर्ग के अधिकारियों को रखा जावे। यदि उस विभाग में आरक्षित वर्ग का अधिकारी नहीं है तो अन्य विभाग के सामान्य वर्ग के समकक्ष अनुसूचित जनजाति वर्ग के अधिकारी को समिति का सदस्य रखे जाने सहित कई महत्वपूर्ण बिन्दुओ पर चर्चा हुई। 

प्रांताध्यक्ष, प्रांतीय पदाधिकारी सहित जिला अध्यक्ष रहे मौजूद 

इस अवसर पर आर एन ध्रुव प्रांताध्यक्ष, मोहनलाल कोमरे महासचिव, एन आर चंद्रवंशी प्रांतीय कोषाध्यक्ष, एस एस कोमरे प्रांतीय उपाध्यक्ष छत्तीसगढ़, कमलेश ध्रुव प्रांतीय उपाध्यक्ष छत्तीसगढ़, शिव कुमार कंवर प्रांतीय उपाध्यक्ष छत्तीसगढ़, मन्ना नेताम कोंडागांव, एम आर ध्रुव रायपुर, जे एल ध्रुव जिला अध्यक्ष धमतरी, आसकरण ध्रुव जिलाध्यक्ष कवर्धा, आर सी ध्रुव जिलाध्यक्ष बिलासपुर, एम पी सिंह अध्यक्ष कोरबा, देवलाल दुग्गा जी जिला अध्यक्ष कांकेर, मनमोहन सिंह गोंड़ जिला अध्यक्ष जांजगीर चांपा, मासा कुंजाम दंतेवाड़ा, श्रीराम ध्रुव जिला अध्यक्ष बलौदा बाजार, नेपाल सिंह सिदार जिला अध्यक्ष रायपुर, भागसिंह ठाकुर जिलाध्यक्ष गरियाबंद, लेखराम मात्रा जिला अध्यक्ष राजनांदगांव, हरेंद्र नेताम जिला अध्यक्ष दुर्ग, संदीप कुमार पैकरा अंबिकापुर, एच एल मानकर जिला अध्यक्ष बालोद, एस.पी. ध्रुव जिलाध्यक्ष महासमुंद, कृष्ण कुमार ठाकुर, एच आर ध्रुव, पी.के. नेताम कोंडागांव, जयसिंह राज प्रांतीय सचिव, जयपाल ठाकुर प्रांतीय सचिव, सहदेव ठाकुर प्रांतीय संयुक्त सचिव, लवन सिंह कंवर प्रांतीय संयुक्त सचिव, जनक ध्रुव, डॉ. सत्यभुवन नेताम, जे.आर.भगत, सुभाष भगत, श्रीमति आशा ध्रुव, मंगलू कश्यप, गजलु पोडियाम, डी डी तिग्गा, सुरेंद्र कुमार भोई, जय श्री कुमार रोहित, डॉ जगनू नेताम, कमलेश मंडावी, मनहर चंद्रवंशी, भरत लाल मार्को, सोमेश्वर पात्र विशेष रूप से उपस्थित रहे।

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