चंदन चोरी की नरेन्द्र गुड्डू ठाकुर ने रिपोर्ट दर्ज कराने किया था शिकायत
अधियार बनवारीलाल चक्रवर्ती ने भी लखनवाड़ा थाना में की थी शिकायत
चंदन चोरी के मामले में सिवनी जिले का वन विभाग, पुलिस विभाग, राजस्व विभाग की भूमिका संदिग्ध
सिवनी। गोंडवाना समय।
वीरप्पन चंदन के मामले में पूरे देश में प्रसिद्ध रहा है। मध्यप्रदेश में सिवनी जिले का वन विभाग चंदन जैसे कीमती वृक्षों के मामले में वन माफियाओं के साथ ही रहा है इसलिये सिवनी जिला जो कि कभी चंदन के वृक्ष के नाम से फैमश था वह कलंक लगाने का काम वन विभाग के अफसरों और राजस्व विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों ने बखूबी निभाया है।
चंदन चोरी के कारनामे सिवनी जिले में प्रसिद्ध रहे है। वन माफियाओं का आतंक चंदन के साथ साथ सागौन में ही मचा हुआ है। वन विभाग की सांठगांठ के कारण वन माफियाओं का हौंसले बुलंद है।
सिवनी जिला मुख्यालय से मात्र 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गोपालगंज के समीप वन परिक्षेत्र सिवनी के अंतर्गत चंदन के वृक्षों की चोरी की घटना ने वन विभाग के अफसरों की पोल खोल कर रख दिया है कि वह वन विभाग जहां से तिजोरी भर भर कर वेतन ले रहे है लेकिन अपना कर्तव्य चंदन चोरों के साथ मिलकर निभा रहे है।
500 पौधों को राजस्व रिकार्ड में दर्ज करने तहसीलदार को दिया था आवेदन
हम आपको बता दे कि सिवनी जिले में भी नरेन्द्र गुड्डू ठाकुर भाजपा युवा नेता के द्वारा 25 मार्च 2015 को एक आवेदन तहसीलदार को चंदन के पौधारोपण दर्ज कराने के लिये आवेदन प्रस्तुत किया गया था। जिसकी प्रतिलिपि भू अभिलेख अधीक्षक व वन परिक्षेत्र अधिकारी सिवनी को दिया गया था।
जिसमें यह उल्लेख किया गया था कि ग्राम गोपालगंज प.ह.नं. 132 रा.नि. मं. सिवनी भाग-1 में स्थित कृषि भूमि खसरा नंबर 783 रकबा 2.55 हैक्टेयर जो कि अनूप सिंह पुत्र ज्ञान सिंह बगैरह के नाम से राजस्व अभिलेख में दर्ज है। जिसमें नरेन्द्र गुड्डू ठाकुर ने यह भी उल्लेख किया था कि लगभग 9-10 वर्षों से मेरे द्वारा उपरोक्त कृषि भूमि पर कृषि कार्य किया जा रहा है तथा खसरा फार्म पी-2 के क्रमांक 12 कैफियत में नायब तहसीलदार के रा.प्र.क्र. 4304/बी-121/2012-13 के अनुसार नरेन्द्र सिंह ठाकुर के नाम से कब्जा दर्ज है।
तहसीलदार सिवनी को प्रस्तुत आवेदन में भाजपा युवा नेता नरेन्द्र गुड्डू ठाकुर ने यह भी उल्लेख किया था कि लगभग 9-10 वर्षों से उपरोक्त कृषि भूमि पर कृषि कार्य किया जा रहा है। उपरोक्त भूमि पर मेरे द्वारा 5-6 वर्षों से चंदन के पौधो का वृक्षारोपण कर पौधारोपण किया गया है जो कि अब सुरक्षित बड़े वृक्ष हो गये है। इन चंदन के वृक्षों की संख्या लगभग 500 वृक्ष है। उपरोक्त वर्णित चंदन के वृक्षों के गिनती कर दर्ज करने की आग्रह नरेन्द्र गुड्डू ठाकुर के द्वारा किया गया था।
