Type Here to Get Search Results !

अधिकारी जांच कार्यवाही में फेरबदल कर दोषियों को बचाने की कर रहे तैयारी

अधिकारी जांच कार्यवाही में फेरबदल कर दोषियों को बचाने की कर रहे तैयारी 

पायली खुर्द पंचायत में 16 लाख रुपए का हुआ फर्जी भुगतान

दोषियों को बचाने एवं जांच में फेरबदल करने जुटी जांच टीम

अधिकारियों और ऐंजेसी ठेकेदारों की मिलीभगत से जांच ठंडे बस्ते में डाली जा रही है

बिना रायल्टी के किया गया मटेरियल सप्लाई, शासन को लाखों का चूना


छपारा। गोंडवाना समय।

सिवनी जिले के जनपद पंचायत छपारा के अंतर्गत पायली खुर्द ग्राम पंचायत में निर्माण कार्यों से पूर्व करीब 16 से 20 लाख रुपए की अग्रिम भुगतान किए जाने की शिकायत ग्राम वासियों द्वारा की गई थी। उक्त शिकायत के पश्चात सीएम हेल्पलाइन में शिकायत और समाचार पत्रों की सुर्खियां में  पूरा मामला बना रहा जिसके बाद जनपद पंचायत सीईओ श्रीमती सुमन खातनकर ने पायली खुर्द पंचायत में की गई गड़बड़ी की जांच के लिए 4 सदस्यों की टीम गठित की।
                उक्त जांच टीम में सहायक यंत्री राहुल रोकड़े पंचायत समन्वयक टीपी झारिया सहायक लेखा अधिकारी मिलिंद लोखंडे सेक्टर उपयंत्री सोनल जैन को शामिल किया गया। जब जांच टीम पायली खुर्द पंचायत में जांच हेतु निर्माण स्थलों का मूल्यांकन किया तो पाया कि पंचायत एजेंसी द्वारा बिना निर्माण कराए ही संबंधित फर्म को करीब 16 से 20 लाख रुपए अग्रिम भुगतान कर दिए हैं और पंचायत सीमा के भीतर किसी भी तरह की निर्माण सामग्री उपलब्ध नहीं है।
                    ना ही कोई निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया यदि कुछ निर्माण कार्य आनन-फानन मे प्रारंभ किए गए हैं तो वह भी गुणवत्ता विहीन है। इस तरह  बिना उपयंत्री के मूल्यांकन के ही लाखों रुपए संबंधित ठेकेदार की फर्म को भुगतान कर दिया गया है और भारी मात्रा में भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया है जिसमें सरपंच, सचिव द्वारा ठेकेदार से मोटी कमीशन लेकर पंचायत के निर्माण कार्यों के नाम पर गड़बड़ी  की गई है। पूरा मामला प्रथम दृष्टया जांच में पाया गया लेकिन अधिकारियों और ऐंजेसी ठेकेदारों की मिलीभगत से जांच ठंडे बस्ते में डाली जा रही है।

पंचायत दर्पण पोर्टल में फर्जी फोटो अपलोड कर, किया गया लाखों रुपए का भुगतान 

शिकायतकतार्ओं द्वारा की गई शिकायत एवं समाचार पत्रों के प्रकाशन व सीएम हेल्पलाइन में की गई शिकायत की जांच में पाया गया कि खूबचंद के घर समीप नाला में पुलिया निर्माण अधूरा व गुणवत्ता विहीन है जिसका मूल्यांकन के बिना ही करीब 5 लाख रुपए का भुगतान हो चुका हैं। इसी तरह सीसी सड़क निर्माण के बिना ही पांच लाख का भुगतान किया जा चुका है।
            बाउंड्रीवाल निर्माण के बिना ही राशि 10 लाख का भुगतान किया गया। पुलिया निर्माण में भी गुणवत्ता की अनदेखी की गई। सभी निर्माण कार्यों को पंचायत दर्पण पोर्टल में अपलोड नहीं किया गया और अन्य फर्जी फोटो अपलोड कर राशि का भुगतान किया गया है। इस तरह भुगतान अलग-अलग दिनांको में संबंधित ठेकेदारों फर्मों को किया गया है। यह सब जांच में सामने आया है अब देखना यह है कि जांच कार्यवाही स्तर तक पहुंचती है या नहीं।

