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पेसा नियम से मध्यप्रदेश में जनजातिय वर्ग ओर अधिक अधिकार संपन्न व सशक्त होंगे-विक्रांत कुमरे

पेसा नियम से मध्यप्रदेश में जनजातिय वर्ग ओर अधिक अधिकार संपन्न व सशक्त होंगे-विक्रांत कुमरे

पेसा नियम मध्यप्रदेश में जनजातीय वर्ग को जल, जंगल और जमीन के जायक हकों को दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा

पेसा एक्ट के माध्यम से जनजाति वर्ग को अपनी योजनाएं स्वयं ही बनाने के लिए पूरी आजादी होगी-दरियाव सिंह सूर्यवंशी 

पेसा एक्ट के बेहतर क्रियान्वयन हेतु जिला स्तरीय प्रशिक्षण संपन्न


सिवनी। गोंडवाना समय। 

जिले में पेसा एक्ट (मप्र. पंचायत उपबंध) अनुसूचित क्षेत्रों विस्तार अधिनियम 2022 के प्रचार प्रसार एवं उसके बेहतर क्रियान्वयन में सभी की भूमिका सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला पंचायत सभाकक्ष में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।


इस कार्यशाला में अधिनियिम के संबंध में सूक्ष्म जानकारी प्रदान करने हेतु भोपाल से आये माननीय महामहिम राज्यपाल वरिष्ठ सलाहकार श्री विक्रांत कुमरे, मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद राज्य कार्यालय भोपाल के टास्क मैनेजर श्री दरियाव सिंह सूर्यवंशी, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अश्विन कुमार सिंह, जिला समन्वयक मप्र. जन अभियान परिषद श्री सौरभ शुक्ला, पेसा जिला समन्वयक श्री चंदन सिंह परते के आतिथ्य में कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। 

पेसा नियम से मध्य प्रदेश में सामाजिक बदलाव की क्रांति की शुरूआत हुई


इस अवसर पर भोपाल से आये मुख्य अतिथि श्री विक्रांत कुमरे ने प्रतिभागियों के बीच अपनी बात रखते हुए पेसा अधिनियम की पृष्ठभूमि एवं इतिहास तथा पांचवी अनुसूचि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुण्डा जी की जयंती के अवसर पर 15 नवंबर 2022 को महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मूर्म जी द्वारा आदिवासी गौरव दिवस पर शहडोल में संपूर्ण मध्यप्रदेश के आदिवासी विकासखंडों में पेसा नियम लागू कर दिया गया, इससे प्रदेश में सामाजिक बदलाव की क्रांति की शुरूआत हुई। पेसा नियम मध्यप्रदेश में जनजातीय वर्ग के लोगों को उनके जल, जंगल और जमीन पर उनके जायक हकों को दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। इस नियम से यह वर्ग और अधिक अधिकार संपन्न और और सशक्त होगा। 

गांव का पैसा गांव के ही विकास में ही खर्च होगा


वहीं मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के टास्क मैनेजर श्री दरियाव सिंह सूर्यवंशी ने अपनी बात रखते हुए प्रतिभागियों से कहा कि इस एक्ट के माध्यम से इस वर्ग को अपनी योजनाएं स्वयं ही बनाने के लिए पूरी आजादी होगी। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के टास्क मैनेजर श्री दरियाव सिंह सूर्यवंशी ने आगे बताया कि गांव का पैसा गांव के ही विकास में ही खर्च होगा। प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन, विकास की स्थानीय योजनाओं पर नियंत्रण, सामाजिक, शैक्षणिक और अन्य संस्थाओं के बेहतर प्रबंधन की दिशा में यह नियम मील का पत्थर साबित होगा। इसके लिए हम सबको मिलकर प्रत्येक व्यक्ति को इस नियम की जानकारी प्रदान करना होगा, जिससे कि ग्रामसभा मजबूत हो सके। 

नजरी नक्शा बनाकर ग्राम सभा का गठन करने की प्रक्रिया प्रतिभागियों को समझाई गई 


इसके पूर्व जिला समन्वयक श्री सौरभ शुक्ला द्वारा पेसा एक्ट की कार्यशाला के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि आने वाले कुछ ही दिनों में विकासखंडवार इस तरह के प्रशिक्षण सेक्टर स्तर तक आयोजित किये जायेंगे जिससे ग्राउंण्ड लेवल तक इस नियम का प्रचार प्रसार हो सके और इस वर्ग के लोग नियम को बेहतर तरीके से जान समझ सके ताकि क्रियान्वयन में कोई कठिनाई न आये। पेसा के जिला समन्वयक श्री चंदन सिंह परते द्वारा पेसा कानून अंतर्गत ग्राम सभा का गठन, ग्रामसभा की बैठक का संचालन और अभिलेख संधारण की प्रक्रिया आदि के बारे में जानकारी प्रदान की गई। द्वितीय सत्र में विकासखंड कुरई विकासखंड के चिखली पंचायत के चिखलीटोला ग्राम का भ्रमण प्रतिभागियों को कराया गया जहां प्रत्यक्ष रूप से नजरी नक्शा बनाकर ग्राम सभा का गठन करने की प्रक्रिया प्रतिभागियों को समझाई गई।  

कार्यशाला में सहभागिता हेतु प्रमाण पत्र भी वितरीत किये गये 


इस प्रशिक्षण कार्यशाला में जन अभियान परिषद के विकासखंड समन्वयक, पेसा विकासखंड समन्वयक, जनपद पंचायतों के पीसीओ, नवांकुर स्वैच्छिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों के पदाधिकारी, मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के परामर्शदाता उपस्थित रहे। अंत में प्रतिभागियों को कार्यशाला में सहभागिता हेतु प्रमाण पत्र भी वितरीत किये गये। 

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