मनोज आहूजा भूमाफिया ने आदिवासी की जमीन खरीदने अनुमति लेने में किया झोल ?
धोखाधड़ी कर मनोज आहूजा ने ठेका की बात कर आदिवासी की जमीन की करवा लिया रजिस्ट्री
भूमाफिया मनोज आहूजा को आदिवासी आरक्षित बरघाट विधानसभा में आदिवासियों का शोषण करने की मिली छूट
बरघाट। गोंडवाना समय।
आदिवासी की जमीनों के लुटरे डकैतों के लिये मध्यप्रदेश सबसे सुरक्षित प्रदेश होने में प्रसिद्धी पा रहा है। सिवनी जिले में आदिवासी की जमीन पर गैर आदिवासी का कब्जा होने के आधार पर रजिस्ट्री हो जाती है।
कलेक्टर और अपर कलेक्टर कार्यालय में आदिवासी की जमीनों की गैर आदिवासी को अनमुति देने में भूमाफियाओं का गजब का नेटवर्क है, दिन के उजाले से लेकर रात के अंधेरे तक ऐसी सांठगांठ है कि कलेक्टर कार्यालय के ही कई कर्मचारियों ने आदिवासी की जमीनों को अपने परिवारजनों के नाम खरीद लिया है।
आदिवासी की जमीनों को गैर आदिवासी को विक्रय हेतु अनुमति दिये जाने में पारिवारिक सहमति से लेकर, पूरी प्रक्रिया में जिस तरह से कार्यप्रणाली अपनाई जा रही है उसमें जनजाति वर्ग का शोषण स्पष्ट नजर आता है लेकिन अनुमति की प्रक्रिया को अंजाम देने वाले संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों का अर्थलिप्सा के चलते जनजाति वर्ग भूमिहीन तक हो जाता है। ऐसे कई प्रमाण मौजूद है लेकिन लोकतंत्र संविधान की दुहाई देने वाली भाजपा सरकार के राजपाठ में जनजातिय वर्ग की सुनने वाला कोई नहीं है।
अनुमति के नियमों को कुचल रहे भूमाफिया
हम आपको बता दे कि सिवनी जिले में आदिवासी की जमीनों की विक्रय हेतु गैर आदिवासियों को अनुमति देने में सिवनी जिले में जनजाति वर्ग की हित अधिकारों को कुचल कर रौंदने का काम भूमाफियाओं के द्वारा प्रशासन के साथ सांठगांठ करके किया जा रहा है।
बरघाट मुख्यालय में बेशकीमती जमीन को खरीदने के लिये भूमाफिया मनोज आहूजा जो कि जमीनों की खरीदी बिक्री का कार्य करता है उसके द्वारा आदिवासी की जमीन को खरीदा गया है। जिसमें आदिवासी की जमीन की विक्रय हेतु ली गई अनुमति में बड़ा ही झोल है।
वहीं रजिस्ट्री करने वाले बरघाट उप पंजीयक रजिस्ट्रार कार्यालय की भूमिका भी संदिगध है। रजिस्ट्री में अनुमति के संबंध में जिस राजस्व प्रकरण का क्रमांक का उल्लेख किया गया है उसका रिकार्ड को खंगालने में विभाग को ही बहुत मशक्कत करना पड़ रहा है।
प्रशासन द्वारा संरक्षण दिया जाने से मनोज आहूजा के हौंसले बुलंद
पीड़ित आदिवासी महिला सहित अन्य लोगों ने भूमाफिया मनोज आहूजा की शिकायत किया है कि ठेका के नाम पर धोखाधड़ी करते हुये जमीन की रजिस्ट्री करवा लिया है। जिस तरह से आदिवासी आरक्षित विधानसभा क्षेत्र बरघाट में भूमाफिया मनोज आहूजा को बरघाट और सिवनी जिले के प्रशासन द्वारा संरक्षण दिया जाने से मनोज आहूजा के हौंसले बुलंद हो रहे है।
इसी का फायदा उठाकर भूमाफिया मनोज आहूजा बेखौफ होकर आदिवासियों के देवस्थलों को तक खुर्द बुर्द करने में कोई संकोच नहीं कर रहा है। मनोज आहूजा द्वारा आदिवासी की जमीन की बिक्रय हेतु ली गई अनुमति का रिकार्ड, आदिवासी महिला द्वारा दर्ज कराई एनसीआर सहित पूरी कुंडली का रिकार्ड खंगालकर प्रमाणिकता के साथ प्रकाशित किया जायेगा।