500 चंदन के पौधे लगाये गये थे और वह सुरक्षित बड़े हो गये थे
भाजपा युवा नेता नरेन्द्र ग़ुड्डू ठाकुर के द्वारा यदि 500 चंदन के पौधे लगाये गये थे और वह सुरक्षित बड़े हो गये थे। इसके साथ ही उनके अधियार बनवारीलाल चक्रवर्ती निवासी गोपालगंज और स्वयं नरेन्द्र गुड्डू ठाकुर ने चंदन चोरी करने की शिकायत श्यामा बाई लुहार, सरसता बाई लुहार, श्यामकला बाई लुहार, उषा बाई चंद्रवंशी की शिकायत अवैध रूप से चंदन के पेड़ों की कटाई, पेड़ चुराकर ले जाने पर कानूनी कार्यवाही के लिये लखनवाड़ा पुलिस एवं तहसीलदार सिवनी को की गई थी।
चंदन चोरी करने वाली महिलाओं के खिलाफ दिया था शिकायत
शिकायत में यह उल्लेख किया गया था कि गोपालगंज प.ह.नं. 132 रा.नि.मं. सिवनी भाग 1 तहसील व सिवनी में स्थित कृषि भूमि खसरा नंबर 783 रकबा 2.55 हेक्टेयर में चंदन के पौधो का रोपण किया गया है जिसकी देखभाल अधियार बनवारीलाल चक्रवर्ती करता है।
वहां पर 2 फरवरी 2017 को श्यामा बाई, सरसता बाई, श्यामकला बाई एवं उषा बाई तथा कुछ अन्य महिलाएं चंदन की लकड़ी काटकर चोरी से ले जा रही थी और चंदन की लकड़ियों को कहीं ओर रखने के बाद पुन: चंदन की लकड़िया काट रही थी। जिसकी फोटो अधियार बनवारीलाल चक्रवर्ती ने अपने मोबाईल से फोटो खींचा लिया था फिर इसकी सूचना नरेन्द्र गुड्डू ठाकुर को दिया था।
इसके बाद नरेन्द्र गुड्डू ठाकुर और उनके दोस्त मनोज नामदेव मौके पर पहुंचे थे। वहीं जब उन्होंने लकड़ी काटने से रोका तो उन्होंने अमर्यादित अपशब्दों में गंदी गंदी गालियां बका था और उनके हाथ में कुल्हाड़ी व हथियार भी थे। जबरदस्ती चंदन की लकड़ी लेकर भाग गये थे। जिसके प्रमाण मोबाइल के कैमरे में भी इनके पास मौजूद थे जिसे पुलिस थाना व तहसीलदार को शिकायती आवेदन के साथ प्रस्तुत किया गया था।
चंदन चोरी के मामले में आखिर वन विभाग ने क्यों संज्ञान नहीं लिया ?
ंचंदन चोरी के मामले में आखिर वन विभाग ने क्यों संज्ञान नहीं लिया। लखनवाड़ा पुलिस थाना ने क्या कार्यवाही किया। राजस्व विभाग से तहसीलदार ने क्या कार्यवाही किया यह प्रक्रिया संदिग्ध भूमिका की ओर इशारा करती है। चंदन जैसे कीमती पौधे के मामले में आखिर सिवनी जिले के वन विभाग के अफसरों की लापरवाही भी उजागर होती है।
सबसे अहम बात यह है कि जो 500 के चंदन के पौधे नरेन्द्र गुड्डू ठाकुर द्वारा लगाये गये थे जिसे राजस्व रिकार्ड में दर्ज कराने का आग्रह उन्होंने किया था उसे राजस्व रिकार्ड में दर्ज किया गया या नहीं। वहीं वन परिक्षेत्र अधिकारी सिवनी ने अपना कर्तव्य चंदन के पौधों के मामले में क्या जिम्मेदारी निभाया। यह सब संदेह के घेरे में है। हालांकि सिवनी जिला सभी प्रकार के माफियाओं के लिये सुरक्षित जिला माना जाता है।