पंचायत एजेंसी पर बनाया जा सकता है गबन का मामला 

भ्रष्टाचार की जांच के संबंध में अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पायली खुर्द पंचायत में बहुत गड़बड़ी है। अभिलेखों का संधारण नहीं किया गया है, अभिलेखों में भी त्रुटि पाई गई हैं। इस तरह पंचायत एजेंसी पर गबन का मामला बनाया जा सकता है।

जांच टीम इस बिन्दु को जांच से दूर रखने का कर रही है प्रयास

पायली खुर्द पंचायत में 1 वर्ष पूर्व  से जितने भी निर्माण कार्य कराए गए हैं उनमें लगने वाली निर्माण सामग्री कब और कितनी मात्रा में लगी है, निर्माण सामग्री के परिवहन स्वीकृति रॉयल्टी रसीदें, पंचायत एजेंसी के पास नहीं है। इससे साबित होता है कि परिवहन टैक्स बचाने के लिए बिना रायल्टी शुल्क के निर्माण सामग्री सप्लाई की गई है। इस तरह शासन को लाखों रुपए का चूना लगाया गया है, यह भी जांच का विषय है। जांच टीम इस बिन्दु को जांच से दूर रखने का प्रयास कर रही है।

जांच टीम दोषियों को बचाने का कर रही प्रयास

पायली खुर्द पंचायत में राशि भुगतान की गड़बड़ी के मामले में शिकायत उपरांत 4 सदस्यों की टीम ने जांच किया, जांच में शिकायत कतार्ओं की जांच सही पाई गई लेकिन जांच टीम के कुछ तकनीकी अधिकारी जांच कार्यवाही में फेरबदल कर दोषियों को बचाने की तैयारी कर रहे हैं।
                यदि पंचायत में हुई गड़बड़ी की सही जांच सामने आती है तो सरपंच, सचिव सहित संबंधित फर्म से लाखों रुपए की वसूली की कार्यवाही हो सकती है लेकिन तकनीकी जांच अधिकारी भी भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के लिए दोषियों के पक्ष में बात करते देखे जा रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि दोषियों ने भी जांच अधिकारियों की जेब गरम कर दिया हो। ऐसे में शासन की लाखों रुपए की राशि का बंदरबांट किस तरह किया जाता है, जांच टीम की जांच में लेट-लतीफी कार्यवाही द्वारा स्पष्ट हो रहा है।

4 अधिकारियों की जांच टीम की गई है गठित -सुमन खातनकर

श्रीमति सुमन खातनकर सीईओ जनपद पंचायत छपारा ने बताया कि पायली खुर्द पंचायत में भुगतान संबंधित गड़बड़ी की जांच के लिए चार अधिकारियों  की टीम गठित की गई है। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होते ही निम्नानुसार कार्यवाही के लिए प्रस्तावित कर जिला पंचायत भेजेंगे।

जांच पश्चात दोषियों पर नियमानुसार की जायेगी कार्यवाही-राहूल रोकड़े 

राहूल रोकड़े सहायक यंत्री जनपद पंचायत छपारा ने बताया कि पायली खुर्द पंचायत में बिना मूल्यांकन के राशि का भुगतान किया गया है, जो नियम विरुद्ध है। जांच पश्चात दोषियों पर नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।

गोंडवाना समय ने उठाया था मुद्दा 


छपारा जनपद के ग्राम पंचायत पायली खुर्द में हो रहे भ्रष्टाचार की खबर को लेकर दैनिक गोंडवाना समय समाचार पत्र ने 26 जुलाई 2023 के अंक में प्रमुखता इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था जिसके बाद अधिकारियों की जांच टीम गठित कर जांच की गई लेकिन उन्ही अधिकारियों के द्वारा जांच में फेरबदल कर दोषियों को बचाने की तैयारी भी की जा रही है।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.