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घंसौर में कन्या विवाह योजना को फेल करने भूमिका निभा रहे जनपद के अधिकारी कर्मचारी

घंसौर में कन्या विवाह योजना को फेल करने भूमिका निभा रहे जनपद के अधिकारी कर्मचारी

घंसौर में कन्या विवाह योजना के आयोजन में अधिकारियों पर मनमानी के लगे आरोप

जनपद सदस्यों ने लगाये अधिकारियों पर लगाया मोनापल्ली का आरोप


प्रभु सल्लाम, संवाददाता
घंसौर। गोंडवाना समय। 

जनपद पंचायत घंसौर के तत्वाधान में मुख्यालय घंसौर में मुख्यमंत्री कन्या दान योजना के तहत विवाह सम्पन्न कराये जायेंगे किंतु इससे पहले विवाह योजना के इस आयोजन को लेकर जनपद पंचायत घंसौर के सदस्यों ने ही सवाल खड़े कर दिए हैं। 5 जून को जनपद सदस्य चंद्रशेखर चतुवेर्दी और सुखदेव पंद्रे द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई।
                    


जहां उन्होंने जनपद पंचायत के अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर मोनापल्ली के आरोप लगाए बताया गया कि 4 मई को जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक विकासखंड में पत्र लिखकर 200 जोड़ों का लक्ष्य दिया गया था। वहीं 3 जून को एक कार्ड वाट्सअप कर कन्या दान विवाह योजना के आयोजन की जानकारी दी गई, जिसमें 06 जून को मुख्यमंत्री कन्या दान योजना के तहत विवाह सम्पन्न कराये जाने के बारे में बताया गया जबकि एक दिन पहले 3 जून को विवाह योजना के आयोजन के संबंध में बैठक रखी गई। जहां 4 जून रविवार को बैठक में उपस्थित होने में कई जनपद सदस्यों ने असमर्थता जाहिर की थी। 

सरकार की महात्वाकांक्षी योजना का लाभ से हितग्राहियों को वंचित किया जा रहा है


योजना के प्रचार-प्रसार नहीं करने का आरोप लगाया गया है। विवाह का आयोजन जिला प्रशासन द्वारा दिए गए निर्धारित लक्ष्य से बहुत कम है। घंसौर जनपद में विवाह आयोजन के संबंध में किसी तरह का प्रचार प्रसार नहीं किया गया और न ही जनप्रतिनिधियों को इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई। जनप्रतिनिधियों से कोई सलाह मशविरा नहीं किया गया, जनपद पंचायत की कोई बैठक आयोजित नहीं हो पायी।
            अधिकारियों कर्मचारियों की उदासीनता और लापरवाही के कारण या किसी साजिश के तहत सरकार की महात्वाकांक्षी योजना का लाभ से हितग्राहियों को वंचित किया जा रहा है। पंचायत एक्ट के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है शासन-प्रशासन की लापरवाही दिखाई दे रही है।
                शासन स्तर से किसी तरह के पत्राचार की जानकारी नहीं दी जा रही है। निविदा या टेंडर की प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है इससे पहले बेहद घटिया स्तर की सामग्री प्रदाय किये जाने के आरोप लगाए जा चुके हैं स्थानीय जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ नागरिकों, पत्रकारों की अनदेखी की जा रही है।

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