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संजय तिवारी की नियम विरूद्ध खजांची बन खजाना लूटने की भूख बरकरार

संजय तिवारी की नियम विरूद्ध खजांची बन खजाना लूटने की भूख बरकरार 

अप्रशिक्षित लेखा प्रशिक्षण कर्मचारी संजय तिवारी वर्षों से संभाल रहे कैशियर शाखा 

भाजपा सरकार में न्यायालय को ठेंगा दिखाने वाले एमपी के मॉडल बन सकते है संजय तिवारी 


सिवनी। गोंडवाना समय। 

सरकार, शासन, प्रशासन का नियम यदि यह है कि लेखा प्रशिक्षण प्राप्त कर्मचारी को ही खजांची कैशीयर का कार्य करना चाहिये। इसके बाद भी नियम विरूद्ध तरीके से वर्षों से करोड़ों अरबो के बजट वाले स्वास्थ्य विभाग के सीएमएचओ कार्यालय सिवनी में अप्रशिक्षित लेखा प्रशिक्षण कर्मचारी संजय तिवारी के द्वारा खंजाची का कार्य धड़ल्ले से किया जा रहा है।
            


इतना ही नहीं सरकार, शासन, प्रशासन के नियमों को पैरों तले रौंदते हुये नियम विरूद्ध तरीके से खंजाची कैशीयर का पद संभाल रहे है। स्वास्थ्य विभाग के खजाने में सबसे ज्यादा बजट भी आता है इस बजट को अपनी स्वार्थसिद्धी के लिये लूटपाट करने के लिये संजय तिवारी की खंजाची बनने की भूख समाप्त होने का नाम नहीं ले रही है, उनकी भूख सेवानिवृत्ति तक बरकरार रहेगी। यह भी हो सकता है कि संजय तिवारी नियम विरूद्ध कैशीयर बनने का रिकार्ड अपने नाम बनाकर मध्यप्रदेश के लिये मॉडल भी बन सकते है। 

लेखा अप्रशिक्षित कर्मचारी संजय तिवारी वर्ष 2011 से संभाल रहे कैशीयर का कार्य 

सहायक ग्रेड 3 और अप्रशिक्षित कर्मचारी संजय तिवारी वर्षों से शासन की आंखों में धूल झोंककर खजांची का कार्य खजाना खाली करने के लिये कर रहे है। वहीं वर्ष 2018 में पदोन्नति होने के बाद सहायक ग्रेड 2 हो गये लेकिन खजांची बने रहने की भूख यथावत रही।
                       लेखा अप्रशिक्षित कर्मचारी संजय तिवारी लगभग जुलाई 2011 से कैशियर का कार्य संभाल रहे है।  वहीं 26  जुलाई 2011 को संजय तिवारी को कार्यों एवं शाखाओं का उत्तदायित्व सौंपा गया था उस दौरान आदेश में संजय तिवारी को कैशीयर शाखा, जीपीएफ, फर्जी चिकित्सक, नर्सिंग होम पैथालॉजी, आयोडीन अल्पता निवारण कार्यक्रम, दीनदयाल अंत्योदय उपचार योजना का प्रभार दिया गया था। जिसमें संजय तिवारी खजांची कैशीयर की शाखा आज भी संभाल रहे है। 

तीन वर्ष के अंतराल में भी वर्षों से नहीं बदला संजय तिवारी का प्रभार

वहीं दिनांक 22 दिसंबर 2023 को माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन एवं अभ्यावेदन में उल्लेखित बिंदुओं पर विचार कर लेखा प्रशिक्षित एवं अभ्यावेदन उल्लेखित अनुभव के आधार पर कार्यालय मुख्य चिक्तिसा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय सिवनी में कैशियर शाखा का संपूर्ण प्रभार संजय तिवारी से लेकर अन्य कर्मचारी को सौंपा जाने का आदेश किया गया था।
                मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्स्थ्य अधिकारी कार्यालय में जो सीएमएचओ आये वे संजय तिवारी खजांची की सेटिंग से इतने प्रभावित हुये कि तीन वर्ष के अंतराल में भी इनका प्रभार कभी नहीं बदला गया। यदि सीएमएचओ ने बदलने की कोशिश भी किया है तो संजय तिवारी ने उच्चाधिकारियों की सेंटिंग से अपने नाम पर खजांची का प्रभार रखे जाने का आदेश करवाकर ले आये है। 

सीएमएचओ सिवनी के आदेश को निरस्त कराने का किया खेला 

माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में याचिका क्रमांक 18295/2011 में पारित आदेश दिनांक 4 अक्टूबर 2023 के परिपालन में 22 दिसंबर 2023 को कैशियर शाखा का आदेश संजय तिवारी से हटाकर अन्य कर्मचारी को प्रभार सौंपे जाने का आदेश जारी किया गया था।
            इसके बाद भी संजय तिवारी द्वारा अपनी भ्रष्टाचार की सेटिंग की कला का प्रदर्शन करते हुये खजांची की भूख बरकरार रखने के लिये अप्रशिक्षित लेखापाल कर्मचारी संजय तिवारी ने 31 जनवरी 2024 को क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं जबलपुर संभाग में सीएमएचओ सिवनी के द्वारा किये गये आदेश को निरस्त कराने का खेला किया गया है। 

कैशियर का चार्ज यथावत रखने मुख्यमंत्री से लिखवाने के प्रयास में संजय तिवारी 

क्षेत्रिय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं जबलपुर संभाग जबलपुर के अधिकारी के साथ सांठगांठ करते हुये कैशीयर का प्रभार यथावत रखने का प्रयास किया जाकर गतिरोध उत्पन्न करने के बाद माननीय उच्च न्यायालय में याचिका क्रमांक डब्लूपी 04013/2024 में पारित आदेश दिनांक 23 फरवरी 2024 द्वारा क्षेत्रीय संचालक के आदेश पर स्थगन दे दिया गया है।
                    वहीं स्पीकिंग आदेश को दो माह का समय होने के बाद भी संजय तिवारी कैशीयर का प्रभार नहीं सौंप रहे है। सूत्र बताते है कि संजय तिवारी मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से खजांची कैशीयर का आदेश यथावत सेवानिवृत्ति तक बनाये रखने के लिये आदेश कराने की सेटिंग में लगे हुये है। 



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