Type Here to Get Search Results !

ओलंपियन हॉकी प्लेयर समीर दाद खोज रहे सिवनी में प्रतिभावान खिलाड़ी

ओलंपियन हॉकी प्लेयर समीर दाद खोज रहे सिवनी में प्रतिभावान खिलाड़ी

कोनैन दाद इंडिया टीम में शामिल

सिवनी बॉयज क्लब और सर्वोदय ग्रुप के सदस्यों से भेट कर सिवनी हाकी पर हुई महत्पूर्ण चर्चा

सिवनी। गोंडवाना समय। 

खेल विशेषज्ञ, खिलाड़ी, पत्रकार अब्दुल काबिज खान सिवनी ने जानकारी देते हुये बताया कि ओलंपियन हॉकी प्लेयर मोहम्मद समीर दाद को हॉकी विरासत में मिली।


अब तीसरी पीढ़ी में उनके बेटे कोनैन दाद हॉकी मैदान पर अपना हुनर दिखा रहे हैं। जों जल्द आपको इंडियन टीम की तरफ से निदरलेंड बेल्जियम में अपनी कलात्मक हाकी का प्रदर्शन करते हुए दिखेंगे। 

 समीर दाद का परिचय 


नाम-मोहम्मद समीर दाद, जन्म-25 नवंबर 1978, निवासी-भोपल मप्र, खिलाड़ी एयर इंडिया टीम से हॉकी खिलाड़ी है। 

समीर दाद के पिता खुदा दाद, बड़े भाई यूसुफ हॉकी के हीरो रहे 

गौरतलब हो की 10 साल की उम्र से हॉकी खेल रहे समीर दाद के पिता खुदा दाद, बड़े भाई यूसुफ हॉकी के हीरो रहे। पिता से हॉकी सीखी और एयर इंडिया से जुड़कर भारतीय टीम में शामिल होकर ओलंपिक, एशियन और वर्ल्ड कप जैसे बड़े मैदानों पर भारतीय टीम में प्रतिनिधित्व किया।
                नवनिर्मित एस्ट्रोटर्फ सिवनी पर चल  टैलेंट सर्च में अपनी आधिकारिक टीम के पहुंचे समीर मप्र हॉकी अकादमी के लिए खिलाड़ी ढूंढ रहे हैं। समीर के साथ अकादमी के कोच डाक्टर हबीब हसन और लोकेश शर्मा भी उनके साथ मैदान पर सिवनी के खिलाड़ियों का अभ्यास देखकर खिलाड़ियों का हुनर परख रहे हैं। 

सिवनी में टेलेंट की कमी नहीं है 


समीर ने सिवनी के सबसे बड़े खेल क्लब सिवनी बॉयज क्लब और सर्वोदय ग्रुप के सदस्यों से भेट कर सिवनी हाकी पर हुई गंभीर चर्चा के दौरान आपने बताया की सिवनी में टेलेंट की कमी नहीं है, जरूरत हैं हॉकी संघ और हॉकी क्लबों द्वारा नवोदित खिलाड़ियों को सही मार्गदर्शन दिया जाए। ओलंपियन समीर दाद ने कहा खेल उपकरण महंगे हैं। इसलिए जरूरी है कि शासन स्कूली पाठ्यक्रम में खेल अनिवार्य करने के साथ खिलाड़ियों को बढ़ावा देना चाहिए। मिट्टी से टर्फ पर आने के बाद हॉकी तेज खेल हो गया है। पहले टर्निंग फाउल होता था।

समीर दाद की उपलब्धियां

मेन्स नेशनल टीम में 1998 में जर्मनी की टीम के साथ मैच खेला, 2000 में सिडनी में हुए समर ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। जिसमें भारत ने सातवां स्थान बनाया, 1998 बैंकॉक में एशियन गेम्स में प्रतिनिधित्व जिसमें भारत ने 32 साल बाद गोल्ड मैडल जीता, हॉलैंड में सीनियर हॉकी वर्ल्ड कप 1998 में टीम मैंबर, 1997 में इंगलैंड में सिल्वर मैडल जीतने वाली भारतीय टीम के मेंबर आदि।


Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.