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बलात्कार के बाद बच्ची बेहोशी की हालत में लहूलुहान पड़ी थी

बलात्कार के बाद बच्ची बेहोशी की हालत में लहूलुहान पड़ी थी

आश्रम अधीक्षिका सहित सम्बधित अधिकारियो पर भी हो मामला दर्ज 


सुकमा/छत्तीसगढ़। गोंडवाना समय। 

पोटाकेबिन कन्या आश्रम एरार्बोर में नाबालिग व अत्यंत छोटे बच्चों के साथ घृणित यौन बलात्कार की घटना में शामिल अपराधियों व इस बलात्कार के तथ्यों को छिपाने वाले संरक्षण देने वाले कर्मचारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता व पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर गिरफ्तार करने के संबंध में कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा।
            सुकमा जिले के पोटाकेबिन  एरार्बोर मे विगत 22 जुलाई 2023 को एक दुष्कर्म  की घटना हुई थी। इस  विषय में उल्लेखित तथ्य हमारे संगठन अखिल भारतीय महिला फेडरेशन, अखिल भारतीय नौजवान सभा, आॅल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन के सदस्यों  मंजू कवासी, आराधना मरकाम, लिना ओयामी, महेश कुंजाम, राजेश नाग व शैलेंद्र कश्यप के द्वारा पोटाकेबिन में जाकर पूछताछ करने व आस पास के हालत का जायजा लेने के बाद निम्न तथ्य सामने आए। 

क्योंकि अधीक्षिका व अन्य शिक्षक पोटाकेबिन में घटित घटना को छुपाना चाहते थे


पोटाकेबिन के चारों और पुलिस का कड़ा पहरा था अंदर केवल 2 महिलाओं को जाकर पूछताछ करने की अनुमति पुलिस द्वारा प्रदान किया गया। इसमें मंजू कवासी व  कोसी ठाकुर थी। पोटाकेबिन के अंदर जाकर बच्चियों से पूछताछ किये  उस वक्त अनुदेशिका सोयम सुशीला भी मौजूद थी।
            शुरू में बच्चियां डरी सहमी लग रही थी और सोयम सुशीला तो ऊंची आवाज से बोलने लगी कि हमारे पोटाकेबिन में ऐसी कोई घटना नहीं घटी है मैं स्वयं यहाँ 24 घंटे यही रहती हूं। बच्चे भी शुरू में ऐसा ही कह रही थी। क्योंकि अधीक्षिका व अन्य शिक्षक पोटाकेबिन में घटित घटना को छुपाना चाहते थे। 

खिड़की तोड़कर एक अनजान व्यक्ति रात में कमरे में घुसा था 

फिर मंजू कवासी ने जिस कमरे में घटना हुई उस कमरे से बच्चों को बुलाकर पूछा तो एक बच्ची ने बताया कि वहां 22 जुलाई 2023 को खिड़की तोड़कर एक अनजान व्यक्ति रात में कमरे में घुसा और एक बच्ची (पीड़िता) को उठाकर खिड़की से निकाल कर बाहर ले गया थोड़ी दूर करीब 20 कदम ले जाकर बलात्कार किया।
             बच्चों के अनुसार यहां भयानक दृश्य देखने के बाद अधीक्षिका को उनके कमरे में उठाने गए बहुत आवाज देने के बाद भी नहीं उठी, बच्चे वापस कमरे में गए और काफी देर बाद डरते  सहमते उस बच्ची को लेने गए तो वह बेहोशी की हालत में लहूलुहान पड़ी थी। 

घटना के समय पीड़िता जो कपड़े पहनी उन्हे उतारकर अधीक्षिका ले गई है 

घटना के दूसरे दिन फोन के माध्यम से उनकी मां को खबर दिया गया है तो अधीक्षिकाने यहां कहा कि बच्चे का तबीयत खराब है, घर ले जाओ उसकी मां उनके घर ले गई है, और उसको नहलाने के लिए कपड़े उतारी तो देखा कि बच्चे के गुप्तांग व अन्य स्थान में खून व चोट के निशान हैं। तब उनको लेकर एरार्बोर अस्पताल लाये और उनके गुप्तांग में रुई भी डाला गया था। यहां तथ्य भी सामने आया।
            अस्पताल के कर्मियों ने रिपोर्ट लिखवाने की सलाह दिये। एरार्बोर थाने जाने के बाद वहां से सुकमा लाया गया। यह भी पता चला कि घटना के समय पीड़िता जो कपड़े पहनी उन्हे उतारकर अधीक्षिका ले गई है। इससे स्पष्ट होता है कि इस जघन्य घटना को अधीक्षिका एवं उनके स्टाफ तथा संबंधित अधिकारी घटना को छुपाना चाहते थे।

इससे पहले भी यहां ऐसी घटना घटित होने की बात कही जा रही है

घटना 22 जुलाई रात्रि की है। अधीक्षिका  स्वयं बचने की गरज से 24 जुलाई 2023 को एरार्बोर  थाने में रिपोर्ट दर्ज करायी है। इस घटना के बाद जितने पालको को मालूम हुआ वे अपने अपने बच्चे को पोटाकेबिन से निकाल कर घर ले जा रहे हैं, क्योंकि इससे पहले भी यहां ऐसी घटना घटित होने की बात कही जा रही है।
             दो सप्ताह पहले एक बच्ची पोटाकेबिन एरार्बोर मे पढ़ती है, उसको भी उठा कर ले जा रहे थे तब कोई चिल्लाने से छोड़कर भाग गया। इस बात को अधीक्षिका को कहने कहने से उसका जवाब था कि सपना देख रही थी होगी। यह भी जानकारी मिल रही है कि पोटाकेबिन से संबंधित सभी रिकार्ड उठाकर जिला में लाया गया है। इस समस्त तथ्यों के आधार पर मांग की गई एरार्बोर पोटाकेबिन में हुई बलात्कार की घटना का बारीकी से व निष्पक्ष जांच कर दोषी अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही किया जाये। 

5 दिवस में कार्यवाही नहीं हुई तो सुकमा जिला सहित बस्तर संभाग में आंदोलन करने बाध्य होगी 

अधीक्षिका, सहायक अधीक्षिका व तथ्यो को दबाने की कोशिश करने वाले उक्त शिक्षक तथा खण्ड समन्वयक कोन्टा, खण्ड शिक्षा अधिकारी कोन्टा तथा संबंधित जिला के अधिकारी के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता व पाक्सो  एक्ट के तहत जुर्म दर्ज कर गिरफ्तार किया जाये।
                 अत: दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही में विलंब बिल्कुल न किया जाए यही गुजारिश है उक्त घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ 5 दिवस के भीतर कार्यवाही नहीं किया गया तो आगामी दिनों में हमारी संगठन व पार्टी सुकमा जिला सहित बस्तर संभाग में आंदोलन करने बाध्य होगी इसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी इस अवसर पर मंजू कवासी, आराधना मरकाम, महेश कुंजाम ,राजेश नाग, चिंगा करतम जिला मुख्यालय पहुचकर   कलेक्टोरेट पहुंचकर शिकायत कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक को प्रस्तुत किया गया।



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