Thursday, December 16, 2021

पीएचई के अधिकारी केंद्रीय मंत्री व विधायक के निर्देशों की कर रहे अवहेलना

पीएचई के अधिकारी केंद्रीय मंत्री व विधायक के निर्देशों की कर रहे अवहेलना 

पाण्डिया छपारा स्कूल में पेयजल की परेशान होते है विद्यार्थी 


केवलारी/पाण्डियाछपारा। गोंडवाना समय।

सिवनी जिले की उपतहसील ऊगली के अंर्तगत आने वाला शासकीय विद्यालय पांडिया छपारा आए दिन सुर्खियां बटोर रहा है, जहां कई महीनो से स्कूली बच्चों को पेयजल की गंभीर समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। इस स्कूल में आसपास के लगभग 10 से 12 किलोमीटर दूर से छात्र छात्राएं पढ़ने आते है, जिनकी संख्या लगभग 800 बताई गई है। विद्यालय में वनांचल ग्रामीण क्षेत्र से छात्र छात्राएं अध्यन करने आते है, विद्यालय परिसर में पेयजल सुविधा उपलब्ध न होने से बच्चो को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। 

केंद्रीय मंत्री व केवलारी विधायक ने पेयजल की समस्या का समाधान करने के दिये थे निर्देश 

कई बार क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को पेयजल की जटिल समस्या से अवगत कराया गया और उनके द्वारा सिर्फआश्वासन ही मिलते रहे है। दिनांक 23/09/2021 को भाजपा मंडल अध्यक्ष ऊगली के माध्यम से क्षेत्रीय विधायक राकेश पाल  सिंह के नाम लिखित सूचना दी गई,जिसके बाद बी. एस. हरिनखेडे एसडीओ केवलारी द्वारा स्कूल का निरीक्षण किया गया और आश्वनास दिया गया की जल्द ही पेयजल की समस्या का निराकरण कर दिया जायेगा। वहीं जब कुछ कार्यवाही नही हुई तो कुछ दिनों बाद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते (केंद्रीय इस्पात एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री भारत सरकार) को भी लिखित सूचना दी गई और पेयजल की गंभीर समस्या से अवगत कराया गया था। जिस पर विशेष ध्यान देते हुए केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने 12/11/2021 को कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सिवनी को नलकूप खनन के निर्देश दिए परंतु आज दिनांक तक पीएचई विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कोई ध्यान नही दिया। क्षेत्रीय विधायक एवं केंद्रीय मंत्री के निदेर्शों को भी सिरे से खारिज करते नजर आ रहे है। 

आखिर मासूम बच्चों की फरियाद कोन सुनेगा ?

अब सवाल यह उठता है कि केंद्र और राज्य में जिनकी सरकार है जब उनका कहना ये वरिष्ठ अधिकारी नहीं मान रहे हैं तो आम जनता की तो बात ही अलग है। प्रश्न यह उठता है कि वे 800 छात्र छात्राओ की पेयजल की जटिल समस्या से मुक्ति कौन दिलाएगा ? आखिर मासूम बच्चों की फरियाद कोन सुनेगा ? यह भी एक विचारणीय प्रश्न है। अभिभावकों का कहना है हम हमारे बच्चों को अध्यनन कार्य के लिए स्कूल भिजवाते है परंतु स्कूल परिसर में पेयजल सुविधा नही होने से चिंता बनी रहती है क्योंकि बच्चे पानी लाने के लिए स्कूल के आसपास बसे लोगो के घरों में जाते है। जिससे कोई घटना या दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। 

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