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चंदन के 500 पौधे नरेन्द्र गुड्डू ठाकुर ने लगाये, सुरक्षित बड़े भी हुये लेकिन चोरी चले गये

चंदन के 500 पौधे नरेन्द्र गुड्डू ठाकुर ने लगाये, सुरक्षित बड़े भी हुये लेकिन चोरी चले गये 

तहसीलदार पीयूष दुबे ने कैसे कब्जेदार बनाया, वन विभाग ने अपनी विभागीय जिम्मेदारी क्या निभाया ?


सिवनी। गोंडवाना समय। 

चंदन के बगीचे के नाम से कभी सिवनी प्रसिद्ध रहा है। चंदन चोरी काण्ड के नाम पर सिवनी जिला प्रसिद्ध रहा है। असित गोपाल डीएफओ के घर के सामने से भी चंदन का वृक्ष चोरी जाने तक का मामला सुर्खियों में रहा है। चंदन के पौधा लगाने से लेकर काटने तक की अनुमति के लिये वन विभाग से लेकर राजस्व विभाग तक में सूचित करने का भी प्रावधान है।
                    


सिवनी जिले में भी नरेन्द्र गुड्डू ठाकुर भाजपा युवा नेता के द्वारा 25 मार्च 2015 को एक आवेदन तहसीलदार को चंदन के पौधारोपण दर्ज कराने के लिये आवेदन प्रस्तुत किया गया था। जिसकी प्रतिलिपि भू अभिलेख अधीक्षक व वन परिक्षेत्र अधिकारी सिवनी को दिया गया था। 

अनूप सिंह पुत्र ज्ञान सिंह बगैरह के नाम से राजस्व अभिलेख में दर्ज है 

हम आपको बता दे कि भाजपा युवा नेता नरेन्द्र गुड्डू ठाकुर के द्वारा ग्राम गोपालगंज प.ह.नं. 132 रा.नि. मं. सिवनी भाग-1 में स्थित कृषि भूमि खसरा नंबर 783 रकबा 2.55 हैक्टेयर जो कि अनूप सिंह पुत्र ज्ञान सिंह बगैरह के नाम से राजस्व अभिलेख में दर्ज है। जिसमें नरेन्द्र गुड्डू ठाकुर ने यह भी उल्लेख किया था कि लगभग 9-10 वर्षों से मेरे द्वारा उपरोक्त कृषि भूमि पर कृषि कार्य किया जा रहा है तथा खसरा फार्म पी-2 के क्रमांक 12 कैफियत में नायब तहसीलदार के रा.प्र.क्र. 4304/बी-121/2012-13 के अनुसार नरेन्द्र सिंह ठाकुर के नाम से कब्जा दर्ज है। 

 5-6 वर्षों से चंदन के पौधो को लगाने पर सुरक्षित बड़े वृक्ष हो गये है

आगे यहां यह भी उल्लेखनीय है कि तहसीलदार सिवनी को प्रस्तुत आवेदन में भाजपा युवा नेता नरेन्द्र गुड्डू  ठाकुर ने यह भी उल्लेख किया था कि लगभग 9-10 वर्षों से उपरोक्त कृषि भूमि पर कृषि कार्य किया जा रहा है। उपरोक्त भूमि पर मेरे द्वारा 5-6 वर्षों से चंदन के पौधो का वृक्षारोपण कर पौधारोपण किया गया है जो कि अब सुरक्षित बड़े वृक्ष हो गये है। इन चंदन के वृक्षों की संख्या लगभग 500 वृक्ष है। उपरोक्त वर्णित चंदन के वृक्षों के गिनती कर दर्ज करने की आग्रह नरेन्द्र गुड्डू ठाकुर के द्वारा किया गया था। 

चंदन के वृक्षों को सरकारी दस्तावेजों में दर्ज किया गया था या नहीं ?

अब सवाल यह उठता है कि भाजपा युवा नेता नरेन्द्र ग़ुड्डू ठाकुर के द्वारा यदि 500 चंदन के पौधे लगाये गये थे और वह सुरक्षित बड़े हो गये थे। उन्हें वन विभाग और राजस्व विभाग ने सरकारी दस्तावेजों में दर्ज किया गया था या नहीं यह पड़ताल जारी है। हालांकि गोंडवान समय जब नरेन्द्र गुड्डू ठाकुर से चर्चा हुई तो उन्होंने बताया कि चंदन वृक्ष चोरी चले गये थे और कुछ मृत हो गये थे। चंदन जैसे कीमती वृक्षों को लेकर सिवनी जिले का वन विभाग और राजस्व विभाग सिवनी कितना गंभीर व संवेदनशील रहा है। इसको लेकर विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली जा रही है। 

नरेन्द्र गुड्डू ठाकुर का कब्जा के कॉलम में नाम चढ़ाने पीयूष दुबे तहसीलदार ने किया था आदेश 

पीयूष दुबे तहसीलदार का नाम भूमाफिया बहुत अच्छे से जानते है और आज भी उनकी तारिफ करना नहीं भूलते है। प्रशंसा में यह कहते है कि पीयूष तहसीलदार के कार्यकाल में हमारे कोई काम नहीं रूकते थे। ऐसी ही कुछ पीयूष दुबे तहसीलदार ने भाजपा युवा नेता नरेन्द्र गुड्डू ठाकुर के मामले में कब्जा के कॉलम में नाम दर्ज करके राजस्व विभाग का नाम रोशन करके दिखाया है।
                    जबकि जानबकार बताते है कि कब्जा के कॉलम के नाम दर्ज करने के लिये पूर्व तहसीलदार ने इंकार कर दिया था लेकिन उसी कॉलम में कब्जेदार के रूप में नाम चढ़ाने के लिये पीयूष दुबे तहसीलदार ने आदेश कर दिया था। हालांकि राजस्व विभाग में कुछ तहसीलदार और अधिकारी ऐसे है जो दिलेरी से कहते है कि जो काम कोई नहीं कर सकता है वो काम हमारे पास ले आओ हम करके देंगे। 

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